﻿।/PUNC ।/PUNC श्रीमद्भगवद्गीता/NS ।/PUNC ।/PUNC    
नारायणः/NP परः/SN अव्यक्तात्/NP अण्डम्/NP अव्यक्तसम्भवम्/NP ।/PUNC
अण्डस्य/NP अन्तः/A तु/A इमे/SNV लोकाः/NP सप्त/SMKY द्वीपाः/NP च/APY मेदिनी/NP ।/PUNC ।/PUNC सः/SNV भगवान्/NP सृष्ट्वा/KKS इदम्/SNV जगत्/NP ,/PUNC तस्य/SN च/AVK स्थितिम्/NP चिकीर्षुः/KP ,/PUNC मरीच्यादीन्/NS अग्रे/A सृष्ट्वा/KKS प्रजापतीन्/NS ,/PUNC प्रवृत्तिलक्षणम्/NV धर्मम्/NP ग्राहयामास/KP वेदोक्तम्/NV ।/PUNC ततः/A अन्यान्/SN नकसनन्दनादीन्/NS उत्पाद्य/KKS निवृत्तिलक्षणम्/NV धर्मम्/NP ज्ञानवैराग्यलक्षणम्/NV ग्राहयामास/KP ।/PUNC द्विविधः/NP हि/A वेदोक्तः/NV धर्मः/NP ,/PUNC प्रवृत्तिलक्षणः/NV निवृत्तिलक्षण:/NV च/APY ,/PUNC जगतः/NP स्थितिकारणम्/NP ।/PUNC प्राणिनाम्/NP साक्षात्/A अभ्युदयनिः/NP श्रेयसहेतुः/NP यः/SN सः/SNV धर्मः/NP ब्राह्मणाद्यैः/NP वर्णिभिः/NP आश्रमिभिः/NP च/APY श्रेयोर्थिभिः/NV अनुष्ठीयमानः/KN दीर्घेण/NV कालेन/NP ।/PUNC अनुष्ठातॄणाम्/NP कामोद्भवान्/NV हीयमान/KN विवेक/NP विज्ञान/NP हेतुकेन/NP अधर्मेण/NP अभिभूयमाने/KN धर्मे/NP प्रवर्धमाने/KN च/APY अधर्मे/NP ,/PUNC जगतः/KN स्थितिम्/NP परिपिपालयिषुः/KP सः/SNV आदिकर्ता/NV नारायणाख्यः/NP विष्णुः/NS ,/PUNC भौमस्य/NP ब्रह्मणः/NS ब्राह्मणत्वस्य/NP रक्षणार्थम्/NP ,/PUNC देवक्याम्/NS वसुदेवादंशेन/NS कृष्णः/NS किल/A संबभूव/KP ।/PUNC ब्राह्मणत्वस्य/NP हि/A रक्षणे/NP ,/PUNC रक्षितः/KN स्यात्/KP वैदिकः/NV धर्मः/NP ,/PUNC तत्/SN अधीनत्वात्/NP वर्णाश्रमभेदानाम्/NP ।/PUNC ।/PUNC
सः/SNV च/AVK भगवान्/NP ज्ञानैश्वर्यशक्तिबलवीर्यतेजोभिः/NP सदा/A संपन्नः/KN ,/PUNC त्रिगुणात्मिकाम्/NV स्वाम्/SNV मायाम्/NP मूलप्रकृतिम्/NP वशीकृत्य/KKS अजः/NV अव्ययः/NV भूतानाम्/NP ईश्वरः/NP नित्यशुद्धबुद्धमुक्तस्वभावः/NV अपि/APY सन्/KKS ,/PUNC स्वमायया/NP देहवान्/NV इव/ASD जातः/KN इव/ASD च/AVK लोकानुग्रहम्/NP कुर्वन्/KNV लक्ष्यते/KP ।/PUNC स्वप्रयोजनाभावे//NP अपि/A ,/PUNC भूतानुजिघृक्षया/NP वैदिकम्/NV धर्मद्वयम्/SMKY अर्जुनाय/NS शोकमोहमहोदधौ/NP निमग्नाय/NP उपदिदेश/KP ,/PUNC गुणाधिकैः/NP हि/A गृहीतः/KN अनुष्ठीयमानः/KN च/AVK धर्मः/NP प्रचयम्/NP गमिष्यति/KP इति/AUD ।/PUNC तम्/SNV धर्मम्/NP यथा/ASD उपदिष्टम्/KN वेदव्यासः/NS सर्वज्ञः/NV भगवान्/NP गीताख्यैः/NP सप्तभिः/SMKY श्लोकशतैः/NP उपनिबबन्ध/KP ।/PUNC ।/PUNC 
तत्/SN इदम्/SNV गीताशास्त्रम्/NP समस्तवेदार्थसारसंग्रहभूतम्/NV र्विज्ञेयार्थम्/NV ,/PUNC तदर्थाविष्करणाय/NP अनेकैः/SN विवृतपदपदार्थवाक्यार्थन्यायम्/NP अपि/APY अत्यन्तविरुद्धानेकार्थत्वेन/NP लौकिकैः/NP गृह्यमाणम्/KN उपलभ्य/KKS अहम्/SN विवेकतः/KN अर्थनिर्धारणार्थम्/NP संक्षेपतः/KN विवरणम्/NP करिष्यामि/KP ।/PUNC ।/PUNC
तस्य/SN अस्य/SNV गीताशास्त्रस्य/NP संक्षेपतः/KN प्रयोजनम्/NP परम्/A निःश्रेयसम्/NV सहेतुकस्य/NP संसारस्य/NP अत्यन्तोपरमलक्षणम्/NV ।/PUNC तत्/SN च/AVK सर्वकर्मसंन्यासपूर्वकात्/NV आत्मज्ञाननिष्ठारूपात्/NV धर्मात्/NP भवति/KP ।/PUNC तथा/AVK इमम्/SN एव/INTF गीतार्थम्/NP धर्मम्/NP उद्दिश्य/KKS भगवता/NP एव/INTF उक्तम्/KN -/PUNC '/PUNC सः/SNV हि/A धर्मः/NP सुपर्याप्तः/KN ब्रह्मणः/NP पदवेदने/NP '/PUNC इति/AUD अनुगीतासु/NS ।/PUNC तत्र/A एव/INTF च/AVK उक्तम्/KN -/PUNC '/PUNC न/AN एव/INTF धर्मी/NV न/AN च/APY अधर्मी/NV न/AN च/APY एव/INTF हि/A शुभाशुभी/NV ।/PUNC यः/SN स्यात्/KP एकासने/NP लीनः/KN तूष्णीम्/NP किञ्चित्/A अचिन्तयन्/KP ।/PUNC ।/PUNC '/PUNC इति/AUD ,/PUNC '/PUNC ज्ञानम्/NP संन्यासलक्षणम्/NP '/PUNC इति/AUD च/AVK ।/PUNC इह/A अपि/A च/AVK अन्ते/A उक्तम्/KN अर्जुनाय/NS -/PUNC '/PUNC सर्व/SNV धर्मान्/NP परित्यज्य/KKS माम्/SN एकम्/SMKY शरणम्/NP व्रज/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC अभ्युदयार्थः/NP अपि/A यः/SSN प्रवृत्तिलक्षणः/NV धर्मः/NP वर्णान्/NP आश्रमान्/NP च/APY उद्दिश्य/KKS विहितः/KN ,/PUNC सः/SSN देवादिस्थानप्राप्तिहेतुः/NP अपि/A सन्/KKS ,/PUNC ईश्वरार्पणबुद्ध्या/NP अनुष्ठीयमानः/KN सत्त्वशुद्धये/NP भवति/KP फलाभिसन्धिवर्जितः/KN ।/PUNC शुद्ध/NV सत्त्वस्य/NP च/AVK ,/PUNC ज्ञाननिष्ठायोग्यताप्राप्तिद्वारेण/NP ज्ञानोत्पत्तिहेतुत्वेन/NP च/APY निःश्रेयसहेतुत्वम्/NP अपि/APY प्रतिपद्यते/KP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK इमम्/SNV अर्थम्/NP अभिसन्धाय/NP वक्ष्यति/KP -/PUNC '/PUNC ब्रह्मणि/NS आधाय/KKS कर्माणि/NP '/PUNC ,/PUNC '/PUNC योगिनः/NP कर्म/NP कुर्वन्ति/KP सङ्गम्/NP त्यक्त्वा/KKS आत्मशुद्धये/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC ।/PUNC
इमम्/SN द्विप्रकारम्/NV धर्मम्/NP निःश्रेयसप्रयोजनम्/NV परम्ब्रम्ह्माभिधेयभूतम्/NV विशेषतः/KN अभिव्यञ्जयत्/KP ,/PUNC विशिष्ट/NV प्रयोजनसंबन्धाभिधेयवत्/ASD गीताशास्त्रम्/NP ।/PUNC यतः/A तदर्थविज्ञाने/NP समस्तपुरुषार्थसिद्धिः/NP ,/PUNC अतः/A तत्/SN विवरणे/NP यत्नः/KN क्रियते/KP मया/SN ।/PUNC ।/PUNC
धृतराष्ट्रः/NS उवाच/KP
धर्मक्षेत्रे/NP कुरुक्षेत्रे/NP समवेताः/KN युयुत्सवः/NP ।/PUNC
मामकाः/SN पाण्डवाः/NP च/APY एव/INTF किम्/SN अकुर्वत/KP सञ्जय/NS ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC 
सञ्जयः/NS उवाच/KP
दृष्ट्वा/KKS तु/A पाण्डवानीकम्/NP व्यूढम्/NV दुर्योधनः/NV तदा/A ।/PUNC
आचार्यम्/NP उपसङ्गम्य/KKS राजा/NP वचनम्/NP अब्रवीत्/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
पश्य/KP एताम्/SNV पाण्डुपुत्राणाम्/NP आचार्य/U महतीम्/NV चमूम्/NP ।/PUNC
व्यूढाम्/NV द्रुपदपुत्रेण/NP तव/SN शिष्येण/NP धीमता/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
अत्र/A शूराः/NP महेष्वासाःमार्जुनसमाः/NP युधि/NP ।/PUNC
युयुधानः/NS विराटः/NS च/APY द्रुपदः/NS च/APY महारथः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
धृष्टकेतुः/NS चेकितानः/NS काशिराजः/NV च/APY वीर्यवान्/NV ।/PUNC
पुरुजित्/NS कुन्तिभोजः/NS च/APY शैब्यः/NS च/APY नरपुङ्गवः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
युधामन्युः/NS च/APY विक्रान्तः/NS उत्तमौजाः/NS च/APY वीर्यवान्/NV ।/PUNC
सौभद्रः/NS द्रौपदेयाः/NS च/APY सर्वे/SNV एव/INTF महारथाः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
अस्माकम्/SN तु/A विशिष्टाः/NV ये/SN तान्/SN निबोध/KP द्विज/NP उत्तम/NV ।/PUNC    
नायकाः/NP मम/SN सैन्यस्य/NP संज्ञार्थम्/NP तान्/SN ब्रवीमि/KP ते/SN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
भवान्/SN भीष्मः/NS च/APY कर्णः/NS च/APY कृपः/NS च/APY समितिञ्जयः/NP ।/PUNC
अश्वत्थात्मा/NS विकर्णः/NS च/APY सौमदत्तिः/NS तथा/AVK एव/INTF च/APY ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
अन्ये/SN च/AVK बहवः/NV शूराः/NP मदर्थे/NP त्यक्तजीविताः/KN ।/PUNC
नाना/NV शस्त्रप्रहरणाः/NP सर्वे/SNV युद्धविशारदाः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
अपर्याप्तम्/NV तत्/SN अस्माकम्/SN बलम्/NP भीष्माभिरक्षितम्/KN ।/PUNC
पर्याप्तम्/KN तु/A इदम्/SN एतेषाम्/SNV बलम्/NP भीमाभिरक्षितम्/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
अयनेषु/NP च/AVK सर्वेषु/SN यथाभागम्/NP अवस्थिताः/KN ।/PUNC
भीष्मम्/NS एव/INTF अभि/AUP रक्षन्तु/KP भवन्तः/SN सर्वे/SN एव/INTF हि/A ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
तस्य/SNV सञ्जनयन्/KNV हर्षम्/NP कुरु/KP वृद्धः/NV पितामहः/NP ।/PUNC
सिंहनादम्/NP विनद्य/KKS उच्चैः/KV शङ्खम्/NP दध्मौ/KP प्रतापवान्/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
ततः/A शङ्खाः/NP च/APY भेर्यः/NP च/APY पणवानकगोमुखाः/NV ।/PUNC
सहसा/KV एव/INTF अभ्यहन्यन्त/KN सः/SNV शब्दः/NP तुमुलः/NP अभवत्/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
ततः/A श्वेतैः/NV हयैः/NP युक्ते/KN महति/NV स्यन्दने/NP स्थितौ/KN ।/PUNC
माधवः/NS पाण्डवः/NS च/APY एव/INTF दिव्यौ/NV शङ्खौ/NP प्रदध्मतुः/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
पाञ्चजन्यम्/NS हृषीकेशः/NS देवदत्तम्/NS धनञ्जयः/NS ।/PUNC
पौण्ड्रम्/NS दध्मौ/KP महा/NV शङ्खम्/NP भीमकर्मा/NV वृकोदरः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
अनन्तविजयम्/NV राजा/NP कुन्तीपुत्रः/NP युधिष्ठिरः/NS ।/PUNC
नकुलः/NS सहदेवः/NS च/APY सुघोषमणिपुष्पकौ/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
काश्यः/NS च/AVK परमेष्वासः/NV शिखण्डी/NS च/APY महारथः/NV ।/PUNC
धृष्टद्युम्नः/NS विराटः/NS च/APY सात्यकिः/NS च/APY अपराजितः/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
द्रुपदः/NS द्रौपदेयाः/NS च/APY सर्वशः/A पृथिवीपते/NV ।/PUNC
सौभद्रः/NS च/APY महाबाहुः/NV शङ्खान्/NP दध्मुः/KP पृथक्/A पृथक्/DV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
सः/SNV घोषः/NP धार्तराष्ट्राणाम्/NS हृदयानि/NP व्यदारयत्/KP ।/PUNC
नभः/NP च/AVK पृथिवीम्/NP च/APY एव/INTF तुमुलः/NP व्यनुनादयन्/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
अथ/A व्यवस्थितान्/NP दृष्ट्वा/KKS धार्तराष्ट्रान्/NS कपिध्वजः/NP ।/PUNC
प्रवृत्ते/KN शस्त्रसंपाते/NV धनुः/NP उद्यम्य/KKS पाण्डवः/NS ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
हृषीकेशम्/NS तदा/A वाक्यम्/NP इदम्/SN आह/KP महीपते/NV ।/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
सेनयोः/NP उभयोः/SN मध्ये/NP रथम्/NP स्थापय/KP मे/SN अच्युत/NS ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
यावत्/A एतान्/SN निरीक्षे/KP अहम्/SN योद्धुकामान्/NP अवस्थितान्/NP ।/PUNC
कैः/SN मया/SN सह/AUP योद्धव्यम्/NP अस्मिन्/SNV रणसमुद्यमे/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
योत्स्यमानान्/NP अवेक्षे/KP अहम्/SN ये/SN एते/SN अत्र/A समागताः/KN ।/PUNC
धार्तराष्ट्रस्य/NS दुर्बुद्धेः/NP युद्धे/NP प्रियचिकीर्षवः/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
एवम्/ASD उक्तः/KN हृषीकेशः/NV गुडाकेशेन/NV भारत/NS ।/PUNC
सेनयोः/NP उभयोः/SN मध्ये/NP स्थापयित्वा/KKS रथोत्तमम्/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
भीष्म/NS द्रोण/NS प्रमुखतः/KN सर्वेषाम्/SN च/APY महीक्षिताम्/NP ।/PUNC
उवाच/KP पार्थ/NS पश्य/KP एतान्/SNV समवेतान्/NP कुरून्/KP इति/AUD ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
तत्र/A अपश्यत्/KP स्थितान्/NP पार्थः/NS पितॄन्/NP अथ/A पिता/NP महान्/NV ।/PUNC
आचार्यान्/NP मातुलान्/NP भ्रातॄन्/NP पुत्रान्/NP पौत्रान्/NP सखीन्/NP तथा/APY ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
श्वशुरान्/NP सुहृदः/NP च/APY एव/INTF सेनयोः/NP उभयोः/SN अपि/A ।/PUNC
तान्/SN समीक्ष्य/KKS सः/SNV कौन्तेयः/NP सर्वान्/SNV बन्धून्/NP अवस्थितान्/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC 
कृपया/NP परया/SN आविष्टः/KN विषीदन्/NP इदम्/SN अब्रवीत्/KP ।/PUNC 
अर्जुन/NS उवाच/KP
दृष्ट्वा/KKS इमम्/SNV स्वजनम्/NP कृष्ण/NS युयुत्सुम्/KP समुपस्थितम्/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
सीदन्ति/KP मम/SN गात्राणि/NP मुखम्/NP च/APY परिशुष्यति/KP ।/PUNC
वेपथुः/NP च/AVK शरीरे/NP मे/SN रोमहर्षः/NP च/APY जायते/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
गाण्डीवम्/NS स्रंसते/KP हस्तात्/NP त्वक्/NS च/AVK एव/INTF परिदह्यते/KP ।/PUNC
न/AN च/AVK शक्नोमि/KP अवस्थातुम्/KKS भ्रमति/KP इव/ASD च/AVK मे/SN मनः/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
निमित्तानि/NP च/AVK पश्यामि/KP विपरीतानि/NP केशव/NS ।/PUNC
न/AN च/AVK श्रेयः/NP अनुपश्यामि/KP हत्वा/KKS स्वजनम्/NP आहवे/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
न/AN काङ्क्षे/KP विजयम्/NP कृष्ण/NS न/AN च/AVK राज्यम्/NP सुखानि/NP च/APY ।/PUNC
किम्/SN नो/AN राज्येन/NP गोविन्द/NS किम्/SN भोगैः/NP जीवितेन/NP वा/A ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC 
येषाम्/SN अर्थे/NP काङ्क्षितम्/KN नो/AN राज्यम्/NP भोगाः/NP सुखानि/NP च/APY ।/PUNC
ते/SN इमे/SN अवस्थिताः/KN युद्धे/NP प्राणान्/NP त्यक्त्वा/KKS धनानि/NP च/APY ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
आचार्याः/NP पितरः/NP पुत्राः/NP तथा/AVK एव/INTF च/APY पितामहाः/NP ।/PUNC
मातुलाः/NP श्वशुराः/NP पौत्राः/NP श्यालाः/NP सम्बन्धिन:/NP तथा/APY ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
एतान्/SN न/AN हन्तुम्/KKS इच्छामि/KP घ्नतः/KN अपि/A मधुसूदन/NS ।/PUNC
अपि/A त्रैलोक्यराज्यस्य/NP हेतोः/NP किम्/SN नु/A महीकृते/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
निहत्य/KKS धार्तराष्ट्रान्/NS नः/SN का/SN प्रीतिः/NP स्यात्/KP जनार्दन/NV ।/PUNC
पापम्/NP एव/INTF आश्रयेत्/KP अस्मान्/SN हत्वा/KKS एतान्/SNV आततायिनः/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
तस्मात्/SN न/AN अर्हा/NP वयम्/SN हन्तुम्/KKS धार्तराष्ट्रान्/NS स्वबान्धवान्/NP ।/PUNC
स्वजनम्/NP हि/A कथम्/A हत्वा/KKS सुखिनः/NP स्याम/KP माधव/NS ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC
यदि/AVK अपि/A एते/SN न/AN पश्यन्ति/KP लोभोपहतचेतसः/NP ।/PUNC
कुलक्षयकृतम्/KN दोषम्/NP मित्रद्रोहे/NP च/APY पातकम्/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
कथम्/A न/AN ज्ञेयम्/NP अस्माभिः/SN पापात्/NP अस्मान्/SN निवर्तितुम्/KKS ।/PUNC
कुलक्षयकृतम्/KN दोषम्/NP प्रपश्यद्भिः/NP जनार्दन/NS ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
कुलक्षये/NP प्रणश्यन्ति/KP कुलधर्माः/NP सनातनाः/NV ।/PUNC
धर्मे/NP नष्टे/KN कुलम्/NP कृत्स्नम्/NP अधर्मः/NP अभि/AUP भवति/KP उत/AVK ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
अधर्माभिभवात्/NP कृष्ण/NS प्रदुष्यन्ति/KP कुलस्त्रियः/NP ।/PUNC
स्त्रीषु/NP दुष्टासु/NP वार्ष्णेय/NP जायते/KP वर्णसङ्करः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
सङ्करः/NP नरकाय/NP एव/INTF कुलघ्नानाम्/NP कुलस्य/NP च/APY ।/APY
पतन्ति/KP पितरो/NP हि/A एषाम्/SNV लुप्तपिण्डोदकक्रियाः/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
दोषैः/NP एतैः/SN कुलघ्नानाम्/NP वर्णसङ्करकारकैः/NP ।/PUNC
उत्साद्यन्ते/KP जातिधर्माः/NP कुलधर्माः/NP च/APY शाश्वताः/NV ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC
उत्सन्नकुलधर्माणाम्/NP मनुष्याणाम्/NP जनार्दन/NS ।/PUNC
नरके/NP नियतम्/KN वासः/NP भवति/KP इति/AUD अनुशुश्रुम/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 44/PUNC ।।/PUNC
अहो/ABS बत/A महा/NV पापम्/NP कर्तुम्/KKS व्यवसिताः/KN वयम्/SN ।/PUNC 
यत्/SN राज्यसुखलोभेन/NP हन्तुम्/KKS स्वजनम्/NP उद्यताः/KN ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 45/PUNC ।।/PUNC
यदि/AVK माम्/SN अप्रतीकारम्/NP अशस्त्रम्/NP शस्त्रपाणयः/NP ।/PUNC
धार्तराष्ट्राः/NS रणे/NP हन्युः/KP तत्/SN मे/SN क्षेमतरम्/NP भवेत्/KP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 46/PUNC ।।/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
एवम्/ASD उक्त्वा/KKS अर्जुनः/NS संख्ये/NP रथोपस्थ/KN उपाविशत्/KP ।/PUNC
विसृज्य/KKS सशरम्/NP चापम्/NP शोकसंविग्नमानसः/NP ।।/PUNC 1/PUNC ./PUNC 47/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP अर्जुनविषादयोगः/NS नाम/NP प्रथमः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
तम्/SN तथा/ASD कृपया/NP आविष्टम्/KN अश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्/NP ।/PUNC
विषीदन्तम्/KN इदम्/SNV वाक्यम्/NP उवाच/KP मधुसूदनः/NS ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
श्री/NV भगवान्/NP उवाच/KP 
कुतस्त्वा/KKS कश्मलम्/NP इदम्/SN विषमे/NP समुपस्थितम्/KN ।/PUNC 
अनार्यजुष्टम्/NV अस्वर्ग्यम्/NV अकीर्तिकरम्/NV अर्जुन/NS ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
क्लैब्यम्/NP मा/AN स्म/A गमः/KP पार्थ/NS न/AN एतत्/SN त्वयि/SN उपपद्यते/KP ।/PUNC
क्षुद्रम्/NP हृदयदौर्बल्यम्/NP त्यक्त्वा/KKS उत्तिष्ठ/KP परन्तप/NV ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
कथम्/A भीष्मम्/NS अहम्/SN संख्ये/NP द्रोणम्/NS च/APY मधुसूदन/NS ।/PUNC
इषुभिः/A प्रति/AUP योत्स्यामि/KP पूजार्हौ/NP अरिसूदन/NV ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
गुरून्/NP अहत्वा/KKS हि/A महानुभावान्/NP श्रेयः/NP भोक्तुम्/KKS भैक्ष्यम्/NP अपि/APY इह/A लोके/NP ।/PUNC 
हत्वा/KKS अर्थकामान्/NP तु/A गुरून्/NP इह/A एव/INTF भुञ्जीय/KP भोगान्/NP रुधिरप्रदिग्धान्/NP  ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
न/AN च/AVK एतत्/SNV विद्मः/NP कतरत्/NP नः/SN गरीयः/NP यत्/AVK वा/A जयेम/KP यदि/AVK वा/A नः/SN जयेयुः/KP ।/PUNC 
यान्/SN एव/INTF हत्वा/KKS न/AN जिजीविषामः/KP ते/SN अवस्थिताः/KN प्रमुखे/NV धार्तराष्ट्राः/NS ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
कार्पण्यदोषोपहतस्वभावः/NP पृच्छामि/KP त्वाम्/SN धर्मसंमूढचेताः/NV ।/PUNC 
यत्/SN श्रेयः/NP स्यात्/KP निश्चितम्/KN ब्रूहि/KP तत्/SN मे/SN शिष्यः/NP ते/SN अहम्/SN शाधि/NP माम्/SN त्वाम्/SN प्रपन्नम्/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
न/AN हि/A प्रपश्यामि/KP मम/SN अपनुद्यात्/NP यत्/SNV शोकम्/NP उच्छोषणम्/NP इन्द्रियाणाम्/NP ।/PUNC 
अवाप्य/KKS भूमौ/NP असपत्नम्/NP ऋद्धम्/NP राज्यम्/NP सुराणाम्/NP अपि/APY च/APY अधिपत्यम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
सञ्जयः/NS उवाच/KP
एवम्/ASD उक्त्वा/KKS हृषीकेशम्/NV गुडाकेशः/NV परन्तप/NV ।/PUNC
न/AN योत्स्ये/KP इति/AUD गोविन्दम्/NS उक्त्वा/KKS तूष्णीम्/NP बभूव/KP ह/A ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
तम्/SN उवाच/KP हृषीकेशः/NS प्रहसन्/KNV इव/ASD भारत/NS ।/PUNC
सेनयोः/NP उभयोः/SN मध्ये/NP विषीदन्तम्/KN इदम्/SNV वचः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC 
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अत्र/A '/PUNC दृष्ट्वा/KKS तु/A पाण्डवानीकम्/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 1/PUNC ./PUNC 2/PUNC )/PUNC इति/AUD आरभ्य/KKS यावत्/A '/PUNC न/AN योत्स्ये/KP इति/AUD गोविन्दम्/NS उक्त्वा/KKS तूष्णीम्/NP बभूव/KP ह/A '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 9/PUNC )/PUNC इति/AUD एतदन्तः/KN प्राणिनाम्/NP शोक/NP मोह/NP आदि/A संसारबीजभूत/NV दोषोद्भवकारणप्रदर्शनार्थत्वेन/NP व्याख्येयः/NP ग्रन्थः/NP ।/PUNC तथा/AVK हि/A -/PUNC अर्जुनेन/NS राज्यगुरु/NV पुत्र/A मित्र/NP सुहृत्स्वजनसंबन्धिबान्धवेषु/NP '/PUNC अहम्/SN एषाम्/SN '/PUNC '/PUNC मम/SN एते/SN '/PUNC इति/AUD एवम्/AUD भ्रान्ति/NP प्रत्यय/NP निमित्त/KN स्नेहविच्छेदादिनिमित्तौ/KN आत्मनः/SN शोकमोहौ/NP प्रदर्शितौ/KN '/PUNC कथम्/A भीष्मम्/NS अहम्/SN संख्ये/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 4/PUNC )/PUNC इति/AUD आदिना/A ।/PUNC शोकमोहाभ्याम्/NP हि/A अभिभूत/KN विवेकविज्ञानः/NP स्वतः/KN एव/INTF क्षत्रधर्मे/NP युद्धे/NP प्रवृत्तः/KN अपि/A तस्मात्/SN युद्धात्/NP उपरराम/NP ;/PUNC परधर्मम्/NP च/AVK भिक्षाजीवनादिकम्/NP कर्तुम्/KKS प्रववृते/KN ।/PUNC तथा/AVK च/AVK सर्वप्राणिनाम्/NP शोक/NP मोहादिदोषाविष्टचेतसाम्/NP स्वभावतः/KN एव/INTF स्वधर्मपरित्यागः/NP प्रतिषिद्धसेवा/NP च/APY स्यात्/KP ।/PUNC स्वधर्मे/NP प्रवृत्तानाम्/NP अपि/A तेषाम्/SN वाङ्मनःकायादीनाम्/NP प्रवृत्तिः/NP फलाभिसन्धिपूर्विका/NP एव/INTF साहंकारा/NP च/APY भवति/KP ।/PUNC तत्र/A एवम्/AUD सति/A धर्माधर्मोपचयात्/NP इष्टानिष्टजन्मसुखदुःखादिप्राप्तिलक्षणः/NV संसारः/NP अनुपरतः/KN भवति/KP इति/AUD अतः/A संसारबीजभूतौ/NP शोकमोहौ/NP ।/PUNC तयोः/SN च/AVK सर्वकर्मसंन्यासपूर्वकात्/NP आत्मज्ञानात्/NP न/AN अन्यतः/KN निवृत्तिः/NP इति/AUD तदुपदिदिक्षुः/NP सर्वलोकानुग्रहार्थम्/NP अर्जुनम्/NS निमित्तीकृत्य/KKS आह/ABS भगवान्/NV वासुदेवः/NS -/PUNC '/PUNC अशोच्यान्/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 11/PUNC )/PUNC इति/AUD आदि/A ।।/PUNC 
अत्र/A केचित्/A आहुः/KP -/PUNC सर्वकर्मसंन्यासपूर्वकात्/NP आत्मज्ञाननिष्ठामात्रात्/NP एव/INTF केवलात्/NP कैवल्यम्/NP न/AN प्राप्यते/KP एव/INTF ।/PUNC किम्/SN  तर्हि/A ?/PUNC अग्निहोत्रादि/A श्रौतस्मार्तकर्मसहितात्/NP ज्ञानात्/NP कैवल्यप्राप्तिः/NP इति/AUD सर्वासु/SNV गीतासु/NS निश्चितः/KN अर्थ/NP इति/AUD ।/PUNC ज्ञापकम्/NP च/AVK आहुः/KP अस्य/SN अर्थस्य/NP -/PUNC '/PUNC अथ/A चेत्/A त्वम्/SN इमम्/SNV धर्म्यम्/NP संग्रामम्/NP न/AN करिष्यसि/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 33/PUNC )/PUNC '/PUNC कर्मणि/NP एव/INTF अधिकारः/NP ते/SN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 47/PUNC )/PUNC '/PUNC कुरु/KP कर्म/NP एव/INTF तस्मात्/SN त्वम्/SN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 4/PUNC ./PUNC 15/PUNC )/PUNC इति/AUD आदि/A ।/PUNC हिंसादियुक्तत्वात्/NP वैदिकम्/NV कर्म/NP अधर्माय/NP इति/AUD इयम्/SN अपि/A आशङ्का/NP न/AN कार्या/NP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC क्षात्रम्/NP कर्म/NP युद्धलक्षणम्/NP गुरुभ्रातृपुत्रादिहिंसालक्षणम्/NP अत्यन्तम्/NV क्रूरम्/NP अपि/A स्वधर्मे/NP इति/AUD कृत्वा/KKS न/AN अधर्माय/NP ;/PUNC तदकरणे/NP च/AVK '/PUNC ततः/A स्वधर्मम्/NP कीर्तिम्/NP च/APY हित्वा/KKS पापम्/NP अवाप्स्यसि/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 33/PUNC )/PUNC इति/AUD ब्रुवता/KN यावत्/A जीवादिश्रुतिचोदितानाम्/NV पश्वादिहिंसालक्षणानाम्/NV च/AVK कर्मणाम्/NP प्राक्/A एव/INTF न/AN अधर्मत्वम्/NP इति/AUD सुनिश्चितम्/NV उक्तम्/KN भवति/KP -/PUNC इति/AUD ।।/PUNC 
तत्/SN असत्/NP ;/PUNC ज्ञानकर्मनिष्ठयोः/NP विभागवचनात्/NP बुद्धिद्वयाश्रययोः/NP '/PUNC अशोच्यान्/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 11/PUNC )/PUNC इति/AUD दिना/NP भगवता/NP यावत्/A '/PUNC स्वधर्मम्/NP अपि/A च/AVK आवेक्ष्य/KKS '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 31/PUNC )/PUNC इति/AUD एतत्/SN अन्तेन/A ग्रन्थेन/NP यत्/SSN परमार्थात्मतत्त्वनिरूपणम्/NP कृतम्/KN तत्/SSN सांख्यम्/NS ।/PUNC तत्/SNV  विषया/NP बुद्धिः/NP आत्मनः/NP जन्मादिषड्विक्रियाभावात्/NP अकर्ता/NV आत्मा/NP इति/AUD प्रकरणार्थनिरूपणात्/NP या/SSN जायते/KP ,/PUNC सा/SSN सांख्यबुद्धिः/NP ।/PUNC सा/SN येषाम्/SNV ज्ञानिनाम्/NP उचिता/NP भवति/KP ,/PUNC ते/SN सांख्याः/NS ।/PUNC एतस्याः/SNV बुद्धेः/NP जन्मनः/NP प्राक्/A आत्मनः/SN देहादिव्यतिरिक्तत्वकर्तृत्वभोक्तृत्वाद्यपेक्षः/NP धर्माधर्मविवेकपूर्वकः/NV मोक्षसाधनानुष्ठानलक्षणः/NP योगः/NS ।/PUNC तत्/SN विषया/NP बुद्धिः/NP योगबुद्धिः/NP ।/PUNC सा/SN येषाम्/SNV कर्मिणाम्/NP उचिता/NP भवति/KP ते/SNV योगिनः/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK भगवता/NP विभक्ते/KN द्वे/SMKY बुद्धी/NP निर्दिष्टे/KN '/PUNC एषा/SN ते/SN अभिहिता/KN सांख्ये/NS बुद्धिः/NP योगे/NP तु/A इमाम्/SN शृणु/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 39/PUNC )/PUNC इति/AUD ।/PUNC तयोः/SN च/AVK सांख्यबुद्ध्याश्रयाम्/NP ज्ञानयोगेन/NP निष्ठाम्/NP सांख्यानाम्/NS विभक्ताम्/KN वक्ष्यति/KP '/PUNC पुरा/A वेदात्मना/NP मया/SN प्रोक्ता/KN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 3/PUNC )/PUNC इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK च/AVK योगबुद्ध्याश्रयाम्/NP कर्मयोगेन/NP निष्ठाम्/NP विभक्ताम्/NP वक्ष्यति/KP -/PUNC  '/PUNC कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 3/PUNC )/PUNC इति/AUD ।/PUNC एवम्/AUD सांख्यबुद्धिम्/NP योगबुद्धिम्/NP च/APY आश्रित्य/KKS द्वे/SMKY निष्ठे/KN विभक्ते /KN भगवता/NP एव/INTF उक्ते/KN ज्ञानकर्मणोः/NP कर्तृत्वाकर्तृत्वैकत्वानेकत्वबुद्ध्याश्रययोः/NP युगपत्/A एकपुरुषाश्रयत्वासंभवम्/NP पश्यता/KP ।/PUNC यथा/AVK एतत्/SNV विभागवचनम्/NP ,/PUNC तथा/AVK एव/INTF दर्शितम्/KN शातपथीये/NS ब्राह्मणे/NP -/PUNC '/PUNC एतम्/SN एव/INTF प्रव्राजिनः/NP लोकम्/NP इच्छन्तः/KN ब्राह्मणाः/NP प्रव्रजन्ति/KP '/PUNC (/PUNC बृ0/NS 4/PUNC ./PUNC 4/PUNC ./PUNC 22/PUNC )/PUNC इति/AUD सर्वकर्मसंन्यासम्/NP विधाय/KKS तच्छेषेण/NP '/PUNC किम्/SN प्रजया/NP करिष्यामः/KP येषाम्/SN नः/SN अयम्/SNV आत्मा/NP अयम्/SNV लोकः/NP '/PUNC (/PUNC बृ0/NS 4/PUNC ./PUNC 4/PUNC ./PUNC 22/PUNC )/PUNC इति/AUD ।/PUNC तत्र/A एवम्/AUD च/AVK प्राक्/A दारपरिग्रहात्/NP पुरुषः/NP आत्मा/NP प्राकृतः/KN धर्मजिज्ञासोत्तरकालम्/NP लोकत्रयसाधनम्/NP -/PUNC पुत्रम्/NP ,/PUNC द्वि/SMKY प्रकारम्/NP च/APY वित्तम्/NP मानुषम्/NP दैवम्/NP च/APY ;/PUNC तत्र/A मानुषम्/NP कर्मरूपम्/ASD पितृलोकप्राप्तिसाधनम्/NV विद्याम्/NP च/APY दैवम्/NP वित्तम्/NP देवलोकप्राप्तिसाधनम्/NV सः/SN अकामयत/KP '/PUNC (/PUNC बृ0/NS 1/PUNC ./PUNC 4/PUNC ./PUNC 17/PUNC )/PUNC इति/AUD  अविद्याकामवतः/KN एव/INTF सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP श्रौतादीनि/NP दर्शितानि/KP ।/PUNC तेभ्यः/SN व्युत्थाय/KKS प्रव्रजन्ति/KP '/PUNC (/PUNC बृ0/NS 4/PUNC ./PUNC 4/PUNC ./PUNC 22/PUNC )/PUNC इति/AUD व्युत्थानम्/NV आत्मानम्/NP एव/INTF लोकम्/NP इच्छतः/KN अकामस्य/NP विहितम्/KN ।/PUNC तत्/SN एतत्/SNV विभागवचनम्/NP अनुपपन्नम्/NP स्यात्/KP यदि/A श्रौतकर्मज्ञानयोः/NP समुच्चयः/NP अभिप्रेतः/KN स्यात्/KP भगवतः/KN ।।/PUNC 
न/AN च/AVK अर्जुनस्य/NS प्रश्नः/NP उपपन्नः/NP भवति/KP '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A कर्मणः/NP ते/SN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 1/PUNC )/PUNC इति/AUD आदिः/A ।/PUNC एक/SMKY पुरुषानुष्ठेयत्वासंभवम्/NP बुद्धिकर्मणोः/NP भगवता/NP पूर्वम्/A अनुक्तम्/KN कथम्/A अर्जुनः/NS अश्रुतम्/KN बुद्धेः/NP च/APY कर्मणः/NP ज्यायस्त्वम्/SN भगवति/NP अध्यारोपयेत्/KP मृषा/NP एव/INTF '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A कर्मणः/NP ते/SN मता/NP बुद्धिः/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 1/PUNC )/PUNC इति/AUD ।।/PUNC 
किञ्च/A -/PUNC यदि/A बुद्धिकर्मणोः/NP सर्वेषाम्/SN समुच्चयः/NP उक्तः/KN स्यात्/KP अर्जुनस्य/NS अपि/A सः/SN उक्तः/KN एव/INTF इति/AUD ,/PUNC '/PUNC यत्/SSN श्रेयः/NP एतयोः/SN एकम्/SMK तत्/SSN मे/SN ब्रूहि/KP सुनिश्चितम्/KN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ./PUNC 1/PUNC )/PUNC इति/AUD कथम्/AP उभयोःSN उपदेशे/NP सति/A अन्यतरविषये/NP एव/INTF प्रश्नः/NP स्यात्/KP ?/PUNC न/AN हि/A पित्तप्रशमनार्थिनः/NV वैद्येन/NP मधुरम्/NV शीतलम्/NV च/APY भोक्तव्यम्/KN इति/AUD उपदिष्टे/KN तयोः/SN अन्यतरत्/SN पित्तप्रशमनकारणम्/NP ब्रूहि/KP इति/AUD प्रश्नः/NP संभवति/KP ।।/PUNC 
अथ/A अर्जुनस्य/NS भगवत्/NP उक्त/KN वचनार्थ/NP विवेकानवधारणनिमित्तः/KN प्रश्नः/NP कल्प्येत/KP ,/PUNC तथापि/AVK भगवता/NP प्रश्नानुरूपम्/NP प्रति/AUP वचनम्/NP देयम्/KP -/PUNC मया/SN बुद्धिकर्मणोः/NP समुच्चयः/NP उक्तः/KN ,/PUNC किमर्थम्/A इत्थम्/A त्वम्/SN भ्रान्तः/KN असि/KP -/PUNC इति/AUD ।/PUNC न/AN तु/A पुनः/A प्रति/AUP वचनम्/NP अननुरूपम्/NP पृष्टात्/NP अन्यत्/SN एव/INTF '/PUNC द्वे/SMKY निष्ठे/NP मया/SN पुरा/A प्रोक्ते/KN '/PUNC इति/AUD वक्तुम्/KKS युक्तम्/KN ।।/PUNC 
न/AN अपि/A स्मार्तेन/NP एव/INTF कर्मणा/NP बुद्धेः/NP समुच्चये/NP अभिप्रेते/NP विभागवचनादि/A सर्वम्/SN उपपन्नम्/KN ।/PUNC किञ्च/A -/PUNC क्षत्रियस्य/NS युद्धम्/NP स्मार्तम्/NV कर्म/NP स्वधर्मः/NP इति/AUD जानतः/KN '/PUNC तत्/SN किम्/SN कर्मणि/NP घोरे/NP माम्/SN नियोजयसि/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 1/PUNC )/PUNC इति/AUD उपालम्भः/NP अनुपपन्नः/KN ।।/PUNC 
तस्मात्/SN गीताशास्त्रे/NP ईषन्मात्रेण/NP अपि/A श्रौतेन/NS स्मार्तेन/NS वा/APY कर्मणा/NP आत्मज्ञानस्य/NP समुच्चयः/NP न/AN केनचित्/A दर्शयितुम्/KKS शक्यः/KP ।/PUNC यस्य/SN तु/A अज्ञानात्/NP रागादिदोषतः/KN वा/APY कर्मणि/NP प्रवृत्तस्य/KN यज्ञेन/NP दानेन/NP तपसा/NP वा/APY विशुद्ध/NV सत्त्वस्य/NP ज्ञानम्/NP उत्पन्नम्/KN परमार्थतत्त्वविषयम्/NP '/PUNC एकम्/SMKY एव/INTF इदम्/SN सर्वम्/SNV ब्रह्म/NS अकर्तृ/NP च/AVK '/PUNC इति/AUD ,/PUNC तस्य/SN कर्मणि/NP कर्मप्रयोजने/NP च/APY निवृत्ते/KN अपि/AVK लोकसंग्रहार्थम्/NP यत्नपूर्वम्/A यथा/AVK प्रवृत्तिः/NP ,/PUNC तथा/AVK एव/INTF प्रवृत्तस्य/KN यत्/SSN प्रवृत्तिरूपम्/ASD दृश्यते/KP न/AN तत्/SSN कर्म/NP येन/SN बुद्धेः/NP समुच्चयः/NP स्यात्/KP ;/PUNC यथा/A भगवतः/NV वासुदेवस्य/NS क्षत्रधर्मचेष्टितम्/KN न/AN ज्ञानेन/NP समुच्चीयते/KP पुरुषार्थसिद्धये/NP ,/PUNC तत्/SN वत्/ASD तत्फलाभिसन्ध्यहंकाराभावस्य/NP तुल्यत्वात्/NP विदुषः/NP ।/PUNC तत्त्ववित्/NP न/AN अहम्/SN करोमि/KP इति/AUD मन्यते/KP ,/PUNC न/AN च/AVK तत्/SNV फलम्/NP अभिसंधत्ते/KP ।/PUNC यथा/AVK च/AVK स्वर्गादिकामार्थिनः/NV अग्निहोत्रादिकर्मलक्षणधर्मानुष्ठानाय/NP आहिताग्नेः/NP काम्ये/NP एव/INTF अग्निहोत्रादौ/NP प्रवृत्तस्य/KN सामि/NP कृते/KN विनष्टे/KN अपि/A कामे/NP तत्/SN एव/INTF अग्निहोत्रादि/NP अनुतिष्ठतः/KN अपि/A न/AN तत्/SN काम्यम्/NP अग्निहोत्रादि/A भवति/KP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK दर्शयति/KP भगवान्/NP -/PUNC '/PUNC कुर्वन्/KP अपि/A न/AN लिप्यते/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ./PUNC 1/PUNC )/PUNC '/PUNC न/AN करोति/KP न/AN लिप्यते/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 13/PUNC ./PUNC 31/PUNC )/PUNC इति/AUD तत्र/A तत्र/DV ।।/PUNC 
यत्/SSN च/AVK '/PUNC पूर्वैः/A पूर्वतरम्/A कृतम्/KN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 4/PUNC ./PUNC 15/PUNC )/PUNC '/PUNC कर्मणा/NP एव/INTF हि/A संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN जनकादयः/A '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 20/PUNC )/PUNC इति/AUD ,/PUNC तत्/SN तु/A प्रविभज्य/KKS विज्ञेयम्/KP ।/PUNC तत्/SN कथम्/AP ?/PUNC यदि/A तावत्/A पूर्वे/A जनकादयः/NS तत्त्ववदः/NP अपि/A प्रवृत्त/KN कर्माणः/NP स्युः/KP ,/PUNC ते/SN लोकसंग्रहार्थम्/NP '/PUNC गुणाः/NP गुणेषु/NP वर्तन्ते/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC 28/PUNC )/PUNC इति/AUD ज्ञानेन/NP एव/INTF संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN ,/PUNC कर्मसंन्यासे/NP प्राप्ते/KN अपि/A कर्मणा/NP सह/AUP एव/INTF संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN ,/PUNC न/AN कर्मसंन्यासम्/NP कृतवन्तः/KN इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC अथ/A न/AN ते/SN तत्त्वविदः/NV ;/PUNC ईश्वरसमर्पितेन/NV कर्मणा/NP साधनभूतेन/NP संसिद्धिम्/NP सत्त्वशुद्धिम्/NP ,/PUNC ज्ञानोत्पत्तिलक्षणाम्/NP वा/A संसिद्धिम्/NP ,/PUNC आस्थिताः/KN जनकादयः/NS इति/AUD  व्याख्येयम्/KP ।/PUNC तम्/SN एव/INTF अर्थम्/NP वक्ष्यति/KP भगवान्/NP '/PUNC सत्त्वशुद्धये/NP कर्म/NP कुर्वन्ति/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ./PUNC 11/PUNC )/PUNC '/PUNC स्वकर्मणा/NP तम्/SN अभ्यर्च्य/KKS सिद्धिम्/NP विन्दति/KP मानवः/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS (/PUNC 18/PUNC ./PUNC 46/PUNC )/PUNC इति/AUD उक्त्वा/KKS सिद्धिम्/NP प्राप्तस्य/KN पुनः/A ज्ञाननिष्ठाम्/NP वक्ष्यति/KP -/PUNC '/PUNC सिद्धिम्/NP प्राप्तः/KN यथा/ASD ब्रह्म/NS '/PUNC (/PUNC गीता/NS 18/PUNC ./PUNC 50/PUNC )/PUNC इति/AUD आदिना/A ।।/PUNC 
तस्मात्/SN गीताशास्त्रे/NP केवलात्/A एव/INTF तत्त्वज्ञानात्/NP मोक्षप्राप्तिः/KN न/AN कर्मसमुच्चितात्/NP ,/PUNC इति/AUD निश्चितः/KN अर्थः/NP ।/PUNC यथा/AVK च/AVK अयम्/SNV अर्थः/NP ,/PUNC तथा/AVK प्रकरणशः/NP विभज्य/KKS तत्र/AVK तत्र/DV दर्शयिष्यामः/KP ।।/PUNC 
तत्र/A एव/INTF धर्मसंमूढचेतसः/NP मिथ्याज्ञानवतः/KN महति/NV शोकसागरे/NP निमग्नस्य/KN अर्जुनस्य/NS अन्यत्र/A आत्मज्ञानात्/NP उद्धरणम्/NP अपश्यन्/KNV भगवान्/NV वासुदेवः/NS ततः/A कृपया/NP अर्जुनम्/NS उद्दिधारयिषुः/NP आत्मज्ञानाय/NP अवतारयन्/KNV आह/KP -/PUNC श्रीभगवान्/NV उवाच/KP -/PUNC
 अशोच्यान्/NP अन्वशोचः/NP त्वम्/SN प्रज्ञावादान्/NP च/APY भाषसे/KP ।/PUNC
 गतासून्/NP अगतासून्/NP च/APY न/AN अनुशोचन्ति/KP पण्डिताः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अशोच्यान्/NP इत्यादि/A ।/PUNC न/AN शोच्याः/NP अशोच्याः/NP भीष्मद्रोणादयः/NS ,/PUNC सद्वृत्तत्वात्/NP परमार्थस्वरूपेण/ASD च /AVK नित्यत्वात्/NP ,/PUNC तान्/SN अशोच्यान्/NP अन्वशोचः/NP अनुशोचितवान्/KN असि/KP '/PUNC ते/SN म्रियन्ते/KP मन्निमित्तम्/KN ,/PUNC अहम्/SN तैः/SN विनाभूतः/KN किम्/SN करिष्यामि/KP राज्यसुखादिना/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC त्वम्/SN प्रज्ञावादान्/NP प्रज्ञावताम्NV बुद्धिमताम्/NV वादान्/NP च/APY वचनानि/NP च/APY भाषसे/KP ।/PUNC तत्/SN एतत्/SNV मौढ्यम्/NP पाण्डित्यम्/NP च/APY विरुद्धम्/NP आत्मनि/SN दर्शयसि/KP उन्मत्तः/KN इव/ASD इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC यस्मात्/SN गतासून्/NP गतप्राणान्/NP मृतान्/NP ,/PUNC अगतासून्/NP अगतप्राणान्/NP जीवतः/KN च/APY न/AN अनुशोचन्ति/KP पण्डिताः/NP आत्मज्ञाः/NP ।/PUNC पण्डा/NP आत्मविषया/NP बुद्धिः/NP येषाम्/SN ते/SN हि/A पण्डिताः/NP ,/PUNC '/PUNC पाण्डित्यम्/NP निर्विद्य/NP '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/NS ।/PUNC परमार्थतः/KN तु/SN तान्/SN नित्यान्/NP अशोच्यान्/NP अनुशोचसि/KP ,/PUNC अतः/A मूढः/NP असि/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC 
कुतः/A ते/SN अशोच्याः/NP ,/PUNC यतः/A नित्याः/NP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC -/PUNC
न/AN तु/A एव/INTF अहम्/SN जातु/NP न/AN आसम्/KP न/AN त्वम्/SN न/AN इमे/SNV जनाधिपाः/NP ।/PUNC
न/AN च/AVK एव/INTF न/AN भविष्यामः/KP सर्वे/SNV वयम्/SN अतः/A परम्/A ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
(/PUNC 2/PUNC ./PUNC 12/PUNC )/PUNC -/PUNC न/AN तु/A एव/INTF जातु/NP  कदाचित्/A अहम्/SN न/AN आसम्/KP ,/PUNC किम्/SN तु/A आसम्/KP एव/INTF ।/PUNC अतीतेषु/KN देहोत्पत्तिविनाशेषु/NP घटादिषु/NP वियत्/NP इव/ASD नित्यः/NP एव/INTF अहम्/SN आसम्/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC तथा/AVK न/AN त्वम्/SN न/AN आसीः/KP ,/PUNC किम्/SN तु/A आसीः/KP एव/INTF ।/PUNC तथा/AVK च/AVK न/AN इमे/SNV जनाधिपाः/NP न/AN आसन्/KP ,/PUNC किम्/SN तु/A आसन्/KP एव/INTF ।/PUNC तथा/AVK न/AN च/AVK एव/INTF न/AN भविष्यामः/KP ,/PUNC किम्/SN तु/A भविष्यामः/KP एव/INTF ,/PUNC सर्वे/SNV वयम्/SN अतः/A अस्मात्/SN देहविनाशात्/NP परम्/A उत्तरकाले/NP अपि/A ।/PUNC त्रिषु/SMKY अपि/A कालेषु/NP नित्याः/NP आत्मस्वरूपेण/ASD इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC देहभेदानुवृत्त्या/NP बहुवचनम्/NP ,/PUNC न/AN आत्मभेदाभिप्रायेण/NP ।।/PUNC
तत्र/A कथम्/A इव/ASD नित्यः/NP आत्मा/NP इति/AUD दृष्टान्तम्/KN आह/KP -/PUNC
देहिनः/NP अस्मिन्/SN यथा/AVK देहे/NP कौमारम्/NV यौवनम्/NV जरा/NV ।/PUNC
तथा/AVK देहान्तरप्राप्तिः/KN धीरः/NV तत्र/A न/AN मुह्यति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC देहः/NP अस्य/SN अस्ति/KP इति/AUD देही/NP ,/PUNC तस्य/SNV देहिनः/NP देहवतः/KN आत्मनः/NP अस्मिन्/SNV वर्तमाने/NV देहे/NP यथा/ASD येन/SNV प्रकारेण/NP कौमारम्/NV कुमारभावः/NV बाल्यावस्थाNP ,/PUNC यौवनम्/NV यूनः/NV भावः/NP मध्यमावस्था/NP ,/PUNC जरा/NV वयोहानिः/NV जीर्णावस्था/NP ,/PUNC इति/AUD एताः/SNV तिस्रः/SMKY अवस्थाः/NP अन्योन्यविलक्षणाः/NP ।/PUNC तासाम्/SN प्रथम/SMKP अवस्थानाशे/NP न/AN नाशः/NP ,/PUNC द्वितीय/SMKP अवस्थोपजने/NP न/AN उपजननम्/NP आत्मनः/NP ।/PUNC किम्/SN तर्हि/A ?/PUNC अविक्रियस्य/NP एव/INTF द्वितीय/SMKP तृतीय/SMKP अवस्थाप्राप्तिः/KN आत्मनः/NP दृष्टा/KN ।/PUNC तथा/AVK तद्वत्/ASD एव/INTF देहात्/NP अन्यःSN देहः/NP देहान्तरम्/A ,/PUNC तस्य/SN प्राप्तिः/KN देहान्तरप्राप्तिः/KN अविक्रियस्य/NP एव/INTF आत्मनः/NP इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC धीरः/NP धीमान्/NP ,/PUNC तत्र/A एवम्/AUD सति/A न/AN मुह्यति/KP न/AN मोहम्/NP आपद्यते/KP ।।/PUNC यद्यपि/AVK आत्मविनाशनिमित्तः/KN मोहः/NP न/AN संभवति/KP नित्यः/NP आत्मा/NP इति/AUD विजानतः/KN ,/PUNC तथापिAVK शीतोष्णसुखदुःखप्राप्तिनिमित्तः/KN मोहः/NP लौकिकः/NP दृश्यते/KP ,/PUNC सुखवियोगनिमित्तः/KN मोहः/NP दुःखसंयोगनिमित्तः/KN च/AVK शोकः/NP ।/PUNC इति/AUD एतत्/SN अर्जुनस्य/NS वचनम्/NP आशङ्क्य/KKS भगवान्/NP आह/KP -/PUNC
मात्रास्पर्शाः/NP तु/A कौन्तेय/NV शीतोष्णसुखदुःखदाः/KN ।/PUNC 
आगमापायिनः/NV अनित्याः/NV तान्/SN तितिक्षस्व/KP भारत/NS ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मात्राभिः/NP मीयन्ते/KP शब्दादयः/NP इति/AUD श्रोत्रादीनि/NP इन्द्रियाणि/NP ।/PUNC मात्राणाम्/NP स्पर्शाः/NP शब्दादिभिः/NP संयोगाः/NP ।/PUNC ते/SN शीतोष्णसुखदुःखदाः/NP शीतम्/NP उष्णम्/NP सुखम्/NP दुःखम्/NP च/AP प्रयच्छन्ति/KP इति/AUD ।/PUNC अथवा/A स्पृश्यन्ते/KP इति/AUD स्पर्शाः/NP विषयाः/NP शब्दादयः/NP ।/PUNC मात्राः/NP च/AVK स्पर्शाः/NP च/APY शीतोष्णसुखदुःखदाः/KN ।/PUNC शीतम्/NP कदाचित्/A सुखम्/NP कदाचित्/A दुःखम्/NP ।/PUNC तथा/AVK उष्णम्/NP अपि/A अनियत/NV स्वरूपम्/NP ।/PUNC सुखदुःखे/NP पुनः/A नियत/NV रूपे/NP यतः/A न/AN व्यभिचरतः/KN ।/PUNC अतः/A ताभ्याम्/SN पृथक्/A शीतोष्णयोः/NP ग्रहणम्/NP ।/PUNC यस्मात्/SN ते/SN मात्रास्पर्शादयः/NP आगमापायिनः/NV आगमापायशीलाः/NV तस्मात्/SN अनित्याः/NV ।/PUNC अतः/A तान्/SNV शीतोष्णादीन्/NP तितिक्षस्व/KP प्रसहस्व/KP ।/PUNC तेषु/SN हर्षम्/NP विषादम्/NP वा/APY मा/AN कार्षीः/NP इति/AUD अर्थः/NP ।।/PUNC 
शीतोष्णादीन्/NP सहतः/KN किम्/SN स्यात्/KP इति/AUD शृणु/KP -/PUNC
यम्/SN हि/A न/AN व्यथयन्ति/KP एते/SNV पुरुषम्/NP पुरुषर्षभ/NV ।/PUNC 
समदुःखसुखम्/NP धीरम्/NP सः/SN अमृतत्वाय/NP कल्पते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यम्/SN हि/A पुरुषम्/NP समे/NP दुःखसुखे/NP यस्य/SN तम्/SNV समदुःखसुखम्/NP सुखदुःखप्राप्तौ/KN हर्षविषादरहितम्/KN धीरम्/NP धीमन्तम्/NP न/AN व्यथयन्ति/KP न/AN चालयन्ति/KP नित्य/NV आत्मदर्शनात्/NP एते/SN यथोक्ताः/KN शीतोष्णादयः/NP ,/PUNC सः/SN नित्यात्मस्वरूपदर्शननिष्ठः/KN द्वन्द्वसहिष्णुः/NV अमृतत्वाय/NP अमृतभावाय/NP मोक्षाय/NP इति/AUD अर्थः/NP कल्पते/KP समर्थः/NP भवति/KP ।।/PUNC 
इतः/A च/AVK शोकमोहौ/NP अकृत्वा/KKS शीतोष्णादिसहनम्/NP युक्तम्/KN ,/PUNC यस्मात्/SN 
न/AN असतः/KN विद्यते/KP भावः/NP न/AN अभावः/NP विद्यते/KP सतः/KN ।/PUNC 
उभयोः/SN अपि/A दृष्टः/KN अन्तः/KN तु/A अनयोः/SN तत्त्वदर्शिभिः/NV ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC    
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN असतः/KN अविद्यमानस्य/NP शीतोष्णादेः/A सकारणस्य/NP न/AN विद्यते/KP न/AN अस्ति/KP भावः/NP भवनम्/NP अस्तिता/KP ।।/PUNC 
न/AN हि/A शीतोष्णादि/A सकारणम्/NP प्रमाणैः/NP निरूप्यमाणम्/KN वस्तु/NP सत्/NP भवति/KP ।/PUNC विकारः/NP हि/A सः/SN ,/PUNC विकारः/NP च/AVK व्यभिचरति/KP ।/PUNC यथा/AVK घटादिसंस्थानम्/NP चक्षुषा/NP निरूप्यमाणम्/KN मृद्व्यतिरेकेण/NP अनुपलब्धेः/KN असत्/NP ,/PUNC तथा/AVK सर्वः/SNV विकारः/NP कारणव्यतिरेकेण/NP अनुपलब्धेः/KN असन्/KP ।/PUNC जन्मप्रध्वंसाभ्याम्/NP प्राक्/A ऊर्ध्वम्/A च/APY अनुपलब्धेः/KN कार्यस्य/NP घटादेः/A मृदादिकारणस्य/NP च /AVK तत्कारणव्यतिरेकेण/NP अनुपलब्धेः/KN असत्त्वम्/NP ।।/PUNC 
तत्/SNV सत्त्वे/NP सर्वाभावप्रसङ्गः/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC सर्वत्र/A बुद्धिद्वयोपलब्धेः/KN ,/PUNC सद्बुद्धिः/NP असद्बुद्धिः/NP इति/AUD ।/PUNC यत्/SSN विषया/NP बुद्धिः/NP न/AN व्यभिचरति/KP ,/PUNC तत्/SSN सत्/NP ;/PUNC यत्/SSN विषया/NP व्यभिचरति/KP ,/PUNC तत्/SSN असत्/NP ;/PUNC इति/AUD सत्/NP असत्/NP विभागे/NP बुद्धितन्त्रे/NP स्थिते/KN ,/PUNC सर्वत्र/A द्वे/SMKY बुद्धी/NP सर्वैः/SN उपलभ्येते/KP समानाधिकरणे/NP न/AN नीलोत्पलवत्/ASD ,/PUNC सन्/A घटः/NP ,/PUNC सन्/A पटः/NP ,/PUNC सन्/A हस्ती/NP इति/AUD ।/PUNC एवम्/ASD सर्वत्र/A ।/PUNC तयोः/SN बुद्ध्योः/NP घटादिबुद्धिः/NP व्यभिचरति/KP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK दर्शितम्/KN ।/PUNC न/AN तु/A सद्बुद्धिः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN घटादिबुद्धिविषयः/NP असन्/KP ,/PUNC व्यभिचारात्/NP ;/PUNC न/AN तु/A सद्बुद्धिविषयः/NP ,/PUNC अव्यभिचारात्/NP ।।/PUNC 
घटे/NP विनष्टे/KN घटबुद्धौ/NP व्यभिचरन्त्याम्/NP सद्बुद्धिः/NP अपि/A व्यभिचरति/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC पटादौ/NP अपि/A सद्बुद्धिदर्शनात्/NP ।/PUNC विशेषणविषया/NP एव/INTF सा/SNV सद्बुद्धिः/NP ।।/PUNC 
सद्बुद्धिवत्/ASD घटबुद्धिः/NP अपि/A घटान्तरे/NP दृश्यते/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC पटादौ/NP अदर्शनात्/NP ।।/PUNC 
सद्बुद्धिः/NP अपि/AVK नष्टे/NV घटे/NP न/AN दृश्यते/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC विशेष्याभावात्/NP ।/PUNC सद्बुद्धिः/NP विशेषणविषया/NP सती/A विशेष्याभावे/NP विशेषणानुपपत्तौ/NP किम्/SN विषया/NP स्यात्/KP ?/PUNC न/AN तु/A पुनः/A सद्बुद्धेः/NP विषयाभावात्/NP ।।/PUNC 
एकाधिकरणत्वम्/NP घटादिविशेष्याभावे/NP न/AN युक्तम्/KN इति/AUD चेत्/AVK ,/PUNC न/AN ;/PUNC '/PUNC इदम्/SNV उदकम्/NP '/PUNC इति/AUD मरीच्यादौ/NS अन्यतराभावे/NP अपि/APY सामानाधिकरण्यदर्शनात्/NP ।।/PUNC 
तस्मात्/SN देहादेः/NP द्वन्द्वस्य/NP च/AVK सकारणस्य/NP असतः/KN न/AN विद्यते/KP भावः/NP इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK सतः/NP च/AVK आत्मनः/SN अभावः/NP अविद्यमानता/KN न/AN विद्यते/KP ,/PUNC सर्वत्र/A अव्यभिचारात्/NP इति/AUD अवोचामKP ।।/PUNC 
एवम्/ASD आत्मानात्मनोः/SN सदसतोः/NP उभयोः/SN अपि/A दृष्टः/KN उपलब्धः/KP अन्तः/A निर्णयः/NP  सत्/NP सत्/NP एव/INTF असत्/NP असत्/NP एव/INTF इति/AUD ,/PUNC तु/A अनयोः/SN यथोक्तयोः/NP तत्त्वदर्शिभिः/NP ।/PUNC तत्/SN इति/AUD सर्वनाम/NS ,/PUNC सर्वम्/SNV च/AVK ब्रह्म/NS ,/PUNC तस्य/SN नाम/NP तत्/SN इति/AUD ,/PUNC तद्भावः/NP तत्त्वम्/NP ,/PUNC ब्रह्मणः/NS याथात्म्यम्/NP ।/PUNC तत्/SN द्रष्टुम्/KKS शीलम्/NP येषाम्/SN ते/SNV तत्त्वदर्शिनः/NV, तैः/SN तत्त्वदर्शिभिः/NP ।/PUNC त्वम्/SN अपि/AVK तत्त्वदर्शिनाम्/NP दृष्टिम्/NP आश्रित्य/KKS शोकम्/NP मोहम्/NP च/APY हित्वा/KKS शीतोष्णादीनि/NP नियतानियतरूपाणि/NV द्वन्द्वानि/NP '/PUNC विकारः/NP अयम्/SN असन्/KP एव/INTF मरीचिजलवत्/ASD मिथ्यावभासते/KP '/PUNC इति/AUD मनसि/NP निश्चित्य/KKS तितिक्षस्व/KP  इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC 
किम्/SN पुनः/A तत्/SSN यत्/SSN सत्/NP एव/INTF सर्वदा/A इति/AUD ;/PUNC उच्यते/KP -/PUNC
अविनाशि/NV तु/A तत्/SN विद्धि/NP येन/SN सर्वम्/SNV इदम्/SN ततम्/SN ।/PUNC 
विनाशम्/NP अव्ययस्य/NP अस्य/SN न/AN कश्चित्/SN कर्तुम्/KKS अर्हति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अविनाशि/NP न/AN विनष्टुम्/KKS शीलम्/NP यस्य/SN इति/AUD ।/PUNC तु/A शब्दः/NP असतः/KN विशेषणार्थः/NP ।/PUNC तत्/SN विद्धि/KP विजानीहि/KP ।/PUNC किम्/SN ?/PUNC येन/SN सर्वम्/SNV इदम्/SNV जगत्/NP ततम्/SN व्याप्तम्/KN सदाख्येन/NP ब्रह्मणा/NP साकाशम्/NP ,/PUNC आकाशेन/NP इव/ASD घटादयः/NP ।/PUNC विनाशम्/NP अदर्शनम्/NP अभावम्/NP ।/PUNC अव्ययस्य/NP न/AN व्येति/KP उपचयापचयौ/NP न/AN याति/KP इति/AUD अव्ययम्/NP तस्य/SNV अव्ययस्य/NP ।/PUNC न/AN एतत्/SNV सदाख्यम्/NP ब्रह्म/NS स्वेन/SN रूपेण/NP व्येति/KP व्यभिचरति/KP ,/PUNC निरवयवत्वात्/NP ,/PUNC  देहादिवत्/ASD ।/PUNC न/AN अपि/AVK आत्मीयेन/NP ,/PUNC आत्मीयाभावात्/NP ।/PUNC यथा/AVK देवदत्तो/NS धनहान्या/NP व्येति/KP ,/PUNC न/AN तु/A एवम्/AUD ब्रह्म/NS व्येति/KP ।/PUNC अतः/A अव्ययस्य/NV अस्य/SNV ब्रह्मणः/NS विनाशम्/NP न/AN कश्चित्/SN कर्तुम्/KKS अर्हति/KP ,/PUNC न/AN कश्चित्/SN आत्मानम्/NP विनाशयितुम्/KKS शक्नोति/KP ईश्वरः/NP अपि/A ।/PUNC आत्मा/NP हि/A ब्रह्म/NS ,/PUNC स्वात्मनि/NP च/AVK क्रियाविरोधात्/NP ।।/PUNC  
किम्/SN पुनः/A तत्/SN असत्/NP यत्/AVK स्वात्मसत्ताम्/NP व्यभिचरति/KP इति/AUD ,/PUNC उच्यते/KP -/PUNC
अन्तवन्तः/KN इमे/SNV देहाः/NP नित्यस्य/NP उक्ताः/KN शरीरिणः/NP ।/PUNC 
अनाशिनः/NV अप्रमेयस्य/NV तस्मात्/SN युध्यस्व/KP भारत/NS ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।PUNC -/PUNC अन्तः/A विनाशः/NP विद्यते/KP येषाम्/SN ते/SN अन्तवन्तः/A ।/PUNC यथा/AVK मृगतृष्णिकादौ/NP सद्बुद्धिः/NP अनुवृत्ता/KN प्रमाणनिरूपणान्ते/A विच्छिद्यते/KP ,/PUNC सः/SN तस्य/SN अन्तः/A ;/PUNC तथा/AVK इमे/SNV देहाः/NP स्वप्नमायादेहादिवत्/ASD च/AVK अन्तवन्तः/A नित्यस्य/NV शरीरिणः/NP शरीरवतः/NP अनाशिनः/NV अप्रमेयस्य/NV आत्मनः/NP अन्तवन्तः/NP इति/AUD उक्ताः/KN विवेकिभिः/NP इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC '/PUNC नित्यस्य/NV '/PUNC '/PUNC अनाशिनः/NV '/PUNC इति/AUD न/AN पुनः/A उक्तम्/KN ;/PUNC नित्यत्वस्य/NV द्विविधत्वात्/NV लोके/NP ,/PUNC नाशस्य/NP च/AVK ।/PUNC यथा/AVK देहः/NP भस्मीभूतः/KN अदर्शनम्/NP गतः/KN नष्टः/KN उच्यते/KP ।/PUNC विद्यमानः/KN अपि/AVK यथा/ASD अन्यथा/A परिणतः/KN व्याध्यादियुक्तः/KN जातः/KN नष्टः/KN उच्यते/KP ।/PUNC तत्र/A '/PUNC नित्यस्य/NV '/PUNC '/PUNC अनाशिनः/NV '/PUNC इति/AUD द्विविधेन/NP अपि/A नाशेन/NP असंबन्धः/NP अस्य/SN इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC अन्यथा/A पृथिव्यादिवत्/ASD अपि/A नित्यत्वम्/NV स्यात्/KP आत्मनः/NP ;/PUNC तत्/SN मा/AN भूत्//KP इति/AUD '/PUNC नित्यस्य/NV '/PUNC '/PUNC अनाशिनः/NV '/PUNC इति/AUD आह/KP ।/PUNC अप्रमेयस्य/NP न/AN प्रमेयस्य/NP प्रत्यक्षादिप्रमाणैः/NP अपरिच्छेद्यस्य/NP इति/AUD अर्थः/NP ।।/PUNC 
ननु/A आगमेन/NP आत्मा/NP परिच्छिद्यते/KP ,/PUNC प्रत्यक्षादिना/NP च/AVK पूर्वम्/A ।/PUNC न/AN आत्मनः/NP स्वतःसिद्धत्वात्/NP ।/PUNC सिद्धे/NP हि/A आत्मनि/NP प्रमातरि/NV प्रमित्सोः/NV प्रमान्वेषणा/NV भवति/KP ।/PUNC न/AN हि/A पूर्वम्/A '/PUNC इत्थम्/A अहम्/SN '/PUNC इति/AUD आत्मानम्/NP अप्रमाय/NP पश्चात्/A प्रमेयपरिच्छेदाय/NP प्रवर्तते/KP ।/PUNC न/AN हि/A आत्मा/NP नाम/NP कस्यचित्/SNV अप्रसिद्धः/KN भवति/KP ।/PUNC शास्त्रम्/NP तु/A अन्त्यम्/NV प्रमाणम्/NP अतद्धर्माध्यारोपणमात्रनिवर्तकत्वेन/NP प्रमाणत्वम्/NP आत्मनः/NP प्रतिपद्यते/KP ,/PUNC न/AN  तु/A अज्ञातार्थज्ञापकत्वेन/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK श्रुतिः/NS -/PUNC '/PUNC यत्/SNV साक्षात्/NV परोक्षात्/NV ब्रह्म/NS य/SNV आत्मा/NP सर्वान्तरः/NV '/PUNC इति/AUD ।।/PUNC 
यस्मात्SSN एवम्/AUD नित्यः/NV अविक्रियः/NV च/APY आत्मा/NP तस्मात्/SSN युध्यस्व/KP ,/PUNC युद्धात्/NP उपरमम्/NP मा/AN कार्षीः/KP इति/AUD अर्थः/NP ।।/PUNC 
न/AN हि/A अत्र/A युद्धकर्तव्यता/NP विधीयते/KP ,/PUNC युद्धे/NP प्रवृत्ते/NP एव/INTF हि/A असौ/SN शोकमोहप्रतिबद्धः/KN तूष्णीम्/NP आस्ते/KP ।/PUNC अतः/A तस्य/SN कर्तव्यप्रतिबन्धापनयनमात्रम्/NP भगवता/NP क्रियते/KP ।/PUNC तस्मात्/SN '/PUNC युध्यस्व/KP '/PUNC इति/AUD अनुवादमात्रम्/NP ,/PUNC न/AN विधिः/NP ।।/PUNC 
शोकमोहादिसंसारकारणनिवृत्त्यर्थम्/NP गीताशास्त्रम्/NP ,/PUNC न/AN प्रवर्तकम्/NP इति/AUD एतस्य/SNV अर्थस्य/NP साक्षिभूते/NP ऋचौ/NS आनिनाय/KP भगवान्/NP ।/PUNC यत्/SN तु/A मन्यसे/KP '/PUNC युद्धे/NP भीष्मादयः/NS मया/SN हन्यन्ते/KP '/PUNC '/PUNC अहम्/SN एव/INTF तेषाम्/SN हन्ता/NV '/PUNC इति/AUD ,/PUNC एषा/SNV बुद्धिः/NP मृषा/NP एव/INTF ते/SN ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC 
यः/SN एनम्SN वेत्ति/KP हन्तारम्/NP यः/SN च/AVK एनम्/SN मन्यते/KP हतम्/KN ।/PUNC
उभौ/SNV तौ/SN न/AN विजानीतः/KN न/AN अयम्/SN हन्ति/KP न/AN हन्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SN एनम्/SN प्रकृतम्/NV देहिनम्/NV वेत्ति/KP विजानाति/KP हन्तारम्/NV हननक्रियायाः/NP कर्तारम्/NV यः/SN च/AVK एनम्/SN अन्यः/SN मन्यते/KP हतम्/KN देहहननेन/NP '/PUNC हतः/KN अहम्/SN '/PUNC इति/AUD हननक्रियायाः/NP कर्मभूतम्/KN ,/PUNC तौ/SNV उभौ/SN न/AN विजानीतः/KN न/AN ज्ञातवन्तौ/KN अविवेकेन/NP आत्मानम्/NP ।/PUNC '/PUNC हन्ता/NV अहम्/SN '/PUNC '/PUNC हतः/KN अस्मि/KP अहम्/SN '/PUNC इति/AUD देहहननेन/NP आत्मानम्/NP अहंप्रत्ययविषयम्/NP यौ/SN विजानीतः/KN तौ/SN आत्मस्वरूपानभिज्ञौ/NV इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC यस्मात्/SN न/AN अयम्/SNV आत्मा/NP हन्ति/KP न/AN हननक्रियायाः/NP कर्ता/NP भवति/KP,/PUNC न/AN च/AVK हन्यते/KP न/AN च/AVK कर्म/NP भवति/KP इति/AUD अर्थः/NP ,/PUNC अविक्रियत्वात्/NP ।।/PUNC 
कथम्/A अविक्रयः/NV आत्मा/NP इति/AUD द्वितीयः/SMKP मन्त्रः/NP -/PUNC
न/AN जायते/KP म्रियते/NP वा/APY कदाचित्/A न/AN अयम्/SN भूत्वा/NV भविता/NV वा/APY न/AN  भूयः/NV ।/PUNC 
अजः/NV नित्यः/NV शाश्वतः/NV
अयम्/SNV पुराणः/NV न/AN हन्यते/KP हन्यमाने/KN शरीरे/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN जायते/KP न/AN उत्पद्यते/KP ,/PUNC जनिलक्षणा/NV वस्तुविक्रिया/NV न/AN आत्मनः/NP विद्यते/KP इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC तथा/AVK न/AN म्रियते/KP वा/AVK ।/PUNC वाशब्दः/NP चार्थे/NP ।/PUNC न/AN म्रियते/KP  च/AVK इति/AUD अन्त्या/NV विनाशलक्षणा/NV विक्रिया/NV प्रतिषिध्यते/KP ।/PUNC कदाचित्/A शब्दः/NP सर्वविक्रियाप्रतिषेधैः/NP संबध्यते/KP -/PUNC न/AN कदाचित्/A जायते/KP ,/PUNC न/AN कदाचित्/A म्रियते/KP ,/PUNC इति/AUD एवम्/AUD ।/PUNC यस्मात्/SN अयम्/SNV आत्मा/NP भूत्वा/KKS भवनक्रियाम्/NP अनुभूय/KKS पश्चात्/A अभविता/NV अभावम्/NP गन्ता/NV न/AN भूयः/A पुनः/A ,/PUNC तस्मात्/SN न/AN म्रियते/KP ।/PUNC यः/SN हि/A भूत्वा/KKS न/AN भविता/NV सः/SN म्रियते/KP इति/AUD उच्यते/KP लोके/NP ।/PUNC वाशब्दात्/NP नशब्दात्/NP च/APY अयम्/SNV आत्मा/NP अभूत्वा/NV वा/APY भविता/NV देहवत्/NV न/AN भूयः/A ।/PUNC तस्मात्/SN न/AN जायते/KP ।/PUNC यः/SN हि/A अभूत्वा/NV भविता/NV सः/SN जायते/KP इति/AUD उच्यते/KP ।/PUNC न/AN एवम्/AUD आत्मा/NP ।/PUNC अतः/A न/AN जायते/KP ।/PUNC यस्मात्/SN एवम्/AUD तस्मात्/SN अजः/NV ,/PUNC यस्मात्/SN न/AN म्रियते/KP तस्मात्/SN नित्यः/NV च/AVK ।/PUNC यद्यपि/AVK आद्यन्तयोः/NP विक्रिययोः/NP प्रतिषेधे/KP सर्वाः/SNV विक्रियाः/NP प्रतिषिद्धाः/KN भवन्ति/KP ,/PUNC तथापि/AVK मध्यभाविनीनाम्/NP विक्रियाणाम्/NP स्वशब्दैः/NP एव/INTF प्रतिषेधः/NP कर्तव्यः/KN अनुक्तानाम्/NP अपि/A यौवनादिसमस्तविक्रियाणाम्/NP प्रतिषेधः/NP यथा/A स्यात्/KP इति/AUD आह/KP -/PUNC शाश्वतः/NV इति/AUD आदिना/A ।/PUNC शाश्वतः/NV इति/AUD अपक्षयलक्षणा/NV विक्रिया/NV प्रतिषिध्यते/KP ।/PUNC शश्वद्भवः/NV शाश्वतः/NV ।/PUNC न/AN अपक्षीयते/KP स्वरूपेण/NP ,/PUNC निरवयवत्वात्/NP ।/PUNC न/AN अपि/A गुणक्षयेण/NP अपक्षयः/NP ,/PUNC निर्गुणत्वात्/NP ।/PUNC अपक्षयविपरीता/NP अपि/A वृद्धिलक्षणा/NP विक्रिया/NP प्रतिषिध्यते/KP -/PUNC पुराणः/NS इति/AUD ।/PUNC यः/SSN हि/A अवयवागमेन/NP उपचीयते/KP सः/SSN वर्धते/KP अभिनवः/NV इति/AUD च/AVK उच्यते/KP ।/PUNC अयम्/SNV तु/A आत्मा/NP निरवयवत्वात्/NP पुरा/A अपि/A नवः/NV एव/INTF इति/AUD पुराणः/NV ;/PUNC न/AN वर्धते/KP इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC तथा/AVK न/AN हन्यते/KP ।/PUNC हन्तिः/KP अत्र/A विपरिणामार्थे/NP द्रष्टव्यः/NP अपुनः/A उक्ततायै/NP ।/PUNC न/AN विपरिणम्यते/NP इति/AUD अर्थः/NP ।/PUNC हन्यमाने/KN विपरिणम्यमाने/KN अपि/A शरीरे/NP ।/PUNC अस्मिन्/SNV मन्त्रे/NP षट्/SMKY भावविकाराः/NP लौकिकवस्तुविक्रियाः/NP आत्मनि/NP प्रतिषिध्यन्ते/KP ।/PUNC सर्वप्रकारविक्रियारहितः/NV आत्मा/NP इति/AUD वाक्यार्थः/NP ।/PUNC यस्मात्/SSN एवम्/AUD तस्मात्/SSN '/PUNC उभौ/SNV तौ/SN न/AN विजानीतः/KN '/PUNC इति/AUD पूर्वेण/NV मन्त्रेण/NP अस्य/SN संबन्धः/NP ।।/PUNC
यः/SN एनम्/SN वेत्ति/KP हन्तारम्/NP '/PUNC इति/AUD अनेन/SNV मन्त्रेण/NP हननक्रियायाः/NP कर्ता/NP कर्म/NP च/APY न/AN भवति/KP इति/AUD प्रतिज्ञाय/NP ,/PUNC '/PUNC न/AN जायते/KP '/PUNC इति/AUD अनेन/SN अविक्रियत्वम्/NP हेतुम्/NP उक्त्वा/KKS प्रतिज्ञातार्थम्/NP उपसंहरति/KP -/PUNC
वेद/NS अविनाशिनम्/NV नित्यम्/NV यः/SN एनम्/SN अजम्/NV अव्ययम्/NV ।/PUNC  
कथम्/A सः/SNV पुरुषः/NP पार्थ/NV कम्/A घातयति/KP हन्ति/KP कम्/A ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC वेद/NS विजानाति/KP अविनाशिनम्/NV अन्त्यभावविकाररहितम्/NV नित्यम्/NV विपरिणामरहितम्/NV यः/SN वेद/NP इति/AUD संबन्धः/NP ।/PUNC एनम्/SN पूर्वेण/NV मन्त्रेण/NP उक्त/KN लक्षणम्/NP अजम्/NV जन्मरहितम्/NV अव्ययम्/NV अपक्षयरहितम्/NV कथम्/A केन/SN प्रकारेण/NP सः/SNV विद्वान्/NV पुरुषः/NP अधिकृतः/KN हन्ति/KP हननक्रियाम्/NP करोति/KP ,/PUNC कथम्/A वा/AVK घातयति/KP हन्तारम्/NP प्रयोजयति/KP ।/PUNC न/AN कथञ्चित्/A कञ्चित्/A हन्ति/KP ,/PUNC न/AN कथञ्चित्/A कञ्चित्/A घातयति/KP इति/AUD उभयत्र/SN आक्षेपः/NP एव/INTF अर्थः/NP ,/PUNC प्रश्नार्थासंभवात्/NP ।/PUNC हेत्वर्थस्य/NP च/APY अविक्रियत्वस्य/NP तुल्यत्वात्/NP विदुषः/NP सर्वकर्मप्रतिषेधः/NP एव/INTF प्रकरणार्थः/NP अभिप्रेतः/KN भगवता/NP ।/PUNC हन्तेः/KN तु/A आक्षेपः/NP उदाहरणार्थत्वेन/NP कथितः/KN ।।/PUNC 
विदुषः/NP कम्/A कर्मासंभवहेतुविशेषम्/NP पश्यन्/KNV कर्माणि/NP आक्षिपति/KP भगवान्/NP '/PUNC कथम्/A सः/SNV पुरुषः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC ननु/A उक्तः/KN एव/INTF आत्मनः/NP अविक्रियत्वम्/NP सर्वकर्मासंभवकारणविशेषः/NP ।/PUNC सत्यम्/NP उक्तः/KN ।/PUNC न/AN तु/A सः/SN कारणविशेषः/NP ,/PUNC अन्यत्वात्/NP विदुषः/NP अविक्रियात्/NP आत्मनः/NP ।/PUNC न/AN हि/A अविक्रियम्//NP स्थाणुम्/NP विदितवतः/KN कर्म/NP न/AN संभवति/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC विदुषः/NP आत्मत्वात्/NP ।/PUNC न/AN देहादिसंघातस्य/NP विद्वत्ता/NP ।/PUNC अतः/A पारिशेष्यात्/NP असंहतः/KN आत्मा/NP विद्वान्/NV अविक्रियः/NV इति/AUD तस्य/SN विदुषः/NP कर्मासंभवात्/NP आक्षेपः/NP युक्तः/KN '/PUNC कथम्/A सः/SNV पुरुषः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC यथा/A बुद्ध्याद्याहृतस्य/NP शब्दाद्यर्थस्य/NP अविक्रियः/NP एव/INTF सन्/A बुद्धिवृत्त्यविवेकविज्ञानेन/NP अविद्यया/NP उपलब्धा/NP आत्मा/NP कल्प्यते/KP ,/PUNC एवम्/AUD एव/INTF आत्मानात्मविवेकज्ञानेन/NP बुद्धिवृत्त्या/NV विद्यया/NV असत्यरूपया/NV एव/INTF परमार्थतः/KN अविक्रियः/NP  एव/INTF आत्मा/NP विद्वान्/NP उच्यते/KP ।/PUNC विदुषः/NP कर्मासंभववचनात्/NP यानि/SNV कर्माणि/NP शास्त्रेण/NP विधीयन्ते/KP तानि/SNV अविदुषः/NP विहितानि/NP इति/AUD भगवतः/NP निश्चयः/NP अवगम्यते/KP ।।/PUNC 
ननु/A विद्या/NP अपि/A अविदुषः/NP एव/INTF विधीयते/KP ,/PUNC विदितविद्यस्य/NP पिष्टपेषणवत्/ASD विद्याविधानानर्थक्यात्/NP ।/PUNC तत्र/A अविदुषः/NP कर्माणि/NP विधीयन्ते/KP न/AN विदुषः/NP इति/AUD विशेषः/NP न/AN उपपद्यते/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC अनुष्ठेयस्य/NP भावाभावविशेषोपपत्तेः/NP ।/PUNC अग्निहोत्रादिविध्यर्थज्ञानोत्तरकालम्/NP अग्निहोत्रादिकर्मानेकसाधनोपसंहारपूर्वकम्/NV अनुष्ठेयम्/KP '/PUNC कर्ता/NP अहम्/SN ,/PUNC मम/SN कर्तव्यम्/KN '/PUNC इत्येवंप्रकारविज्ञानवतः/KN अविदुषः/NP यथा/AVK अनुष्ठेयम्/NP भवति/KP ,/PUNC न/AN तु/A तथा/AVK न/AN जायते/KP '/PUNC इत्यादि/A आत्मस्वरूपविध्यर्थज्ञानोत्तरकालभावि/NP किञ्चित्/A अनुष्ठेयम्/NP भवति/KP ;/PUNC किन्तु/AVK '/PUNC न/AN अहम्/SN कर्ता/NV ,/PUNC न/AN अहम्/SN भोक्ता/NV '/PUNC इत्यादि/A आत्मैकत्वाकर्तृत्वादिविषयज्ञानात्/NP न/AN अन्यत्/SN उत्पद्यते/KP इति/AUD  एषः/SNV विशेषः/NP उपपद्यते/KP ।/PUNC यः/SN पुनः/A '/PUNC कर्ता/NP अहम्/SN '/PUNC इति/AUD वेत्ति/KP आत्मानम्/NP ,/PUNC तस्य/SN '/PUNC मम/SN इदम्/SNV कर्तव्यम्/NP '/PUNC इति/AUD अवश्यंभाविनी/NV बुद्धिः/NP स्यात्/KP ;/PUNC तत्/SN अपेक्षया/NP सः/SN अधिक्रियते/KP इति/AUD तम्/SN प्रति/AUP कर्माणि/NP संभवन्ति/KP ।/PUNC सः/SN च/AVK अविद्वान्/NV '/PUNC उभौ/SNV तौ/SN नविजानीतः/KN '/PUNC इति/AUD वचनात्/NP विशेषितस्य/NP च /APY विदुषः/NP कर्माक्षेपवचनात्/NP च/APY '/PUNC कथम्/A सः/SNV पुरुषः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तस्मात्/SN विशेषितस्य/NP अविक्रियात्मदर्शिनः/NV विदुषः/NP मुमुक्षोः/NP च/APY सर्वकर्मसंन्यासे/NP एव/INTF अधिकारः/NP ।/PUNC अतएव/A भगवान्/NV नारायणः/NS सांख्यान्/NP विदुषः/NP अविदुषः/NP च/APY कर्मिणः/NP प्रविभज्य/KKS द्वे/SMKY निष्ठे/NP ग्राहयति/KP -/PUNC '/PUNC ज्ञानयोगेन/NP सांख्यानाम्/NP कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK च/AVK पुत्राय/NP आह/KP भगवान्/NV व्यासः/NS -/PUNC '/PUNC द्वौ/SMKY इमौ/SN अथ/A पन्थानौ/NP '/PUNC इत्यादि/A ।/PUNC तथा/AVK च/AVK क्रियापथथः/NP च/APY एव/INTF पुरस्तात्/A  पश्चात्/A संन्यासः/NP च/APY इति/AUD ।/PUNC तम्/SN एव/INTF विभागम्/NP पुनः/A पुनर्दर्शयिष्यति/KP भगवान्/NP -/PUNC अतत्त्ववित्/NP '/PUNC अहंकारविमूढात्मा/NV कर्ता/NP अहम्/SN इति/AUD मन्यते/KP '/PUNC ,/PUNC तत्त्ववित्/NP तु/A न/AN अहम्/SN करोमि/KP इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK च/AVK '/PUNC सर्वकर्माणि/NP मनसा/NP संन्यस्य/NP आस्ते/KP '/PUNC इत्यादि/A ।।/PUNC 
तत्र/A केचित्/A पण्डितंमन्याः/NP वदन्ति/KP -/PUNC '/PUNC जन्मादिषड्भावविक्रियारहितः/NV अविक्रियः/NV अकर्ता/NP एकः/SMKY अहम्/SN आत्मा/NP '/PUNC इति/AUD न/AN कस्यचित्/SNV ज्ञानम्/NP उत्पद्यते/KP ,/PUNC यस्मिन्/SN सति/A सर्वकर्मसंन्यासः/NP उपदिश्यते/KP इति/AUD ।/PUNC तत्/SN न/AN ;/PUNC '/PUNC न/AN जायते/KP '/PUNC इत्यादिशास्त्रोपदेशानर्थक्यप्रसङ्गात्/NP ।/PUNC यथा/AVK च/AVK शास्त्रोपदेशसामर्थ्यात्/NP धर्माधर्मास्तित्वविज्ञानम्/NP कर्तुः/KP च/APY देहान्तरसंबन्धविज्ञानम्/NP उत्पद्यते/KP ,/PUNC तथा/AVK शास्त्रात्/NP तस्य/SN एव/INTF आत्मनः/NP अविक्रियत्वाकर्तृत्वैकत्वादिविज्ञानम्/NP कस्मात्/SN न/AN उत्पद्यते/KP इति/AUD प्रष्टव्याः/KP ते/SN ।/PUNC करणागोचरत्वात्/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC '/PUNC मनसा/NP एव/INTF अनुद्रष्टव्यम्/KN '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/NS ।/PUNC शास्त्राचार्योपदेशशमदमादिसंस्कृतम्/NS मनः/NP आत्मदर्शने/NP करणम्/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK तत्SN अधिगमाय/NP अनुमाने/NP आगमे/NP च/APY सति/A ज्ञानम्/NP न/AN उत्पद्यते/KP इति/AUD साहसमात्रमेतत्/SN ।/PUNC ज्ञानम्/NP च/AVK उत्पद्यमानम्/KN तत्/SN विपरीतम्/NP अज्ञानम्/NP अवश्यम्/NP बाधते/KP इति /AUD अभ्युपगन्तव्यम्/KN ।/PUNC तत्/SN च/AVK अज्ञानम्/NP दर्शितम्/KN '/PUNC हन्ता/NV अहम्/SN ,/PUNC हतः/NV अस्मि/KP '/PUNC इति/AUD '/PUNC उभौSNV तौ/SN न/AN विजानीतः/KN '/PUNC इति/AUD ।/PUNC अत्र/A च/AVK आत्मनः/NP हननक्रियायाः/NP कर्तृत्वम्/NV कर्मत्वम्/NV हेतुकर्तृत्वम्/NV च/APY अज्ञानकृतम्/NV दर्शितम्/KN ।/PUNC तत्/SN च/AVK सर्वक्रियासु/NP अपि/A समानम्/NV कर्तृत्वादेः/NV अविद्याकृतत्वम्/NV ,/PUNC अविक्रियत्वात्/NV आत्मनः/NP ।/PUNC विक्रियावान्/NV हि/A कर्ता/NP आत्मनः/NP कर्मभूतम्/NV अन्यम्/SN प्रयोजयति/KP '/PUNC कुरु/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तत्/SN एतत्/SNV अविशेषेण/NV विदुषः/NP सर्वक्रियासु/NP कर्तृत्वम्/NP हेतुकर्तृत्वम्/NP च/APY प्रतिषेधति/KP भगवान्/NV वासुदेवः/NS विदुषः/NP कर्माधिकाराभावप्रदर्शनार्थम्/NP '/PUNC वेदाविनाशिनम्/NV .../PUNC कथम्/A सः/SNV पुरुषः/NP इत्यादिना/A ।/PUNC क्व/A पुनः/A विदुषः/NP अधिकारः/NP इति/AUD एतत्/SNV उक्तम्/KN  पूर्वम्/A एव/INTF '/PUNC ज्ञानयोगेन/NP सांख्यानाम्/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तथा/AVK च/AVK सर्वकर्मसंन्यासम्/NP वक्ष्यति/KP '/PUNC सर्वकर्माणि/NP मनसा/NP '/PUNC इत्यादिना/A ।।/PUNC 
ननु/A मनसा/NP इति/AUD वचनात्/NP न/AN वाचिकानाम्/NV कायिकानाम्/NV च/APY संन्यासः/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC सर्वकर्माणि/NP इति/AUD विशेषितत्वात्/NP ।/PUNC मानसानाम्/NP एव/INTF सर्वकर्मणाम्/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC मनोव्यापारपूर्वकत्वात्/NP वाक्कायव्यापाराणाम्/NP मनोव्यापाराभावे/NP तत्/SN अनुपपत्तेः/KP ।/PUNC शास्त्रीयाणाम्/NP वाक्कायकर्मणाम्/NP कारणानि/NP मानसानि/NV कर्माणि/NP वर्जयित्वा/KKS अन्यानि/SN सर्वकर्माणि/NP मनसा/NP संन्यसेत्/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC '/PUNC न/AN एव/INTF कुर्वन्/KP न/AN कारयन्/KP '/PUNC इति/AUD विशेषणात्/NP ।/PUNC सर्वकर्मसंन्यासः/NP अयम्SNV भगवता/NP उक्तः/KN मरिष्यतः/KN न/AN जीवतः/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC '/PUNC नवद्वारे/NP पुरे/NP देही/NP आस्ते/KP '/PUNC इति/AUD विशेषणानुपपत्तेः/NP ।/PUNC न/AN हि/A सर्वकर्मसंन्यासेन/NP मृतस्य/NP तत्/SNV देहे/NP आसनम्/NP संभवति/KP ।/PUNC अकुर्वतः/NV अकारयतः/NV च/APY देहे/NP संन्यस्य/NP इति/AUD  संबन्धः/NP न/AN देहे/NP आस्ते/KP इति/AUD  चेत्/A  न/AN ;/PUNC सर्वत्र/A आत्मनः/NP अविक्रियत्वावधारणात्/NV ,/PUNC आसनक्रियायाः/NP च/APY अधिकरणापेक्षत्वात्/NV ,/PUNC तदनपेक्षत्वात्/NV च/APY संन्यासस्य/NP ।/PUNC संपूर्वः/A तु/A न्यासशब्दः/NP अत्र/A त्यागार्थः/NP ,/PUNC न/AN निक्षेपार्थः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN गीताशास्त्रे/NP आत्मज्ञानवतः/NV संन्यासे/NP एव/INTF अधिकारः/NP ,/PUNC न/AN कर्मणि/NP इति/AUD तत्र/A तत्र/DV उपरिष्टात्/NP आत्मज्ञानप्रकरणे/NP दर्शयिष्यामः/KP ।।/PUNC 
प्रकृतम्/NP तु/A वक्ष्यामः/KP ।/PUNC तत्र/A आत्मनः/NP अविनाशित्वम्/NV प्रति/AUP ज्ञातम्/KN ।/PUNC तत्/A किम्/SN इव/ASD इति/AUD ,/PUNC उच्यते/KP -/PUNC
वासांसि/NP जीर्णानि/NV यथा/AVK विहाय/KKS नवानि/NV गृह्णाति/KP नरः/NP अपराणि/SN ।/PUNC 
तथा/AVK शरीराणि/NP विहाय/KKS जीर्णानि/NV अन्यानि/SN संयाति/KP नवानि/NV देही/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
 -/PUNC वासांसि/NP वस्त्राणि/NP जीर्णानि/NV दुर्बलताम्/NP गतानि/NP यथा/AVK लोके/NP विहाय/KKS परित्यज्य/KKS नवानि/NV अभिनवानि/NV गृह्णाति/KP उपादत्ते/NP नरः/NP पुरुषः/NP अपराणि/SN अन्यानि/SN ,/PUNC तथा/AVK तद्वत्/ASD एव/INTF शरीराणि/NP विहाय/KKS जीर्णानि/NV अन्यानि/SN संयाति/KP संगच्छति/KP नवानि/NV देही/NP आत्मा/NP पुरुषवत्/ASD अविक्रियः/NV एव/INTF इति/AUD अर्थः/NP ।।/PUNC
कस्मात्/SN अविक्रियः/NV एव/INTF इति/AUD ,/PUNC आह/KP -/PUNC
न/AN एनम्/SN छिन्दन्ति/KP शस्त्राणि/NP न/AN एनम्/SN दहति/KP पावकः/NP ।/PUNC  
न/AN च/AVK एनम्/SN क्लेदयन्ति/KP आपः/NP न/AN शोषयति/KP मारुतः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एनम्/SN प्रकृतम्/NP देहिनम्/NP न/AN छिन्दन्ति/KP शस्त्राणि/NP ,/PUNC निरवयवत्वात्/NP न/AN अवयवविभागम्/NP कुर्वन्ति/KP ।/PUNC शस्त्राणि/NP अस्यादीनि/NP ।/PUNC तथा/AVK न/AN एनम्/SN दहति/KP पावकः/NP ,/PUNC अग्निः/NP अपि/A न/AN भस्मीकरोति/KP ।/PUNC तथा/AVK न/AN च/AVK एनम्/SN क्लेदयन्ति/KP आपः/NP ।/PUNC अपाम्/NP हि/A सावयवस्य/NP वस्तुनः/NP आर्द्रीभावकरणेन/NP अवयवविश्लेषापादने/NP सामर्थ्यम्/NP ।/PUNC तत्/SN न/AN निरवयवे/NV आत्मनि/NP संभवति/KP ।/PUNC तथा/AVK स्नेहवत्/ASD द्रव्यम्/NP स्नेहशोषणेन/NP नाशयति/KP वायुः/NP ।/PUNC एनम्/SN तु/A आत्मानम्/NP न/AN शोषयति/KP मारुतः/NP अपि/A ।।/PUNC 
यतः/A एवम्/AUD तस्मात्/SN -/PUNC
अच्छेद्यः/NV अयम्/SN अदाह्यः/NV अयम्/SN अक्लेद्यः/NV अशोष्यः/NV एव/INTF च/APY ।/PUNC  
नित्यः/NV सर्वगतः/NV स्थाणुः/NV अचलः/NV अयम्/SNV सनातनः/NV ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यस्मात्/SSN अन्योन्यनाशहेतुभूतानि/NP एनम्/SNV आत्मानम्/NP नाशयितुम्/KKS न/AN उत्सहन्ते/KP अस्यादीनि/A तस्मात्/SSN नित्यः/NV ।/PUNC नित्यत्वात्/NP सर्वगत:/KN ।/PUNC सर्वगतत्वात्/NP स्थाणुः/NP इव/ASD ,/PUNC स्थिरः/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC स्थिरत्वात्/NP अचलः/NV अयम्/SNV आत्मा/NP ।/PUNC अतः/A सनातनः/NV चिरंतनः/NV ,/PUNC न/AN कारणात्/NP कुतश्चित्/A निष्पन्नः/KN ,/PUNC अभिनवः/NV इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
न/AN एतेषाम्SNV श्लोकानाम्/NP पौनरुक्त्यम्/NV चोदनीयम्/NV ,/PUNC यतः/A एकेन/SMKY एव/INTF श्लोकेन/NP आत्मनः/NP नित्यत्वम्/NV अविक्रियत्वम्/NV च/APY उक्तम्/KN '/PUNC न/AN जायते/KP म्रियते/KP वा/APY '/PUNC इत्यादिना/A ।/PUNC तत्र/A यत्/SSN एव/INTF आत्मविषयम्/NP किञ्चित्/A उच्यते/KP ,/PUNC तत्/SSN एतस्मात्/SNV श्लोकार्थात्/NP न/AN अतिरिच्यते/KP ;/PUNC किञ्चित्/A शब्दतः/NV पुनः/A उक्तम्/KN ,/PUNC किञ्चित्/A अर्थतः/NV इति/AUD ।/PUNC दुबोर्धत्वात्/NP आत्मवस्तुनः/NP पुनः/A पुनः/DV प्रसङ्गम्/NP आपाद्य/KKS शब्दान्तरेण/A तत्/SN एव/INTF वस्तु/NP निरूपयति/KP भगवान्/NV वासुदेवः/NS कथम्/A नु/A नाम/NP संसारिणाम्/NV असंसारित्वबुद्धिगोचरताम्/NV आपन्नम्/NV सत्/NP अव्यक्तम्/NV तत्त्वम्/NP संसारनिवृत्तये/NP स्यात्/KP इति/AUD ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
अव्यक्तः/NV अयम्/SNV अचिन्त्यः/NV अयम्/SNV अविकार्यः/NV अयम्/SNV उच्यते/KP ।/PUNC        
तस्मात्/SN एवम्/AUD विदित्वा/KKS एनम्/SN न/AN अनुशोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सर्वकरणाविषयत्वात्/NP न/AN व्यज्यते/KP इति/AUD अव्यक्तः/NV अयम्/SNV आत्मा/NP ।/PUNC अतः/A एव/INTF अचिन्त्यः/NV अयम्/SNV ।/PUNC यत्/SN हि/A इन्द्रियगोचरः/NP तत्/SN चिन्ताविषयत्वम्/NP आपद्यते/KP ।/PUNC अयम्/SNV तु/A आत्मा/NP अनिन्द्रियगोचरत्वात्/NP अचिन्त्यः/NV ।/PUNC अतएव/A अविकार्यः/NV ,/PUNC यथा/AVK  क्षीरम्/NP दध्यातञ्चनादिना/NP विकारि/NP न/AN तथा/AVK अयम्/SNV आत्मा/NP ।/PUNC निरवयवत्वात्/NP च/AVK अविक्रियः/NV ।/PUNC न/AN हि/A निरवयवम्/NP किञ्चित्/A विक्रियात्मकम्/NV दृष्टम्/KN ।/PUNC अविक्रियत्वात्/NP अविकार्यः/NV अयम्/SNV आत्मा/NP उच्यते/KP ।/PUNC तस्मात्/SN एवम्/AUD यथा/ASD उक्तप्रकारेण/NP एनम्/SNV आत्मानम्/NP विदित्वा/KKS त्वम्/SN न/AN अनुशोचितुम्/KKS अर्हसि/KP हन्ता/NV अहम्/SN एषाम्/SN ,/PUNC मया/SN एते/SN हन्यन्ते/KP इति/AUD ।।/PUNC
आत्मनः/NP अनित्यत्वम्/NV अभ्युपगम्य/NV इदम्/SN उच्यते/KP -/PUNC
अथ/A च/AVK एनम्/SN नित्यजातम्/NV नित्यम्/NV वा/APY मन्यसे/KP मृतम्/NP ।/PUNC
तथापि/AVK त्वम्/SN महाबाहो/NV न/AN एवम्/AUD शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथ/A च/AVK इति/AUD  अभ्युपगमार्थः/NP ।/PUNC एनम्/SN प्रकृतम्/NP आत्मानम्/NP नित्यजातम्/NV लोकप्रसिद्ध्या/NV प्रत्यनेकशरीरोत्पत्तिम्/NP जातः/KN जातः/KN इति/AUD मन्यसे/KP तथा/AVK प्रतितत्तद्विनाशम्/NP नित्यम्/NV वा/APY मन्यसे/KP मृतम्/NP मृतः/NP मृतः/DV इति/AUD ;/PUNC तथापि/AVK तथा/ASD अभावे/NP अपि/A आत्मनि/NP त्वम्/SN महाबाहो/NV ,/PUNC न/AN एवम्/AUD शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ,/PUNC जन्मवतः/KN जन्म/NP नाशवतः/KN नाशः/NP च/APY इति/AUD एतौ/SN अवश्यंभाविनौ/NV इति/AUD ।।/AUD  
तथा/AVK च/AVK सति/A -/PUNC
जातस्य/NP हि/A ध्रुवः/NV मृत्युः/NP ध्रुवम्/NV जन्म/NP मृतस्य/NP च/APY ।/PUNC 
तस्मात्/SN अपरिहार्ये/NV अर्थे/NP न/AN त्वम्/SN शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC जातस्य/NP हि/A लब्धजन्मनः/NP ध्रुवः/NV अव्यभिचारी/NV मृत्युः/NP मरणम्/NP ध्रुवम्/NV जन्म/NP मृतस्य/NP च/APY ।/PUNC तस्मात्/SN अपरिहार्यः/NV अयम्/SN जन्ममरणलक्षणः/NP अर्थः/NP ।/PUNC तस्मिन्SNV अपरिहार्ये/NV अर्थे/NP न/AN त्वम्/SN शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 
कार्यकरणसंघातात्मकानि/NP अपि/A भूतानि/NP उद्दिश्य/KKS शोकः/NP न/AN युक्तः/KN कर्तुम्/KKS ,/PUNC यतः/A -/PUNC
अव्यक्तादीनि/NV भूतानि/NP व्यक्तमध्यानि/NV भारत/NS ।/PUNC 
अव्यक्तनिधनानि/NP एव/INTF तत्र/A का/SN परिदेवना/NP ।।/PUNC 2/PUNC .28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अव्यक्तादीनि/NP अव्यक्तम्/NV अदर्शनम्/NV अनुपलब्धिः/NV आदिः/A येषाम्/SNV भूतानाम्/NP पुत्रमित्रादिकार्यकरणसंघातात्मकानाम्/NP तानि/SNV अव्यक्तादीनि/NV भूतानि/NP प्राक्/A उत्पत्तेः/NP ,/PUNC उत्पन्नानि/NP च/AVK प्राङ्/A मरणात्/NP व्यक्तमध्यानि/NV ।/PUNC अव्यक्तनिधनानि/NP एव/INTF पुनः/A अव्यक्तम्/NV अदर्शनम्/NV निधनम्/NP मरणम्/NP येषाम्/SN तानि/SN अव्यक्तनिधनानि/NV ।/PUNC मरणात्+ऊर्ध्वम्+अपि+अव्यक्तताम्+एव प्रतिपद्यन्ते/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK उक्तम्/KN -/PUNC '/PUNC अदर्शनात्/NP आपतितः/KN पुनः/A च/AVK अदर्शनम्/NV गतः/KN ।/PUNC न/AN असौ/SN तव/SN न/AN तस्य/SN त्वम्/SN वृथा/A का/SN परिदेवना/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC तत्र/A का/SN परिदेवना/NP कः/SN वा/APY प्रलापः/NP अदृष्टदृष्टप्रनष्टभ्रान्तिभूतेषु/NP भूतेषु/DV इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
दुर्विज्ञेयः/NV अयम्/SN प्रकृतः/NP आत्मा/NP ;/PUNC किम्/SN त्वाम्/SN एव/INTF एकम्/SMK उपालभे/KP साधारणे/NV भ्रान्तिनिमित्ते/NP ।/PUNC कथम्/A दुर्विज्ञेयः/NV अयम्/SNV आत्मा/NP इत्यत/A आह/KP -/PUNC
आश्चर्यवत्/ASD पश्यति/KP कश्चित्/SNV एनम्/SN आश्चर्यवत्/ASD वदति/KP तथा/AVK एव/INTF च/AVK अन्यः/SN ।/PUNC 
आश्चर्यवत्/ASD च/AVK एनम्/SN अन्यः/SN शृणोति/KP श्रुत्वा/KKS अपि/A एनम्/SNV वेद/KP न/AN च/AVK एव/INTF कश्चित्/SN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आश्चर्यवत्/ASD आश्चर्यम्/NP अदृष्टपूर्वम्/NV अद्भुतम्/NV अकस्मात्/A दृश्यमानम्/KN तेन/SN तुल्यम्/NP आश्चर्यवत्/ASD आश्चर्यम्/NV इव/ASD एनम्/SNV आत्मानम्/NP पश्यति/KP कश्चित्/SN ।/PUNC आश्चर्यवत्/ASD एनम्/SN वदति/KP तथा/AVK एव/INTF च/AVK अन्यः/SN ।/PUNC आश्चर्यवत्/ASD च/AVK एनम्/SN अन्यः/SN शृणोति/KP ।/PUNC श्रुत्वा/KKS दृष्ट्वा/KKS उक्त्वा/KKS  अपि/A एनम्/SNV आत्मानम्/NP वेद/KP न/AN च/APY एव/INTF कश्चित्/SN ।/PUNC अथवा/AVK यः/SSN अयम्/SNV आत्मानम्/NP पश्यति/KP सः/SSN आश्चर्यतुल्यः/NV ,/PUNC यः/SN वदति/KP यः/SN च/APY शृणोति/KP सः/SN अनेकसहस्रेषु/NP कश्चित्/SN एव/INTF भवति/KP ।/PUNC अतः/A दुर्बोधः/NV आत्मा/NP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
अथ/A इदानीम्/A प्रकरणार्थम्/NP उपसंहरन्/KNV ब्रूते/KP -/PUNC
देही/NP नित्यम्/NV अवध्यः/NV अयम्/SNV देहे/NP सर्वस्य/SN भारत/NS ।/PUNC
तस्मात्/SN सर्वाणि/SNV भूतानि/NP न/AN त्वम्/SN शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC देही/NP शरीरी/NP नित्यम्/NV सर्वदा/A सर्वावस्थासु/NP अवध्यः/NV निरवयवत्वात्/NP नित्यत्वात्/NP च/APY तत्र/A अवध्यः/NV अयम्/SNV  देहे/NP शरीरे/NP सर्वस्य/SN सर्वगतत्वात्/NP स्थावरादिषु/NP स्थितः/KN अपि/A सर्वस्य/SNV प्राणिजातस्य/NP देहे/NP वध्यमाने/KN अपि/A अयम्/SNV तस्मात्/SSN ,/PUNC भीष्मादीनि/NS सर्वाणि/SNV भूतानि/NP उद्दिश्य/KKS न/AN त्वम्/SN शोचितुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 
इह/A परमार्थतत्त्वापेक्षायाम्/NP शोकः/NP मोहः/NP वा/APY न/AN संभवति/KP इति/AUD उक्तम्/KN ।/PUNC न/AN केवलम्/A परमार्थतत्त्वापेक्षायाम्/NP एव/INTF ।/PUNC किम्/SN तु/A -/PUNC
स्वधर्मम्/NP अपि/AVK च/AVK अवेक्ष्य/KKS न/AN विकम्पितुम्/KKS अर्हसि/KP ।/PUNC 
धर्म्यात्/NP हि/A युद्धात्/NP श्रेयः/NP अन्यत्/SN क्षत्रियस्य/NS न/AN विद्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC -/PUNC स्वधर्मम्/NP अपि/AVK स्वः/SNV धर्मः/NP क्षत्रियस्य/NS युद्धम्/NP तम्/SN अपि/AVK अवेक्ष्य/KKS त्वम्/SN न/AN विकम्पितुम्/KKS प्रचलितुम्/KKS न/AN अर्हसि/KP  क्षत्रियस्य/NS स्वाभाविकात्/NV धर्मात्/NP आत्मस्वाभाव्यात्/NP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC तत्/SN च/AVK युद्धम्/NP पृथिवीजयद्वारेण/NP धर्मार्थम्/NV प्रजारक्षणार्थम्/NV च/APY इति/AUD धर्मात्/NP अनपेतम्/KP परम्/NV धर्म्यम्/NP ।/PUNC तस्मात्/SSN धर्म्यात्/NP युद्धात्/NP श्रेयः/NP अन्यत्/SN क्षत्रियस्य/NS न/AN विद्यते/KP हि/A यस्मात्/SSN ।।/PUNC 
कुतः/AP च/AVK तत्/SNV युद्धम्/NP कर्तव्यम्/KN इति/AUD ,/PUNC उच्यते/KP ?/PUNC
यदृच्छया/NP च/AVK उपपन्नम्/NV स्वर्गद्वारम्/NP अपावृतम्/KN ।/PUNC
सुखिनः/NV क्षत्रियाः/NP पार्थ/NS लभन्ते/KP युद्धम्/NP ईदृशम्/ASD ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यदृच्छया/NP च/AVK अप्रार्थिततया/NP उपपन्नम्/NV आगतम्/NV स्वर्गद्वारम्/NP अपावृतम्/NV उद्घाटितम्/NV ये/SNV एतत्/SN ईदृशम्/ASD युद्धम्/NP लभन्ते/KP क्षत्रियाः/NS हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC किम्/SN न/AN सुखिनः/NP ते/SN ?/PUNC 
एवम्/AUD कर्तव्यताप्राप्तम्/NP अपि/AP ?/PUNC
अथ/A चेत्/A त्वम्/SN इमम्/SNV धर्म्यम्/NP संग्रामम्/NP न/AN करिष्यसि/KP ।/PUNC 
ततः/A स्वधर्मम्/NP कीर्तिम्/NP च/APY हित्वा/KKS पापम्/NP अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथ/A चेत्/A त्वम्/SN इमम्/SNV धर्म्यम्/NP धर्मात्/NP अनपेतम्/NV विहितम्/NV संग्रामम्/NP युद्धम्/NP न/AN करिष्यसि/KP चेत्/A ,/PUNC ततः/A तदकरणात्/NP स्वधर्मम्/NP कीर्तिम्/NP च/APY महादेवादिसमागमनिमित्ताम्/NP हित्वा/KKS केवलम्/A पापम्/NP अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC
न/AN केवलम्/A स्वधर्मकीर्तिपरित्यागः/NP ?/PUNC
अकीर्तिम्/NP च/AVK अपि/AVK भूतानि/NP कथयिष्यन्ति/KP ते/SNV अव्ययाम्/NP ।/PUNC 
संभावितस्य/NP च/AVK अकीर्तिः/NP मरणात्/NP अतिरिच्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अकीर्तिम्/NP च/AVK अपि/A युद्धे/NP भूतानि/NP कथयिष्यन्ति/KP ते/SN तव/SN अव्ययाम्/NP दीर्घकालाम्/NP ।/PUNC धर्मात्मा/NP शूरः/NP इति/AUD एवमादिभिः/A गुणैः/NP संभावितस्य/NP च/AVK अकीर्तिः/NP मरणात्/NP अतिरिच्यते/KP ,/PUNC संभावितस्य/NP च/AVK अकीर्तेः/NP वरम्/NV मरणम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
किञ्च/A -/PUNC
भयात्/NP रणात्/NP उपरतम्/NP मंस्यन्ते/KP त्वाम्/SN महारथाः/NV ।/PUNC 
येषाम्/SN च/AVK त्वम्/SN बहुमतः/KN भूत्वा/KKS यास्यसि/KP लाघवम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भयात्/NP कर्णादिभ्यः/NS रणात्/NP  युद्धात्/NP उपरतम्/NP निवृत्तम्/NP मंस्यन्ते/KP चिन्तयिष्यन्ति/KP न/AN कृपया/NP इति/AUD त्वाम्/SN महारथाः/NV दुर्योधनप्रभृतयः/ASD ।/PUNC येषाम्/SN च/AVK त्वम्/SN दुर्योधनादीनाम्/NS बहुमतः/NV बहुभिः/NV गुणैः/NP युक्तः/KN इत्येवम्/AUD मतः/NP बहुमतः/NP भूत्वा/KKS पुनः/A यास्यसि/KP लाघवम्/NV लघुभावम्/NV ।।/PUNC
किञ्च/A -/PUNC
अवाच्यवादान्/NP च/AVK बहून्/NV वदिष्यन्ति/KP तव/SN अहिताः/KN ।/PUNC
निन्दन्तः/KN तव/SN सामर्थ्यम्/NP ततः/A दुःखतरम्/NP नु/A किम्/SN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अवाच्यवादान्/NP अवक्तव्यवादान्/NP च/APY बहून्/NV अनेकप्रकारान्/NV वदिष्यन्ति/KP तव/SN अहिताः/NP शत्रवः/NP निन्दन्तः/KN कुत्सयन्तः/KN तव/SN त्वदीयम्/SN सामर्थ्यम्/NP निवातकवचादियुद्धनिमित्तम्/NP ।/PUNC ततः/A तस्मात्/SN निन्दाप्राप्तेर्दुःखात्/NP दुःखतरम्/NP नु/A किम्/SN ,/PUNC ततः/A कष्टतरम्/NP दुःखम्/NP नास्ति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
युद्धे/NP पुनः/A क्रियमाणे/KN कर्णादिभिः/NS -/PUNC
हतः/KN वा/AVK प्राप्स्यसि/KP स्वर्गम्/NP जित्वा/KKS वा/APY भोक्ष्यसे/KP महीम्/NP ।/PUNC 
तस्मात्/SN उत्तिष्ठ/KP कौन्तेय/NP युद्धाय/NP कृतनिश्चयः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC -/PUNC हतः/KN वा/APY प्राप्स्यसि/KP स्वर्गम्/NP ,/PUNC हतः/KN सन्/A स्वर्गम्/NP प्राप्स्यसि/KP ।/PUNC जित्वा/KKS वा/APY कर्णादीन्/NP शूरान्/NV भोक्ष्यसे/KP महीम्/NP ।/PUNC उभयथा/SN अपि/A तव/SN लाभ/NP एव/INTF इति/AUD अभिप्रायः/NP ।/PUNC यतः/A एवम्/AUD  तस्मात्/SN उत्तिष्ठ/KP कौन्तेय/NP युद्धाय/NP कृतनिश्चयः/NP '/PUNC जेष्यामि/KP शत्रून्/NP ,/PUNC मरिष्यामि/KP वा/APY '/PUNC इति/AUD  निश्चयम्/NP कृत्वा/KKS इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
तत्र/A युद्धम्/NP स्वधर्मः/NP इति/AUD एवम्/AUD युध्यमानस्य/KN उपदेशम्/NP इमम्/SN शृणु/KP -/PUNC
सुखदुःखे/NP समे/NP कृत्वा/KKS लाभालाभौ/NP जयाजयौ/NP ।/PUNC
ततो/A युद्धाय/NP युज्यस्व/KP न/AN एवम्/AUD पापम्/NP अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सुखदुःखे/NP समे/NP तुल्ये/NP कृत्वा/KKS ,/PUNC रागद्वेषौ/NP अपि/AVK अकृत्वा/KKS इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC तथा/AVK  लाभालाभौ/NP जयाजयौ/NP च/APY समौ/NP कृत्वा/KKS ततो/A युद्धाय/NP युज्यस्व/KP घटस्व/KP ।/PUNC न/AN एवम्/AUD युद्धम्/NP कुर्वन्/KP पापम्/NP अवाप्स्यसि/KP ।/PUNC इति/AUD एषः/SNV उपदेशः/NP प्रासङ्गिकः/NV ।।/PUNC 
शोकमोहापनयनाय/NP लौकिकः/NV न्यायः/NP '/PUNC स्वधर्मम्/NP अपि/AVK च/AVK अवेक्ष्य/KKS '/PUNC इत्याद्यैः/A श्लोकैः/NP उक्तः/KN ,/PUNC न/AN तु/A तात्पर्येण/NP ।/PUNC परमार्थदर्शनम्/NP इह/A प्रकृतम्/NP ।/PUNC तत्/SN च/AVK उक्तम्/KN उपसंह्रियते/KP -/PUNC '/PUNC एषा/SN  ते/SN अभिहिता/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 39/PUNC )/PUNC  इति/AUD शास्त्रविषयविभागप्रदर्शनाय/NP ।/PUNC इह/A हि/A प्रदर्शिते/NP पुनः/A शास्त्रविषयविभागे/NP उपरिष्टात्/NP '/PUNC ज्ञानयोगेन/NP सांख्यानाम्/NP कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP '/PUNC इति/AUD निष्ठाद्वयविषयम्/NP शास्त्रम्/NP सुखम्/NP प्रवर्तिष्यते/KP ,/PUNC श्रोतारः/NP च/AVK विषयविभागेन/NP सुखम्/NP ग्रहीष्यन्ति/KP इत्यत/A आह/KP  -/PUNC
एषा/SN ते/SN अभिहिता/KP सांख्ये/NS बुद्धिः/NP योगे/NP तु/A इमाम्/SN शृणु/KP ।/PUNC 
बुद्ध्या/NP युक्तः/KN यया/SN पार्थ/NS कर्मबन्धम्/NP प्रहास्यसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एषा/SN ते/SN तुभ्यम्/SN अभिहिता/KP उक्ता/KN सांख्ये/NS परमार्थवस्तुविवेकविषये/NP बुद्धिः/NP ज्ञानम्/NP साक्षात्/A शोकमोहादिसंसारहेतुदोषनिवृत्तिकारणम्/NP ।/PUNC योगे/NS तु/A तत्प्राप्त्युपाये/NP निःसङ्गतया/NP द्वन्द्वप्रहाणपूर्वकम्/NV ईश्वराराधनार्थे/NP कर्मयोगे/NP कर्मानुष्ठाने/NP समाधियोगे/NP च/APY इमाम्/SN अनन्तरम्/A एव/INTF उच्यमानाम्/KN बुद्धिम्/NP शृणु/KP ।/PUNC ताम्/SN च/AVK बुद्धिम्/NP स्तौति/KP प्ररोचनार्थम्/NP -/PUNC बुद्धया/NP यया/SN योगविषयया/NP युक्तः/KN हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC कर्मबन्धम्/NP कर्म/NP एव/INTF धर्माधर्माख्यः/NP बन्धः/NP कर्मबन्धः/NP तम्/SN प्रहास्यसि/KP ईश्वरप्रसादनिमित्तज्ञानप्राप्त्या/NP एव/INTF इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
किञ्च/A अन्यत्/SN ?/PUNC
न/AN इह/A अभिक्रमनाशः/NP अस्ति/KP प्रत्यवायः/NP न/AN विद्यते/KP ।/PUNC
स्वल्पम्/A अपि/A अस्य/SNV धर्मस्य/NP त्रायते/KP महतः/NV भयात्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN इह/A मोक्षमार्गे/NP कर्मयोगे/NP अभिक्रमनाशः/NP अभिक्रमणम्/NP अभिक्रमः/NP प्रारम्भः/NP तस्य/SN नाशः/NP न/AN अस्ति/KP यथा/ASD कृष्यादेः/A ।/PUNC योगविषये/NP प्रारम्भस्य/NP न/AN अनैकान्तिकफलत्वम्/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC किञ्च/A न/AN अपि/A चिकित्सावत्/ASD प्रत्यवायः/NP विद्यते/KP भवति/KP ।/PUNC किम्/SN तु/A स्वल्पम्/A अपि/A अस्य/SNV धर्मस्य/NP योगधर्मस्य/NP अनुष्ठितम्/KN त्रायते/KP रक्षति/KP महतः/NV भयात्/NP संसारभयात्/NP जन्ममरणादिलक्षणात्/NP ।।/PUNC 
&&या/SN इयम्/SNV सांख्ये/NS बुद्धिः/NP उक्ता/KN योगे/NS च/AVK ,/PUNC वक्ष्यमाणलक्षणा/NV सा/SN ?/PUNC
व्यवसायात्मिका/NV बुद्धिः/NP एका/SMK इह/A कुरुनन्दन/NV ।/PUNC 
बहुशाखा/NP हि/A अनन्ताः/NV च/AVK बुद्धयः/NP अव्यवसायिनाम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC -/PUNC व्यवसायात्मिका/NV निश्चयस्वभावा/NV एका/SMK एव/INTF बुद्धिः/NP इतरविपरीतबुद्धिशाखाभेदस्य/NP बाधिका/NV ,/PUNC सम्यक्प्रमाणजनितत्वात्/NP ,/PUNC इह/A श्रेयोमार्गे/NP हे/ASMB कुरुनन्दन/NV ।/PUNC याः/SN पुनः/A इतरा/SN विपरीतबुद्धयः/NP ,/PUNC यासाम्/SN शाखाभेदप्रचारवशात्/NP अनन्तः/NV अपारः/NV अनुपरतः/NV संसारः/NP नित्यप्रततः/NP विस्तीर्णः/NP भवति/KP ,/PUNC प्रमाणजनितविवेकबुद्धिनिमित्तवशात्/NP च/AVK उपरतासु/NV अनन्तभेदबुद्धिषु/NV संसारः/NP अपि/APY उपरमते/KP ता/SNV बुद्धयः/NP बहुशाखाः/NP बह्व्यः/NV शाखाः/NP यासाम्/SN ताः/SN बहुशाखाः/NV ,/PUNC बहुभेदाः/NV  इत्येतत्/SN ।/PUNC प्रतिशाखाभेदेन/NP हि/A अनन्ताः/NV च/AVK बुद्धयः/NP ।/PUNC केषाम्/SN ?/PUNC अव्यवसायिनाम्/NP प्रमाणजनितविवेकबुद्धिरहितानाम्/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
येषाम्/SN व्यवसायात्मिका/NV बुद्धिः/NP नास्ति/KP ते/SN ?/PUNC
याम्/SN इमाम्/SNV पुष्पिताम्/NP वाचम्/NP प्रवदन्ति/KP अविपश्चितः/KN ।/PUNC
वेदवादरताः/NV पार्थ/NS न/AN अन्यत्/SN अस्ति/KP इति/AUD वादिनः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC -/PUNC याम्/SN इमाम्/SNV वक्ष्यमाणाम्/KN पुष्पिताम्/NP पुष्पितः/KN इव/ASD वृक्षः/NP शोभमानाम्/NV श्रूयमाणरमणीयाम्/NV वाचम्/NP वाक्यलक्षणाम्/NP प्रवदन्ति/KP ।/PUNC के/SN ?/PUNC अविपश्चितः/NP अमेधसः/NP अविवेकिनः/NP  इत्यर्थः/NP ।/PUNC वेदवादरताः/NV बह्वर्थवादफलसाधनप्रकाशकेषु/NP वेदवाक्येषु/NP रताः/KN हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC न/AN अन्यत्/SN स्वर्गपश्वादिफलसाधनेभ्यः/NV  कर्मभ्यः/NP अस्ति/KP इति/AUD एवम्/AUD वादिनः/NV वदनशीलाः/NV ।।/PUNC 
ते/SN च/AVK -/PUNC
कामात्मानः/NP स्वर्गपराः/NV जन्मकर्मफलप्रदाम्/NV ।/PUNC 
क्रियाविशेषबहुलाम्/NV भोगैश्वर्यगतिम्/NV प्रति/AUP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कामात्मानः/NV कामस्वभावाः/NV ,/PUNC कामपराः/NV इत्यर्थः/NP ।/PUNC स्वर्गपराः/NV स्वर्गः/NP परः/SN पुरुषार्थः/NP येषाम्/SN ते/SN स्वर्गपराः/NV स्वर्गप्रधानाः/NV ।/PUNC जन्मकर्मफलप्रदाम्/NV कर्मणः/NP फलम्/NP कर्मफलम्/NP जन्म/NP एव/INTF कर्मफलम्/NP जन्मकर्मफलम्/NP तत्/SN प्रददाति/KP इति/AUD जन्मकर्मफलप्रदा/NV ,/PUNC ताम्/SNV वाचम्/NP ।/PUNC प्रवदन्ति/KP इति/AUD अनुषज्यते/KP ।/PUNC क्रियाविशेषबहुलाम्/NP क्रियाणाम्/KN विशेषाः/NV क्रियाविशेषाः/NP ते/SN बहुलाः/NV यस्याम्/SNV वाचि/NP ताम्/SN स्वर्गपशुपुत्राद्यर्थाः/NP यया/SNV वाचा/NP बाहुल्येन/NV प्रकाश्यन्ते/KP ।/PUNC भोगैश्वर्यगतिम्/NP प्रति/AUP भोगः/NP च/APY ऐश्वर्यम्/NP च/APY भोगैश्वर्ये/NP ,/PUNC तयोः/SN गतिः/NP प्राप्तिः/NP भोगैश्वर्यगतिः/NV ,/PUNC ताम्/SN प्रति/AUP साधनभूताः/NP ये/SNV क्रियाविशेषाः/NP तद्बहुलाम्/NP ताम्/SNV वाचम्/NP प्रवदन्तः/KN मूढाः/NP संसारे/NP परिवर्तन्ते/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
तेषाम्/SN च/AVK -/PUNC
भोगैश्वर्यप्रसक्तानाम्/NV तया/SN अपहृतचेतसाम्/NV ।/PUNC 
व्यवसायात्मिका/NV बुद्धिः/NP समाधौ/NP न/AN विधीयते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 44/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 44/PUNC ।।/PUNC -/PUNC भोगैश्वर्यप्रसक्तानाम्/NP भोगः/NP कर्तव्यः/NP ऐश्वर्यम्/NP च/APY इति/AUD भोगैश्वर्ययोः/NP एव/INTF प्रणयवताम्/NP तदात्मभूतानाम्/NP ।/PUNC तया/SN क्रियाविशेषबहुलया/NV वाचा/NP अपहृतचेतसाम्/NP आच्छादितविवेकप्रज्ञानाम्/NP व्यवसायात्मिका/NV सांख्ये/NS योगे/NS वा/APY बुद्धिः/NP समाधौ/NP समाधीयते/KP अस्मिन्/SNV पुरुषोपभोगा/NP सर्वम्/SN इति/AUD समाधिः/NP अन्तःकरणम्/NV बुद्धिः/NP तस्मिन्/SNV समाधौ/NP ,/PUNC न/AN विधीयते/KP न/AN भवति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
ये/SN एवम्/AUD विवेकबुद्धिरहिताः/NV तेषाम्/SN कामात्मनाम्/NP यत्/SSN फलम्/NP तत्/SSN आह/KP -/PUNC
त्रैगुण्यविषयाः/NV वेदाः/NS निस्त्रैगुण्यः/NV भव/KP अर्जुन/NS ।/PUNC
निर्द्वन्द्वः/NV नित्यसत्त्वस्थः/NV निर्योगक्षेमः/NV आत्मवान्/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 45/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 45/PUNC ।।/PUNC -/PUNC त्रैगुण्यविषयाः/NP त्रैगुण्यम्/NV संसारो/NP विषयः/NP प्रकाशयितव्यः/KKS येषाम्/SN ते/SNV वेदाः/NS त्रैगुण्यविषयाः/NP ।/PUNC त्वम्/SN  तु/A निस्त्रैगुण्यः/NV  भव/KP अर्जुन/NS ,/PUNC निष्कामः/NV भव/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC निर्द्वन्द्वः/NP सुखदुःखहेतू/NP सप्रतिपक्षौ/NV पदार्थौ/NP द्वन्द्वशब्दवाच्यौ/NP ,/PUNC ततः/A निर्गतः/KN निर्द्वन्द्वः/NP भव/KP ।/PUNC नित्यसत्त्वस्थः/NP सदा/A सत्त्वगुणाश्रितः/KN भव/KP ।/PUNC तथा/AVK निर्योगक्षेमः/NP अनुपात्तस्य/NP उपादानम्/NP योगः/NS ,/PUNC उपात्तस्य/NP रक्षणम्/NP क्षेमः/NP ,/PUNC योगक्षेमप्रधानस्य/NP श्रेयसि/NV प्रवृत्तिः/NP दुष्करा/NV इत्यतः/A निर्योगक्षेमः/NP भव/KP ।/PUNC आत्मवान्/NP अप्रमत्तः/NP च/APY भव/KP ।/PUNC एषः/SNV तव/SN उपदेशः/NP स्वधर्मम्/NP अनुतिष्ठतः/KN ।।/PUNC 
सर्वेषु/SNV वेदोक्तेषु/NP कर्मसु/NP यानि/SSN अयुक्तानि/NV अनन्तानि/NV फलानि/NP तानि/SSN न/AN अपेक्ष्यन्ते/KP चेत्/A ,/PUNC किमर्थम्/NP तानि/SN ईश्वराय/NP इति/AUD अनुष्ठीयन्ते/KP इति/AUD उच्यते/KP ;/PUNC शृणु/KP -/PUNC
यावान्/AVK अर्थः/NP उदपाने/NP सर्वतःसंप्लुतोदके/NP ।/PUNC 
तावान्/AVK सर्वेषु/SNV वेदेषु/NP ब्राह्मणस्य/NP विजानतः/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 46/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 46/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यथा/AVK लोकेNP कूपतडागाद्यनेकस्मिन्/SMKY उदपाने/NP परिच्छिन्नोदके/NP यावान्/AVK यावत्परिमाणः/NP स्नानपानादिः/A अर्थः/NP फलम्/NP  प्रयोजनम्/NP सः/SSN सर्वः/SN अर्थः/NP सर्वतःसंप्लुतोदके/NP अपि/AVK यः/SSN अर्थः/NP तावान्/AVK एव/INTF संपद्यते/KP ,/PUNC तत्र/A अन्तर्भवति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC एवम्/AUD तावान्/A तावत्परिमाणः/NP एव/INTF संपद्यते/KP सर्वेषु/SNV वेदेषु/NP वेदोक्तेषु/NV कर्मसु/NP यः/SSN अर्थः/NP यत्/SNV कर्मफलम्/NP सः/SSN अर्थः/NP ब्राह्मणस्य/NP संन्यासिनः/NP परमार्थतत्त्वम्/NP विजानतः/KN यः/SNV अर्थः/NP यत्/SNV विज्ञानफलम्/NP सर्वतःसंप्लुतोदकस्थानीयम्/NP तस्मिन्/SN तावान्/A एव/INTF संपद्यते/KP तत्र/A एव/INTF अन्तर्भवति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC '/PUNC यथा/AVK कृताय/NP विजितायाधरेयाः/NP संयन्त्येवमेनम्/SN सर्वम्/SN तदभिसमेति/NP यत्/AVK किञ्चित्/A प्रजाः/NP साधु/NV कुर्वन्ति/KP यस्तद्वेद/NS यत्स/SNV वेद/NS '/PUNC इति/AUD श्रुतेः/NS ।/PUNC '/PUNC सर्वम्/SNV  कर्म/NP अखिलम्/NV '/PUNC इति/AUD च/AVK वक्ष्यति/KP ।/PUNC तस्मात्/SN प्राक्/A ज्ञाननिष्ठाधिकारप्राप्तेः/NP कर्मणि/NP अधिकृतेन/NP कूपतडागाद्यर्थस्थानीयम्/NP अपि/AVK कर्म/NP कर्तव्यम्/KN ।।/PUNC 
तव/SN च/AVK -/PUNC
कर्मणि/NP एव/INTF अधिकारः/NP ते/SN मा/AN फलेषु/NP कदाचन/A ।/PUNC 
मा/AN कर्मफलहेतुः/NP भूः/KP मा/AN ते/SN सङ्गः/NP अस्तु/KP अकर्मणि/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 47/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 47/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कर्मणि/NP एव/INTF अधिकारः/NP न/AN ज्ञाननिष्ठायाम्/NP ते/SN तव/SN ।/PUNC तत्र/A च/AVK कर्म/NP कुर्वतः/KN मा/AN फलेषु/NP अधिकारः/NP अस्तु/KP ,/PUNC कर्मफलतृष्णा/NP मा/AN भूत्/KP कदाचन/A कस्याञ्चित्/SN अपि/AVK अवस्थायाम्/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC यदा/AVK कर्मफले/NP तृष्णा/NP ते/SN स्यात्/KP तदा/AVK कर्मफलप्राप्तेः/NP हेतुः/NP स्याः/A ,/PUNC एवम्/AUD मा/AN कर्मफलहेतुः/NP भूः/KP ।/PUNC यदा/AVK हि/A कर्मफलतृष्णाप्रयुक्तः/KN कर्मणि/NP प्रवर्तते/KP तदा/AVK कर्मफलस्य/NP एव/INTF जन्मनः/NP हेतुः/NP भवेत्/KP ।/PUNC यदि/AVK कर्मफलम्/NP न/AN इष्यते/KP ,/PUNC किम्/SN कर्मणा/NP दुःखरूपेण/ASD ?/PUNC इति/AUD मा/AN ते/SN तव/SN सङ्गः/NP अस्तु/KP अकर्मणि/NP अकरणे/NP प्रीतिः/NP मा/AN भूत्/KP ।।/PUNC 
यदि/AVK कर्मफलप्रयुक्तेन/NP न/AN कर्तव्यम्/KN कर्म/NP ,/PUNC कथम्/A तर्हि/AVK कर्तव्यम्/KN इति/AUD ;/PUNC उच्यते/KP -/PUNC    
योगस्थः/KN कुरु/KP कर्माणि/NP सङ्गम्/NP त्यक्त्वा/KKS धनञ्जय/NS ।/PUNC 
सिद्ध्यसिद्ध्योः/NP समः/NP भूत्वा/KKS समत्वम्/NP योगः/NS उच्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 48/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 48/PUNC ।।/PUNC -/PUNC योगस्थः/KN सन्/A कुरु/KP कर्माणि/NP केवलम्/A ईश्वरार्थम्/NP ;/PUNC तत्रापि/AVK '/PUNC ईश्वरः/NP मे/SN तुष्यतु/KP '/PUNC इति/AUD सङ्गम्/NP त्यक्त्वा/KKS धनञ्जय/NS ।/PUNC फलतृष्णाशून्येन/NV क्रियमाणे/KN कर्मणि/NP सत्त्वशुद्धिजा/NV ज्ञानप्राप्तिलक्षणा/NV सिद्धिः/NP ,/PUNC तत्/SN विपर्ययजा/NV असिद्धिः/NP,/PUNC तयोः/SNV सिद्ध्यसिद्ध्योः/NP अपि/AVK समः/NP तुल्यः/NP भूत्वा/KKS कुरु/KP कर्माणि/NP ।/PUNC कः/SN असौ/SNV योगः/NS यत्रस्थः/KN कुरु/KP इति/AUD उक्तम्/KN ?/PUNC इदम्/SN एव/INTF तत्/SN -/PUNC सिद्ध्यसिद्ध्योः/NP समत्वम्/NV योगः/NS उच्यते/KP ।।/PUNC
यत्/SN पुनः/A समत्वबुद्धियुक्तम्/KN ईश्वराराधनार्थम्/NV कर्म/NP उक्तम्/KN ,/PUNC एतस्मात्/SNV कर्मणः/NP -/PUNC
दूरेण/AUP हि/A अवरम्/SN कर्म/NP बुद्धियोगात्/NP धनञ्जय/NS ।/PUNC
बुद्धौ/NP शरणम्/NP अन्विच्छ/KP कृपणाः/NP फलहेतवः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 49/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 49/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दूरेण/AUP अतिविप्रकर्षेण/NP अत्यन्तम्/A एव/INTF हि/A अवरम्/NV अधमम्/NV निकृष्टम्/NV कर्म/NP फलार्थिना/NP क्रियमाणम्/KN बुद्धियोगात्/NP समत्वबुद्धियुक्तात्/NP कर्मणः/NP,/PUNC जन्ममरणादिहेतुत्वात्/NP ।/PUNC हे/ASMB धनञ्जय/NS ,/PUNC यतः/AVK एवम्/AUD ततः/AVK योगविषयायाम्/NP बुद्धौ/NP तत्परिपाकजायाम्/NP वा/AVK सांख्यबुद्धौ/NP शरणम्/NP आश्रयम्/NP अभयप्राप्तिकारणम्/NP अन्विच्छ/KP प्रार्थयस्व/KP,/PUNC परमार्थज्ञानशरणः/NP भव/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC यतः/A अवरम्/SN कर्म/NP कुर्वाणाः/KNV कृपणाः/NP दीनाः/NP फलहेतवः/NP फलतृष्णाप्रयुक्ताः/KN सन्तः/KN ,/PUNC '/PUNC यो/SN वा/AVK एतत्/SNV अक्षरम्/NP गार्ग्यविदित्वास्माल्लोकात्प्रैति/NP स/SNV कृपणः./NP '/PUNC इति/AUD  श्रुतेः/NS ।।/PUNC 
समत्वबुद्धियुक्तः/KN सन्/A स्वधर्मम्/NP अनुतिष्ठन्/KP यत्/SSN फलम्/NP प्राप्नोति/KP तत्/SSN शृणु/KP  -/PUNC
बुद्धियुक्तः/KN जहाति/KP इह/A उभे/SN सुकृतदुष्कृते/NP ।/PUNC
तस्मात्/SN योगाय/NP युज्यस्व/KP योगः/NS कर्मसु/NP कौशलम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 50/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 50/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बुद्धियुक्तः/KN कर्मसमत्वविषयया/NP बुद्ध्या/NP युक्तः/KN बुद्धियुक्तः/KN सः/SN जहाति/KP परित्यजति/KP इह/A अस्मिन्/SNV लोके/NP उभे/SN सुकृतदुष्कृते/NP पुण्यपापे/NP सत्त्वशुद्धिज्ञानप्राप्तिद्वारेण/NP यतः/A ,/PUNC तस्मात्/SN समत्वबुद्धियोगाय/NP युज्यस्व/KP घटस्व/KP ।/PUNC योगः/NS हि/A कर्मसु/NP कौशलम्/NP ,/PUNC स्वधर्माख्येषु/NV कर्मसु/NP वर्तमानस्य/KN या/SNV सिद्ध्यसिद्ध्योः/NP समत्वबुद्धिः/NP ईश्वरार्पितचेतः/KN तया/SN तत्/SN कौशलम्/NP कुशलभावः/NP ।/PUNC तद्धि/SNV कौशलम्/NP यत्/SN बन्धनस्वभावानि/NP अपि/AVK कर्माणि/NP समत्वबुद्ध्या/NP स्वभावात्/NP निवर्तन्ते/KP ।/PUNC तस्मात्/SN समत्वबुद्धियुक्तः/KN भव/KP त्वम्/SN ।।/PUNC 
यस्मात्/SN -/PUNC
कर्मजम्/NV बुद्धियुक्ताः/NV हि/A फलम्/NP त्यक्त्वा/KKS मनीषिणः/NP ।/PUNC 
जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः/KN पदम्/NP गच्छन्ति/KP अनामयम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 51/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 51/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कर्मजम्/NV फलम्/NP त्यक्त्वा/KKS इति/AUD व्यवहितेन/NP संबन्धः/NP ।./PUNC इष्टानिष्टदेहप्राप्तिः/NV कर्मजम्/NV फलम्/NP कर्मभ्यः/NP जातम्/KN बुद्धियुक्ताः/KN समत्वबुद्धियुक्ताः/KN सन्तः/KN हि/A यस्मात्/SNV फलम्/NP त्यक्त्वा/KKS परित्यज्य/KKS मनीषिणः/NP ज्ञानिनः
NP भूत्वा/KKS ,/PUNC जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः/KN जन्म/NP एव/INTF बन्धः/NP जन्मबन्धः/NP तेन/SN विनिर्मुक्ताः/KN जीवन्तः/KN एव/INTF जन्मबन्धात्/NP विनिर्मुक्ताः/KN सन्तः/KN ,/PUNC पदम्/NP परमम्/NV विष्णोः/NS मोक्षाख्यम्/NP गच्छन्ति/KP अनामयम्/NV सर्वोपद्रवरहितम्/NV इत्यर्थः/NP ।/PUNC अथवा/A '/PUNC बुद्धियोगात्/NP धनञ्जय/NS '/PUNC इत्यारभ्य/KKS परमार्थदर्शनलक्षणा/NP एव/INTF सर्वतःसंप्लुतोदकस्थानीया/NV कर्मयोगजसत्त्वशुद्धिजनिता/NV बुद्धिः/NP दर्शिता/KN ,/PUNC साक्षात्/A सुकृतदुष्कृतप्रहाणादिहेतुत्वश्रवणात्/NP ।।/PUNC
योगानुष्ठानजनितसत्त्वशुद्धजा/NV बुद्धिः/NP कदा/A प्राप्स्यते/KP इत्युच्यते/KP -/PUNC
यदा/AVK ते/SN मोहकलिलम्/NV बुद्धिः/NP व्यतितरिष्यति/KP ।/PUNC 
तदा/AVK गन्तासि/KP निर्वेदम्/NP श्रोतव्यस्य/NP श्रुतस्य/NP च/APY ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 52/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 52/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यदा/AVK यस्मिन्/SNV काले/NP ते/SN तव/SN मोहकलिलम्/NV मोहात्मकम्/NV अविवेकरूपम्/NV कालुष्यम्/NV येन/SN आत्मानात्मविवेकबोधम्/NP कलुषीकृत्य/KKS विषयम्/NP प्रत्यन्तःकरणम्/NP प्रवर्तते/KP ,/PUNC तत्/SN तव/SN बुद्धिः/NP व्यतितरिष्यति/KP व्यतिक्रमिष्यति/KP ,/PUNC अतिशुद्धभावम्/NP आपत्स्यते/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तदा/AVK तस्मिन्/SNV काले/NP गन्ता/KP असि/KP प्राप्स्यसि/KP निर्वेदम्/NP वैराग्यम्/NP श्रोतव्यस्य/NP श्रुतस्य/NP च/APY ,/APY तदा/AVK  श्रोतव्यम्/KN श्रुतम्/KN च/APY ते/AN निष्फलम्/NP प्रतिभाति/KP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC
मोहकलिलात्ययद्वारेण/NP लब्धात्मविवेकजप्रज्ञः/NP कदा/A कर्मयोगजम्/NV फलम्/NP परमार्थयोगम्/NP अवाप्स्यामि/KP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC तत्/SN शृणु/KP -/PUNC
श्रुतिविप्रतिपन्ना/NP ते/SN यदा/AVK स्थास्यति/KP निश्चला/NP ।/PUNC
समाधौ/NP अचला/NV बुद्धिः/NP तदा/AVK योगम्/NS अवाप्स्यसि/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 53/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 53/PUNC ।।/PUNC -/PUNC श्रुतिविप्रतिपन्ना/NP अनेकसाध्यसाधनसंबन्धप्रकाशनश्रुतिभिः/NP श्रवणैः/NP प्रवृत्तिनिवृत्तिलक्षणैः/NP विप्रतिपन्ना/NP नानाप्रतिपन्ना/NP विक्षिप्ता/NP सती/A ते/SN तव/SN बुद्धिः/NP यदा/AVK यस्मिन्/SNV काले/NP स्थास्यति/KP स्थिरीभूता/NV भविष्यति/KP निश्चला/NV विक्षेपचलनवर्जिता/NV सती/A समाधौ/NP ,/PUNC समाधीयते/KP चित्तम्/NP अस्मिन्/SSN इति/AUD समाधिः/NP आत्मा/NP ,/PUNC तस्मिन्/SSN आत्मनि/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC अचला/NV तत्रापि/AVK विकल्पवर्जिता/NV इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC बुद्धिः/NP अन्तःकरणम्/NP ।/PUNC तदा/A तस्मिन्/SNV काले/NP योगम्/NP अवाप्स्यसि/KP विवेकप्रज्ञाम्/NP समाधिम्/NP प्राप्स्यसि/KP ।।/PUNC 
प्रश्नबीजम्/NP प्रतिलभ्य/KKS अर्जुनः/NS उवाच/KP लब्धसमाधिप्रज्ञस्य/NP लक्षणबुभुत्सया/NP -/PUNC 
अर्जुनः/NS उवाच/KP 
स्थितप्रज्ञस्य/NP का/SNV भाषा/NP समाधिस्थस्य/NV केशव/NS ।/PUNC 
स्थितधीः/NP किम्/SN प्रभाषेत/KP किम्/SN आसीत/KP व्रजेत/KP किम्/SN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 54/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 54/PUNC ।।/PUNC -/PUNC स्थिता/KN प्रतिष्ठिता/KN '/PUNC अहम्/SN अस्मि/KP परम्/NV ब्रह्म/NS '/PUNC इति/AUD प्रज्ञा/NP यस्य/SSN सः/SN  स्थितप्रज्ञः/NV तस्य/SSN स्थितप्रज्ञस्य/NP का/SN भाषा/NP किम्/SN  भाषणम्/NP वचनम्/NP कथम्/A असौ/SN परैः/SN भाष्यते/KP समाधिस्थस्य/NP समाधौ/NP स्थितस्य/NP हे/ASMB केशव/NS ।/PUNC स्थितधीः/NP स्थितप्रज्ञः/NP स्वयम्/SN वा/APY किम्/SN प्रभाषेत/KP ।/PUNC किम्/SN आसीत/KP व्रजेत/KP किम्/SN आसनम्/NP व्रजनम्/NP वा/APY तस्य/SN कथम्/SN इत्यर्थः/NP ।/PUNC स्थितप्रज्ञस्य/NP लक्षणम्/NP अनेन/NV श्लोकेन/NP पृच्छति/KP ।।/PUNC 
यः/SN हि/A आदितः/KN एव/INTF संन्यस्य/NP कर्माणि/NP ज्ञानयोगनिष्ठायाम्/NP प्रवृत्तः/KN ,/PUNC यः/SN च/AVK कर्मयोगेन/NP ,/PUNC तयोः/SN '/PUNC प्रजहाति/NP '/PUNC इति/AUD आरभ्य/KKS  अध्यायपरिसमाप्तेः/NP स्थितप्रज्ञलक्षणम्/NP साधनम्/NP च/APY उपदिश्यते/KP ।/PUNC सर्वत्र/A एव/INTF हि/A अध्यात्मशास्त्रे/NP कृतार्थलक्षणानि/NP यानि/SSN तानि/SSN एव/INTF साधनानि/NP उपदिश्यन्ते/KP ,/PUNC यत्नसाध्यत्वात्/NP ।/PUNC यानि/SSN यत्नसाध्यानि/NP साधनानि/NP लक्षणानि/NP च/APY भवन्ति/KP तानि/SSN -/PUNC
श्री/NV भगवान्/NP उवाच/KP
प्रजहाति/KP यदा/AVK कामान्/NP सर्वान्/SN पार्थ/NS मनोगतान्/NP ।/PUNC 
आत्मनि/NP एव/INTF आत्मना/NP तुष्टः/KN स्थितप्रज्ञः/NP तदा/A उच्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 55/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 55/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रजहाति/KP प्रकर्षेण/KV जहाति/KP परित्यजति/KP यदा/A यस्मिन्/SNV काले/NP सर्वान्/SNV समस्तान्/SNV कामान्/NP इच्छाभेदान्/NP हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC मनोगतान्/NP मनसि/NP प्रविष्टान्/KP हृदि/NP प्रविष्टान्/KP ।/PUNC सर्वकामपरित्यागे/NP तुष्टिकारणाभावात्/NP शरीरधारणनिमित्तशेषे/NP च/APY सति/A उन्मत्तप्रमत्तस्य/NP इव/ASD प्रवृत्तिः/NP प्राप्ता/KN ,/PUNC इत्यतः/KN उच्यते/KP -/PUNC आत्मनि/NP एव/INTF प्रत्यक्/A आत्मस्वरूपे/NP एव/INTF आत्मना/NP स्वेन/SN एव/INTF बाह्यलाभनिरपेक्षः/NP तुष्टः/KN परमार्थदर्शनामृतरसलाभेन/NP अन्यस्मात्/SN अलंप्रत्ययवान्/KN स्थितप्रज्ञः/NP स्थिता/KN प्रतिष्ठिता/KN आत्मानात्मविवेकजा/NV प्रज्ञा/NP यस्य/SN सः/SN स्थितप्रज्ञः/NV विद्वान्/NP तदा/A उच्यते/KP ।/PUNC त्यक्तपुत्रवित्तलोकैषणः/NV संन्यासी/NP आत्मारामः/NV आत्मक्रीडः/NV स्थितप्रज्ञः/NV इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
किञ्च/AVK -/PUNC 
दुःखेषु/NP अनुद्विग्नमनाः/NV सुखेषु/NP विगतस्पृहः/NV ।/PUNC 
वीतरागभयक्रोधः/NV स्थितधीः/NP मुनिः/NP उच्यते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 56/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 56/PUNC ।।/PUNC -/PUNC दुःखेषु/NP आध्यात्मिकादिषु/NP प्राप्तेषु/NP न/AN उद्विग्नम्/NP न/AN प्रक्षुभितम्/KN दुःखप्राप्तौ/NP मनः/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SNV अनुद्विग्नमनाः/NP ।/PUNC तथा/AVK सुखेषु/NP प्राप्तेषु/NP विगता/KN स्पृहा/NP तृष्णा/NP यस्य/SN ,/PUNC न/AN अग्निः/NP इव/ASD इन्धनाद्याधाने/NP सुखानि/NP अनु/A विवर्धते/KP स/SNV विगतस्पृहः/NP ।/PUNC वीतरागभयक्रोधः/NP रागः/NP च/APY भयम्/NP च/APY क्रोधः/NP च/APY वीता/KN विगता/KN यस्मात्/SN सः/SN वीतरागभयक्रोधः/NP ।/PUNC स्थितधीः/NP स्थितप्रज्ञः/NP मुनिः/NP संन्यासी/NP तदा/AVK उच्यते/KP ।।/PUNC
किञ्च/AVK -/PUNC
यः/SN सर्वत्र/A अनभिस्नेहः/NP तत्/SN तत्/DV प्राप्य/KKS शुभाशुभम्/NP ।/PUNC
न/AN अभिनन्दति/KP न/AN द्वेष्टि/NP तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 57/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 57/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SNV मुनिः/NP सर्वत्र/A देहजीवितादिषु/NP अपि/A अनभिस्नेहः/NP अभिस्नेहवर्जितः/KN तत्/SN तत्/DV प्राप्य/KKS शुभाशुभम्/NP तत्/SN तत्/DV शुभम्/NP अशुभम्/NP वा/APY लब्ध्वा/KKS न/AN अभिनन्दति/KP न/AN द्वेष्टि/NP शुभम्/NP प्राप्य/KKS न/AN तुष्यति/KP न/AN हृष्यति/KP ,/PUNC अशुभम्/NP च/AVK प्राप्य/KKS न/AN द्वेष्टि/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC तस्य/SN एवम्/AUD हर्षविषादवर्जितस्य/NP विवेकजा/NV प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN भवति/KP ।।/PUNC 
किञ्च/AVK -/PUNC
यदा/AVK संहरते/KP च/AVK अयम्/SNV कूर्मः/NP अङ्गानि/NP इव/ASD सर्वशः/A ।/PUNC 
इन्द्रियाणि/NP इन्द्रियार्थेभ्यः/NP तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 58/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 58/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यदा/AVK संहरते/KP सम्यक्/NV उपसंहरते/KP च/AVK अयम्/SNV ज्ञाननिष्ठायाम्/NP प्रवृत्तः/KN यतिः/SN कूर्मः/NP अङ्गानि/NP इव/ASD यथा/AVK कूर्मः/NP भयात्/NP स्वानि/SNV अङ्गानि/NP उपसंहरति/KP सर्वशः/A सर्वतः/A ,/PUNC एवम्/AUD ज्ञाननिष्ठः/KN इन्द्रियाणि/NP इन्द्रियार्थेभ्यः/NP सर्वविषयेभ्यः/NP उपसंहरते/KP ।/PUNC तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN इति/AUD उक्तार्थम्/NP वाक्यम्/NP ।।  तत्र/A विषयान्/NP अनाहरतः/KN आतुरस्य//NP अपि/A इन्द्रियाणि/NP कूर्माङ्गानि/NP इव/ASD संह्रियन्ते/KP न/AN तु/A तद्विषयः/NP रागः/NP सः/SN कथम्/NP संह्रियते/KP इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
विषयाः/NP विनिवर्तन्ते/KP निराहारस्य/NP देहिनः/NP ।/PUNC 
रसवर्जम्/NP रसः/NP अपि/A अस्य/SN परम्/SN दृष्ट्वा/KKS निवर्तते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 59/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 59/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यद्यपि/AVK विषयाः/NP विषयोपलक्षितानि/NV विषयशब्दवाच्यानि/NV इन्द्रियाणि/NP निराहारस्य/NP अनाह्रियमाणविषयस्य/NP कष्टे/NP तपसि/NP स्थितस्य/KN मूर्खस्य/NP अपि/A विनिवर्तन्ते/KP देहिनः/NP देहवतः/KN रसवर्जम्/NP रसः/NP रागः/NP विषयेषु/NP यः/SN तम्/SN वर्जयित्वा/KKS ।/PUNC रसशब्दः/NP रागे/NP प्रसिद्धः/KN ,/PUNC स्वरसेन/NP प्रवृत्तः/KN रसिकः/NP रसज्ञः/NP ,/PUNC इत्यादिदर्शनात्/NP ।/PUNC सः/SN अपि/A रसः/NP रञ्जनारूपः/NV सूक्ष्मः/NV अस्य/SN यतेः/KN परम्/SN परमार्थतत्त्वम्/NP ब्रह्म/NS दृष्ट्वा/KKS उपलभ्य/KKS '/PUNC अहम्/SN एव/INTF तत्/SN '/PUNC इति/AUD वर्तमानस्य/KN निवर्तते/KP निर्बीजम्/NP विषयविज्ञानम्/NP संपद्यते/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC न/AN अस्ति/KP सम्यग्दर्शने/NP रसस्य/NP उच्छेदः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN सम्यग्दर्शनात्मिकायाः/NV प्रज्ञायाः/NP स्थैर्यम्/NV कर्तव्यम्/NP इति/AUD अभिप्रायः/NP ।।/PUNC 
सम्यग्दर्शनलक्षणप्रज्ञास्थैर्यम्/NP चिकीर्षता/KP आदौ/A इन्द्रियाणि/NP स्ववशे/NP स्थापयितव्यानि/KN ,/PUNC यस्मात्/SN तत्/SN अनवस्थापने/NP दोषम्/NP आह/KP -/PUNC
यततः/KN हि/A अपि/A कौन्तेय/NP पुरुषस्य/NP विपश्चितः/KN ।/PUNC 
इन्द्रियाणि/NP प्रमाथीनि/NP हरन्ति/KP प्रसभम्/NV मनः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 60/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 60/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यततः/KN प्रयत्नम्/NP कुर्वतः/KN अपि/A हि/A यस्मात्/SN कौन्तेय/NP पुरुषस्य/NP विपश्चितः/KN मेधाविनः/NP अपि/APY इति/AUD व्यवहितेन/NP संबन्धः/NP ।/PUNC इन्द्रियाणि/NP प्रमाथीनि/NP प्रमथनशीलानि/NP विषयाभिमुखम्/NP हि/INTF पुरुषम्/NP विक्षोभयन्ति/KP आकुलीकुर्वन्ति/KP ,/PUNC आकुलीकृत्य/KKS च/AVK हरन्ति/KP प्रसभम्/NV प्रसह्य/NV प्रकाशम्/NP एव/INTF पश्यतः/KN विवेकविज्ञानयुक्तम्/NV मनः/NP ।।/PUNC
यतः/KN तस्मात्/SN -/PUNC 
तानि/SNV सर्वाणि/SN संयम्य/KKS युक्तः/KN आसीत/KP मत्परः/SN ।/PUNC 
वशे/NP हि/A यस्य/SN इन्द्रियाणि/NP तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 61/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 61/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तानि/SNV सर्वाणि/SN संयम्य/KKS संयमनम्/NP वशीकरणम्/NP कृत्वा/KKS युक्तः/KN समाहितः/KN सन्/KKS आसीत्/KP मत्परः/SN अहम्/SNV वासुदेवः/NS सर्वप्रत्यक्/NV आत्मा/NP परः/SN यस्य/SN सः/SN मत्परः/SN ,/PUNC '/PUNC न/AN अन्यः/SN अहम्/SN तस्मात्/SN '/PUNC इति/AUD आसीत/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC एवम्/AUD आसीनस्य/NP यतेः/KN वशे/NP हि/A यस्य/SN इन्द्रियाणि/NP वर्तन्ते/KP अभ्यासबलात्/NP तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC
अथ/A इदानीम्/A पराभविष्यतः/A सर्वानर्थमूलम्/NV इदम्/SN उच्यते/KP -/PUNC
ध्यायतः/KN विषयान्/NP पुंसः/NP तेषु/SN उपजायते/KP ।/PUNC 
सङ्गात्/NP संजायते/KP कामः/NP कामात्/NP क्रोधः/NP अभिजायते/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 62/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 62/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ध्यायतः/KN चिन्तयतः/KN विषयान्/NP शब्दादीन्/NP विषयविशेषान्/NP आलोचयतः/KN पुंसः/NP पुरुषस्य/NP सङ्गः/NP आसक्तिः/NP प्रीतिः/NP तेषु/SNV विषयेषु/NP उपजायते/KP उत्पद्यते/KP ।/PUNC सङ्गात्/NP प्रीतेः/NP संजायते/KP समुत्पद्यते/KP कामः/NP तृष्णा/NP ।/PUNC कामात्/NP कुतश्चित्/A प्रतिहतात्/NP क्रोधः/NP अभिजायते/KP ।।/PUNC
क्रोधात्/NP भवति/KP संमोहः/NP संमोहात्/NP स्मृतिविभ्रमः/NP ।/PUNC
स्मृतिभ्रंशात्/NP बुद्धिनाशः/NP बुद्धिनाशात्/NP प्रणश्यति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 63/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 63/PUNC ।।/PUNC -/PUNC क्रोधात्/NP भवति/KP संमोहः/NP अविवेकः/NP कार्याकार्यविषयः/NP ।/PUNC क्रुद्धः/NP हि/A संमूढः/NP सन्/KKS गुरुम्/NP अपि/A आक्रोशति/KP ।/PUNC संमोहात्/NP स्मृतिविभ्रमः/NP शास्त्राचार्योपदेशाहितसंस्कारजनितायाः/NV स्मृतेः/NP स्यात्/KP विभ्रमः/NP भ्रंशः/NP स्मृत्युत्पत्तिनिमित्तप्राप्तौ/KN अनुत्पत्तिः/NP ।/PUNC ततः/A स्मृतिभ्रंशात्/NP बुद्धिनाशः/NP बुद्धेः/NP नाशः/NP ।/PUNC कार्याकार्यविषयविवेकायोग्यता/NP अन्तःकरणस्य/NP बुद्धेः/NP नाशः/NP उच्यते/KP ।/PUNC बुद्धिनाशात्/NP प्रणश्यति/KP ।/PUNC तावत्/A एव/INTF हि/A पुरुषः/NP यावत्/A अन्तःकरणम्/NP तदीयम्/SN कार्याकार्यविषयविवेकयोग्यम्/NP ।/PUNC तत्/SN अयोग्यत्वे/NP नष्टः/KN एव/INTF पुरुषः/NP भवति/KP ।/PUNC अतः/A तस्य/SN अन्तःकरणस्य/NP बुद्धेः/NP नाशात्/NP प्रणश्यति/KP पुरुषार्थायोग्यः/NP भवति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
सर्वानर्थस्य/NP मूलम्/NP उक्तम्/KN विषयाभिध्यानम्/NP ।/PUNC अथ/A इदानीम्/A मोक्षकारणम्/NP इदम्/SN उच्यते/KP -/PUNC
रागद्वेषवियुक्तैः/KN तु/A विषयान्/NP इन्द्रियैः/NP चरन्/KP ।/PUNC 
आत्मवश्यैः/NP विधेयात्मा/NP प्रसादम्/NP अधिगच्छति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 64/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 64/PUNC ।।/PUNC -/PUNC रागद्वेषवियुक्तैः/NV रागः/NP च/AVK  द्वेषः/NP च/APY रागद्वेषौ/NP ,/PUNC तत्पुरःसरा/NP हि/A इन्द्रियाणाम्/NP प्रवृत्तिः/NP स्वाभाविकी/NV ,/PUNC तत्र/A यः/SSN मुमुक्षुः/NP भवति/KP सः/SSN ताभ्याम्/SN वियुक्तैः/KN श्रोत्रादिभिः/NP इन्द्रियैः/NP विषयान्/NP अवर्जनीयान्/NP चरन्/KP उपलभमानः/KN आत्मवश्यैः/NP आत्मनः/NP वश्यानि/NV वशीभूतानि/NV इन्द्रियाणि/NP तैः/SN आत्मवश्यैः/NP विधेयात्मा/NP इच्छातः/KN विधेयः/NP आत्मा/NP अन्तःकरणम्/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SNV प्रसादम्/NP अधिगच्छति/KP ।/PUNC प्रसादः/NP प्रसन्नता/NP स्वास्थ्यम्/NP ।।/PUNC 
प्रसादे/NP सति/A किम्/SN स्यात्/KP इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
प्रसादे/NP सर्वदुःखानाम्/NP हानिः/NP अस्य/SN उपजायते/KP ।/PUNC
प्रसन्नचेतसः/NP हि/A आशु/NV बुद्धिः/NP पर्यवतिष्ठते/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 65/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 65/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रसादे/NP सर्वदुःखानाम्/NP आध्यात्मिकादीनाम्/NV हानिः/NP विनाशः/NP अस्य/SN यतेः/KN उपजायते/KP ।/PUNC किञ्च/AVK -/PUNC प्रसन्नचेतसः/NP स्वस्थान्तःकरणस्य/NP हि/A यस्मात्/SN आशु/NV शीघ्रम्/NV बुद्धिः/NP पर्यवतिष्ठते/NV आकाशम्/NP इव/ASD परि/AUP समन्तात्/NP अवतिष्ठते/KN ,/PUNC आत्मस्वरूपेण/ASD एव/INTF निश्चलीभवति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD प्रसन्नचेतसः/NV अवस्थितबुद्धेः/NP कृतकृत्यता/NP यतः/A ,/PUNC तस्मात्/SN रागद्वेषवियुक्तैः/NV इन्द्रियैः/NP शास्त्राविरुद्धेषु/NP अवर्जनीयेषु/NP युक्तः/KN समाचरेत्/KP इति/AUD वाक्यार्थः/NP ।।/PUNC
सा/SN इयम्/SN प्रसन्नता/NP स्तूयते/KP -/PUNC
न/AN अस्ति/KP बुद्धिः/NP अयुक्तस्य/NV न/AN च/APY अयुक्तस्य/NV भावना/NP ।/PUNC 
न/AN च/AVK अभावयतः/KN शान्तिः/NP अशान्तस्य/NP कुतः/A सुखम्/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 66/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 66/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN अस्ति/KP न/AN विद्यते/KP न/AN भवति/KP इत्यर्थः/NP ,/PUNC बुद्धिः/NP आत्मस्वरूपविषया/NP अयुक्तस्य/NP असमाहितान्तःकरणस्य/NP ।/PUNC न/AN च/AVK अस्ति/KP अयुक्तस्य/NP भावना/NP आत्मज्ञानाभिनिवेशः/NP ।/PUNC तथा/AVK -/PUNC न/AN च/AVK अस्ति/KP अभावयतः/KN आत्मज्ञानाभिनिवेशम्/NP अकुर्वतः/KN शान्तिः/NP उपशमः/NP ।/PUNC अशान्तस्य/NP कुतः/AP सुखम्/NP ?/PUNC इन्द्रियाणाम्/NP हि/A विषयसेवातृष्णातः/KN निवृत्तिः/NP या/SN तत्/SNV सुखम्/NP ,/PUNC न/AN विषयविषया/NP तृष्णा/NP ।/PUNC दुःखम्/NP एव/INTF हि/A सा/SN ।/PUNC न/AN तृष्णायाम्/NP सत्याम्/NP सुखस्य/NP गन्धमात्रम्/NP अपि/APY उपपद्यते/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
अयुक्तस्य/NP कस्मात्/SN बुद्धिः/NP नास्ति/KP इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
इन्द्रियाणाम्/NP हि/A चरताम्/NP यत्/SN मनः/NP अनुविधीयते/KP ।/PUNC
तदस्य/SN हरति/KP प्रज्ञाम्/NP वायुः/NP नावम्/NP इव/ASD अम्भसि/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 67/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 67/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इन्द्रियाणाम्/NP हि/A यस्मात्/SN चरताम्/NP स्वस्वविषयेषु/NP प्रवर्तमानानाम्/NP यत्/SSN मनः/NP अनुविधीयते/KP अनुप्रवर्तते/KP तत्/SSN इन्द्रियविषयविकल्पनेन/NP प्रवृत्तम्/KN मनः/NP अस्य/SN यतेः/KN हरति/KP प्रज्ञाम्/NP आत्मानात्मविवेकजाम्/NP नाशयति/KP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC वायुः/NP नावम्/NP इव/ASD अम्भसि/NP उदके/NP जिगमिषताम्/NP मार्गात्/NP उद्धृत्य/KKS उन्मार्गे/NP यथा/AVK वायुः/NP नावम्//NP प्रवर्तयति/KP एवम्/AUD आत्मविषयाम्/NV प्रज्ञाम्/NP हृत्वा/KKS मनः/NP विषयविषयाम्/NP करोति/KP ।।/PUNC 
'/PUNC यततः/KN हि/A '/PUNC इति/AUD उपन्यस्तस्य/NV अर्थस्य/NP अनेकधा/A उपपत्तिम्/NP उक्त्वा/KKS तम्/SN च/AVK अर्थम्/NP उपपाद्य/KKS उपसंहरति/KP -/PUNC 
तस्मात्/SN यस्य/SN महाबाहो/NV निगृहीतानि/KP सर्वशः/A ।/PUNC 
इन्द्रियाणि/NP इन्द्रियार्थेभ्यः/NP तस्य/SN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 68/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 68/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इन्द्रियाणाम्/NP प्रवृत्तौ/KN दोषः/NP उपपादितः/KN यस्मात्/SSN ,/PUNC तस्मात्/SSN यस्य/SSN यतेः/NP हे/ASMB महाबाहो/NV ,/PUNC निगृहीतानि/KP सर्वशः/A सर्वप्रकारैः/NP मानसादिभेदैः/NP इन्द्रियाणि/NP इन्द्रियार्थेभ्यः/NP शब्दादिभ्यः/NP तस्य/SSN प्रज्ञा/NP प्रतिष्ठिता/KN ।।/PUNC
यः/SSN अयम्/SNV लौकिकः/NV वैदिकः/NV च/APY व्यवहारः/NP सः/SSN उत्पन्नविवेकज्ञानस्य/NP स्थितप्रज्ञस्य/NP अविद्याकार्यत्वात्/NP अविद्यानिवृत्तौ/KN निवर्तते/KP,/PUNC अविद्यायाः/NP च/AVK विद्याविरोधात्/NP निवृत्तिः/NP ,/PUNC इति/AUD एतम्/SNV अर्थम्/NP स्फुटीकुर्वन्/KNV आह/KP -/PUNC
या/SN निशा/NP सर्वभूतानाम्/NP तस्याम्/SN जागर्ति/KP संयमी/NP ।/PUNC
यस्याम्/SN जाग्रति/KP भूतानि/NP सा/SNV निशा/NP पश्यतः/KN मुनेः/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 69/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 69/PUNC ।।/PUNC -/PUNC या/SNV निशा/NP रात्रिः/NP सर्वपदार्थानाम्/NP अविवेककरी/NV तमःस्वभावत्वात्/NP सर्वभूतानाम्/NP सर्वेषाम्/SNV भूतानाम्/NP ।/PUNC किम्/SN तत्/SN परमार्थतत्त्वम्/NP स्थितप्रज्ञस्य/NP विषयः/NP ।/PUNC यथा/AVK नक्तञ्चराणाम्/NP अहः/A एव/INTF सत्/A अन्येषाम्/SN निशा/NP भवति/KP ,/PUNC तद्वत्/ASD नक्तञ्चरस्थानीयानाम्/NP अज्ञानाम्/NP  सर्वभूतानाम्/NP निशा/NP इव/ASD निशा/NP परमार्थतत्त्वम्/NP ,/PUNC अगोचरत्वात्/NP अतद्बुद्धीनाम्/NP ।/PUNC तस्याम्/SN परमार्थतत्त्वलक्षणायाम्/NP अज्ञाननिद्रायाः/NP प्रबुद्धः/KN  जागर्ति/KP संयमी/NP संयमवान्/NV ,/PUNC जितेन्द्रियः/NV योगी/NV इत्यर्थः/NP ।/PUNC यस्याम्/SN ग्राह्यग्राहकभेदलक्षणायाम्/NP अविद्यानिशायाम्/NP प्रसुप्तानि/NP एव/INTF भूतानि/NP जाग्रति/KP इति/AUD उच्यन्ते/KP ,/PUNC यस्याम्/SNV  निशायाम्/NP प्रसुप्ता/NP इव/ASD स्वप्नदृशः/NP,/PUNC सा/SNV निशा/NP अविद्यारूपत्वात्/NP परमार्थतत्त्वम्/NP पश्यतः/KN मुनेः/NP ।।/PUNC 
अतः/A कर्माणि/NP अविद्यावस्थायाम्/NP एव/INTF चोद्यन्ते/KP ,/PUNC न/AN विद्यावस्थायाम्/NP ।/PUNC विद्यायाम्/NP हि/A सत्याम्/NP उदिते/KP सवितरि/NP शार्वरम्/NP इव/ASD तमः/NP प्रणाशम्/NP उपगच्छति/KP अविद्या/NP ।/PUNC प्राक्/A विद्योत्पत्तेः/NP अविद्या/NP प्रमाणबुद्ध्या/NP गृह्यमाणा/KN क्रियाकारकफलभेदरूपा/ASD सती/A  सर्वकर्महेतुत्वम्/NP प्रतिपद्यते/KP ।/PUNC न/AN अप्रमाणबुद्ध्या/NP गृह्यमाणायाः/KN कर्महेतुत्वोपपत्तिः/NP ,/PUNC '/PUNC प्रमाणभूतेन/NP वेदेन/NP मम/SN चोदितम्/KN कर्तव्यम्/KN कर्म/NP '/PUNC इति/AUD हि/A कर्मणि/NP कर्ता/NP प्रवर्तते/KP ,/PUNC न/AN '/PUNC अविद्यामात्रम्/NP इदम्/SN सर्वम्/SNV निशा/NP इव/ASD '/PUNC इति/AUD ।/PUNC यस्य/SN पुनः/A '/PUNC निशा/NP इव/ASD अविद्यामात्रम्/NP इदम्/SN सर्वम्/SNV भेदजातम्/KN '/PUNC इति/AUD ज्ञानम्/NP तस्य/SNV आत्मज्ञस्य/NP सर्वकर्मसंन्यासे/NP एव/INTF अधिकारः/NP न/AN प्रवृत्तौ/KN ।/PUNC तथा/AVK च/AVK दर्शयिष्यति/KP -/PUNC तद्बुद्धयः/NP तत्/SNV  आत्मानः/NP '/PUNC इत्यादिना/A ज्ञाननिष्ठायाम्/NP एव/INTF तस्य/SN अधिकारम्/NP ।।/PUNC 
तत्र/A अपि/AVK प्रवर्तकप्रमाणाभावे/NP प्रवृत्त्यनुपपत्तिः/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC स्वात्मविषयत्वात्/NP आत्मविज्ञानस्य/NP ।/PUNC न/AN हि/A आत्मनः/NP स्वात्मनि/NP प्रवर्तकप्रमाणापेक्षता/NP ,/PUNC आत्मत्वात्/NP एव/INTF ।/PUNC तदन्तत्वात्/NP च/AVK सर्वप्रमाणानाम्/NP प्रमाणत्वस्य/NP ।/PUNC न/AN हि/A आत्मस्वरूपाधिगमे/NP सति/A पुनः/A प्रमाणप्रमेयव्यवहारः/NP संभवति/KP ।/PUNC प्रमातृत्वम्/NP हि/A आत्मनः/NP निवर्तयति/KP अन्त्यम्/NV प्रमाणम्/NP ;/PUNC निवर्तयत्/NP एव/INTF च/AVK अप्रमाणीभवति/KP ,/PUNC स्वप्नकालप्रमाणम्/NP इव/ASD प्रबोधे/KP ।/PUNC लोके/NP च/AVK वस्त्वधिगमे/NP प्रवृत्तिहेतुत्वादर्शनात्/NP प्रमाणस्य/NP ।/PUNC तस्मात्/SN न/AN आत्मविदः/NP कर्मणि/NP अधिकारः/NP इति/AUD सिद्धम्/KN ।।/PUNC
विदुषः/NP त्यक्तैषणस्य/NP स्थितप्रज्ञस्य/NS यतेः/KN एव/INTF मोक्षप्राप्तिः/NP ,/PUNC न/AN तु/A असंन्यासिनः/NP कामकामिनः/NP इति/AUD एतम्/SNV अर्थम्/NP दृष्टान्तेन/NP प्रतिपादयिष्यन्/KNV आह/KP -/PUNC
आपूर्यमाणम्/NV अचलप्रतिष्ठम्/NV समुद्रम्/NP आपः/NP प्रविशन्ति/KP यद्वत्/ASD ।/PUNC 
तद्वत्/ASD कामा/NP यम्/SN प्रविशन्ति/KP सर्वे/SN स/SN शान्तिम्/NP आप्नोति/KP न/AN कामकामी/NP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 70/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 70/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आपूर्यमाणम्/NV अद्भिः/NP अचलप्रतिष्ठम्/NV अचलतया/NP प्रतिष्ठा/NP अवस्थितिः/NP यस्य/SN तम्/SN अचलप्रतिष्ठम्/NV समुद्रम्/NP आपः/NP सर्वतः/AUP गताः/KN प्रविशन्ति/KP स्वात्मस्थम्/NP अविक्रियम्/NP एव/INTF सन्तम्/NP यद्वत्/ASD ,/PUNC तत्/SN वत्/ASD कामाः/NP विषयसंनिधौ/NP अपि/A सर्वतः/AUP इच्छाविशेषाः/NP यम्SNV पुरुषम्/NP ?/PUNC समुद्रम्/NP इव/ASD आपः/NP -/PUNC अविकुर्वन्तः/KN प्रविशन्ति/KP सर्वे/SNV आत्मनि/NP एव/INTF प्रलीयन्ते/KP न/AN स्वात्मवशम्/NP कुर्वन्ति/KP ,/PUNC सः/SN शान्तिम्/NP मोक्षम्/NP आप्नोति/KP ,/PUNC न/AN इतरः/SN कामकामी/NP ,/PUNC काम्यन्ते/KP इति/AUD कामाः/NV विषयाः/NP तान्/SN कामयितुम्/KKS शीलम्/NP यस्य/SN सः/SNV कामकामी/NP ,/PUNC न/AN एव/INTF प्राप्नोति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यस्मात्/SSN एवम्/AUD तस्मात्/SSN -/PUNC
विहाय/KKS कामान्/NP यः/SSN सर्वान्/SNV पुमान्/NP चरति/KP निःस्पृहः/KV ।/PUNC
निर्ममः/NV निरहंकारः/NV सः/SN शान्तिम्/NP अधिगच्छति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 71/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 71/PUNC ।।/PUNC -/PUNC विहाय/KKS परित्यज्य/KKS कामान्/NP यः/SNV संन्यासी/NP पुमान्/NP सर्वान्/SN अशेषतः/KN कार्त्स्न्येन/NP चरति/KP ,/PUNC जीवनमात्रचेष्टाशेषः/NP पर्यटति/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC निःस्पृहः/NV शरीरजीवनमात्रे/NP अपि/AVK निर्गता/KN स्पृहा/NP यस्य/SN सः/SN निःस्पृहः/NP सन्/KKS ,/PUNC निर्ममः/NV शरीरजीवनमात्राक्षिप्तपरिग्रहे/NP अपि/A मम/SN इदम्/SN इति/AUD अभिनिवेशवर्जितः/KN ,/PUNC निरहंकारः/NV विद्यावत्त्वादिनिमित्तात्मसंभावनारहितः/KN इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC सः/SN एवंभूतः/KN स्थितप्रज्ञः/NP ब्रह्मवित्/NP शान्तिम्/NP सर्वसंसारदुःखोपरमलक्षणाम्/NP निर्वाणाख्याम्/NP अधिगच्छति/KP प्राप्नोति/KP ब्रह्मभूतः/KN भवति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC 
सा/SN एषा/SNV ज्ञाननिष्ठा/NP स्तूयते/KP -/PUNC
एषा/SNV ब्राह्मी/NP स्थितिः/NP पार्थ/NS न/AN एनाम्/SN प्राप्य/KKS विमुह्यति/KP ।/PUNC 
स्थित्वा/KKS अस्याम्/SN अन्तकाले/NP अपि/AVK ब्रह्मनिर्वाणम्/NP ऋच्छति/KP ।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 72/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 2/PUNC ./PUNC 72/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एषा/SN यथोक्ता/NP ब्राह्मी/NP ब्रह्मणि/NP भवा/KP इयम्/SN स्थितिः/NP सर्वम्/SNV कर्म/NP संन्यस्य/NP ब्रह्मरूपेण/ASD एव/INTF अवस्थानम्/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC न/AN एनाम्/SNV स्थितिम्/NP प्राप्य/KKS लब्ध्वा/KKS न/AN विमुह्यति/KP न/AN मोहम्/NP प्राप्नोति/KP ।/PUNC स्थित्वा/KKS अस्याम्/SNV स्थितौ/NP ब्राह्म्याम्/NP यथोक्तायाम्/NP अन्तकाले/NP अपि/AVK अन्त्ये/NP वयसि/NP अपि /APY ब्रह्मनिर्वाणम्/NP ब्रह्मनिर्वृतिम्/NP मोक्षम्/NP ऋच्छति/KP गच्छति/KP ।/PUNC किमु/SN वक्तव्यम्KN ब्रह्मचर्यात्/NP एव/INTF संन्यस्य/NP यावत्/AVK जीवम्/NP यः/SNV ब्रह्मणि/NP एव/INTF अवतिष्ठते/KP सःSN ब्रह्मनिर्वाणम्/NP ऋच्छति/KP इति/AUD ।।/PUNC
ॐ/ABS तत्सत्/NP इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP सांख्ययोगः/NS नाम/NP द्वितीयः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NV श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NV श्रीमच्छङ्करभगवतः/NP कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NP द्वितीयः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
शास्त्रस्य/NP प्रवृत्तिनिवृत्तिविषयभूते/KN द्वे/SMKY बुद्धी/NP भगवता/NP निर्दिष्टे/KN ,/PUNC साङ्ख्ये/NS बुद्धिः/NP ,/PUNC योगे/NS बुद्धिः/NP ,/PUNC इति/AUD च/AVK ।/PUNC तत्र/A '/PUNC प्रजहाति/KP यदा/A कामान्/NP' इति/AUD आरभ्य/KKS आ/ABS अध्यायपरिसमाप्तेः/NP ,/PUNC साङ्ख्यबुद्ध्याश्रितानाम्/NV संन्यासम्/NP कर्तव्यम्/KN उक्त्वा/KKS ,/PUNC तेषाम्/SN तन्निष्ठतया/NP एव/INTF च/AVK कृतार्थता/NP उक्ता/KN -/PUNC '/PUNC एषा/SNV ब्राह्मी/NP स्थितिः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC अर्जुनाय/NS च/AVK ,/PUNC '/PUNC कर्मणि/NP एव/INTF अधिकारः/NP ते/SN .../PUNC मा/AN ते/SN सङ्गः/NP अस्तु/KP अकर्मणि/NP '/PUNC इति/AUD कर्म/NP एव/INTF कर्तव्यम्/KN उक्तवान्/KN योगबुद्धिम्/NP आश्रित्य/KKS ,/PUNC न/AN ततः/A एव/INTF श्रेयःप्राप्तिम्/NP उक्तवान्/KN ।/PUNC तत्/SN एतत्/SN आलक्ष्य/KKS ,/PUNC पर्याकुलीकृतबुद्धिः/NV अर्जुनः/NS उवाच/KP ।/PUNC कथम्/A भक्ताय/NP श्रेयोर्थिने/NP ,/PUNC यत्/SN साक्षात्/A श्रेयःप्राप्तिसाधनम्/NP साङ्ख्यबुद्धिनिष्ठाम्/NP श्रावयित्वा/KKS ,/PUNC माम्/SN कर्मणि/NP दृष्टानेकानर्थयुक्ते/NP पारम्पर्येण/NP अपि/APY अनैकान्तिकश्रेयःप्राप्तिकाले/NP नियुञ्ज्यात्/KP ,/PUNC इति/AUD युक्तः/KN पर्याकुलीभावः/NP अर्जुनस्य/NS ,/PUNC तदनुरूपः/ASD च/AVK प्रश्नः/NP '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A '/PUNC इत्यादिः/A ,/PUNC प्रश्नापाकरणवाक्यम्/NP च/AVK भगवतः/NP युक्तम्/KN ,/PUNC यथा/ASD उक्तम्/KN विभागविषये/NP शास्त्रे/NP ।।/PUNC
केचित्/A तु/A -/PUNC अर्जुनस्य/NS प्रश्नार्थम्/NP अन्यथा/A कल्पयित्वा/KKS ,/PUNC तत्/SN  प्रतिकूलम्/NP भगवतः/NP प्रति/AUP वचनम्/NP वर्णयन्ति/KP,/PUNC यथा/AVK च/AVK आत्मना/NP संबन्धग्रन्थे/NP गीतार्थे/NS निरूपितः/KN ,/PUNC तत्/SN प्रतिकूलम्/NP च/AVK इह/A पुनः/A प्रश्नप्रतिवचनयोः/NP अर्थम्/NP निरूपयन्ति/KP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC तत्र/A संबन्धग्रन्थे/NP तावत्/AVK -/PUNC सर्वेषाम्/SNV आश्रमिणाम्/NP ज्ञानकर्मणोः/NP समुच्चयः/NP गीताशास्त्रे/NP निरूपितः/KN अर्थः/NP इति/AUD उक्तम्/KN ;/PUNC पुनः/A विशेषितम्/KN च/AVK ,/PUNC यावज्जीवश्रुतिचोदितानि/NV कर्माणि/NP परित्यज्य/KKS ,/PUNC केवलात्/NP एव/INTF ज्ञानात्/NP मोक्षः/NP प्राप्यते/KP ,/PUNC इति/AUD एतत्/SN एकान्तेन/A एव/INTF प्रतिषिद्धम्/KN इति/AUD ।/PUNC इह/A तु/A आश्रमविकल्पम्/NP दर्शयित्वा/KKS ,/PUNC यावज्जीवश्रुतिचोदितानाम्/NP एव/INTF कर्मणाम्/NP परित्यागः/NP उक्तः/KN ।/PUNC तत्/SNV कथम्/NP ईदृशम्/ASD विरुद्धम्/NP अर्थम्/NP अर्जुनाय/NS ब्रूयात्/KP भगवान्/NP ,/PUNC श्रोता/NP वा/APY कथम्/A विरुद्धम्/NV अर्थम्/NP अवधारयेत्/KP ।।/PUNC
तत्र/A एतत्/SN स्यात्/KP -/PUNC गृहस्थानाम्/NP एव/INTF श्रौतकर्मपरित्यागेन/NP केवलात्/NP एव/INTF ज्ञानात्/NP मोक्षः/NP प्रतिषिध्यते/KP ,/PUNC न/AN तु/A आश्रमान्तराणाम्/A इति/AUD ।/PUNC एतत्/SN अपि/AVK पूर्वोत्तरविरुद्धम्/NP एव/INTF ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC सर्वाश्रमिणाम्/NP ज्ञानकर्मणोः/NP समुच्चयः/NP गीताशास्त्रे/NP निश्चितः/NV अर्थः/NP इति/AUD प्रतिज्ञाय/NP ,/PUNC इह/A कथम्/A तद्विरुद्धम्/NP केवलात्/NP एव/INTF ज्ञानात्/NP मोक्षम्/NP ब्रूयात्/KP आश्रमान्तराणाम्/A ।।/PUNC
अथ/A मतम्/NP श्रौतकर्मापेक्षया/NP एतत्/SNV वचनम्/NP ,/PUNC '/PUNC केवलात्/NP एव/INTF ज्ञानात्/NP श्रौतकर्मरहितात्/NP गृहस्थानाम्/NP मोक्षः/NP प्रतिषिध्यते/KP '/PUNC इति/AUD तत्र/A गृहस्थानाम्/NP विद्यमानम्/KN अपि/A स्मार्तम्/NV कर्म/NP अविद्यमानवत्/ASD उपेक्ष्य/KKS ,/PUNC '/PUNC ज्ञानात्/NP एव/INTF केवलात्/NP '/PUNC इति/AUD उच्यते/KP इति/AUD ।/PUNC एतत्/SN अपि/A विरुद्धम्/NP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC गृहस्थस्य/NP एव/INTF स्मार्तकर्मणा/NP समुच्चितात्/NP ज्ञानात्/NP मोक्षः/NP प्रतिषिध्यते/KP ,/PUNC न/AN तु/A आश्रमान्तराणाम्/A इति/AUD ,/PUNC कथम्/A विवेकिभिः/NP शक्यम्/NP अवधारयितुम्/KKS ।/PUNC किञ्च/AVK -/PUNC यदि/AVK मोक्षसाधनत्वेन/NP स्मार्तानि/NV कर्माणि/NP ऊर्ध्वरेतसाम्/NP समुच्चीयते/KP ,/PUNC तथा/AVK गृहस्थस्य/NP अपि/AVK इष्यताम्/KP स्मार्तैः/NS एव/INTF समुच्चयः/NP न/AN श्रौतैः/NS ।।/PUNC
अथ/A श्रौतैः/NS स्मार्तैः/NS च/APY गृहस्थस्य/NP एव/INTF समुच्चयः/NP मोक्षाय/NP ,/PUNC ऊर्ध्वरेतसाम्/NP तु/A स्मार्तकर्ममात्रसमुच्चितात्/NP ज्ञानात्/NP मोक्षः/NP इति/AUD ।/PUNC तत्र/A एवम्/AUD सति/A ,/PUNC गृहस्थस्य/NP आयासबाहुल्यात्/NP ,/PUNC श्रौतम्/NS स्मार्तम्/NS च/APY बहुदुःखरूपम्/NV कर्म/NP शिरसि/NP आरोपितम्/KN स्यात्/KP ।।/PUNC
अथ/A गृहस्थस्य/NP एव/INTF आयासबाहुल्यकारणात्/NP मोक्षः/NP स्यात्/KP ,/PUNC न/AN  आश्रमान्तराणाम्/A ,/PUNC श्रौतनित्यकर्मरहितत्वात्/NP इति/AUD ।/PUNC तत्/SN अपि/AVK असत्/NP ,/PUNC सर्वोपनिषत्सु/NS इतिहासपुराणयोगशास्त्रेषु/NP च/APY ,/PUNC ज्ञानाङ्गत्वेन/NP मुमुक्षोः/NP सर्वकर्मसंन्यासविधानात्/NP ,/PUNC आश्रमविकल्पसमुच्चयविधानात्/NP च/APY श्रुतिस्मृत्योः/NS ।।/PUNC
सिद्धः/KN तर्हि/AVK सर्वाश्रमिणाम्/NP ज्ञानकर्मणोः/NP समुच्चयः/NP -/PUNC न/AN ,/PUNC मुमुक्षोः/NP सर्वकर्मसंन्यासविधानात्/NP ।/PUNC '/PUNC पुत्रैषणायाः/NP वित्तैषणायाः/NP च/APY लोकैषणायाः/APY च/APY व्युत्थाय/KKS अथ/A भिक्षाचर्यम्/NP चरन्ति/KP '/PUNC ,/PUNC '/PUNC तस्मात्/SN न्यासमेषाम्/NP तमसामतिरिक्तमाहुः/KP '/PUNC ,/PUNC '/PUNC न्यास/NP एवात्यरेच/NP यत्/SN '/PUNC इति/AUD ,/PUNC '/PUNC न/AN कर्मणा/NP न/AN प्रजया/NP धनेन/NP त्यागेनैके/NP अमृतत्वमानशुः/NP '/PUNC इति/AUD च/AUD ।/PUNC '/PUNC ब्रह्मचर्यात्/NP एव/INTF प्रव्रजेत्/KP '/PUNC इत्याद्याः/A श्रुतयः/NS ।/PUNC '/PUNC त्यज/KP धर्ममर्मम्/NP च/APY उभे/SN सत्यानृते/NP त्यज/KP ।/PUNC उभे/SNV सत्यानृते/NP त्यक्त्वा/KKS येन/SN त्यजसि/KP तत्/SN त्यज/KP ।/PUNC संसारम्/NP एव/INTF निःसारम्/NP दृष्ट्वा/KKS सारदिदृक्षया/NP ।/PUNC प्रव्रजन्ति/KP अकृतोद्वाहाः/NP परम्/SN वैराग्यम्/NP आश्रिताः/KN '/PUNC इति/AUD ब्रहस्पतिः/NS ।/PUNC '/PUNC कर्मणा/NP बध्यते/KP जन्तुः/NP विद्यया/NP च/AVK विमुच्यते/KP ।/PUNC तस्मात्/SN कर्म/NP न/AN कुर्वन्ति/KP यतयः/SN पारदर्शिनः/NP '/PUNC इति/AUD शुकानुशासनम्/NP ।/PUNC इह/A अपि/AVK च/AVK '/PUNC सर्वकर्माणि/NP मनसा/NP संन्यस्य/NP '/PUNC इत्यादि/A ।।/PUNC
मोक्षस्य/NP च/AVK अकार्यत्वात्/NP ,/PUNC मुमुक्षोः/NP कर्मानर्थक्यम्/NP ।/PUNC नित्यानि/NV प्रत्यवायपरिहारार्थानि/NP इति/AUD चेत्/A ,/PUNC न/AN ;/PUNC असंन्यासिविषयत्वात्/NP प्रत्यवायप्राप्तेः/KN ।/PUNC न/AN हि/A ,/PUNC अग्निकार्याद्यकरणात्/NP संन्यासिनः/NP प्रत्यवायः/NP कल्पयितुम्/KKS शक्यः/NP ,/PUNC यथा/ASD ब्रह्मचारिणाम्/NP असंन्यासिनाम्/NP अपि/AVK कर्मिणाम्/NP ।/PUNC न/AN तावत्/AVK नित्यानाम्/NV कर्मणाम्/NP अभावात्/NP एव/INTF ,/PUNC भावरूपस्य/ASD प्रत्यवायस्य/NP उत्पत्तिः/NP कल्पयितुम्/KKS शक्या/NP ,/PUNC '/PUNC कथम्/A असतः/NP सत्/NP जायेत/KP '/PUNC इति/AUD ,/PUNC असतः/NP सज्जन्मासंभवश्रुतेः/NS ।/PUNC यदि/AVK विहिताकरणात्/NP असंभाव्यम्/NP अपि/AVK प्रत्यवायम्/NP ब्रूयात्/KP वेदः/NS ,/PUNC तदा/AVK अनर्थकरः/NV वेदः/NS अप्रमाणम्/NP इति/AUD उक्तम्/KN स्यात्/KP ;/PUNC विहितस्य/KN करणाकरणयोः/NP दुःखमात्रफलत्वात्/NP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK कारकम्/NV शास्त्रम्/NP ,/PUNC न/AN ज्ञापकम्/NP ,/PUNC इति/AUD अनुपपन्नार्थम्/NP कल्पितम्/KN स्यात्/KP ।/PUNC न/AN च/AVK एतदिष्टम्/KN ।/PUNC तस्मात्/SN न/AN संन्यासिनाम्/NP कर्माणि/NP ।/PUNC अतः/A ज्ञानकर्मणोः/NP समच्चयानुपपत्तिः/NP ;/PUNC '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A कर्मणः/NP ते/SN मता/NP बुद्धिः/NP '/PUNC इति/AUD ,/PUNC अर्जुनस्य/NS प्रश्नानुपपत्तेः/NP च/AVK ।।/PUNC
यदि/AVK हि/A भगवता/NP द्वितीये/SMKP अध्याये/NP ज्ञानम्/NP कर्म/NP च/APY समुच्चित्य/KKS त्वया/SN अनुष्ठेयम्/NP इति/AUD उक्तम्/KN स्यात्/KP ,/PUNC ततः/A अर्जुनस्य/NS प्रश्नः/NP अनुपपन्नः/KN '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A कर्मणः/NP ते/SN मता/NP बुद्धिः/NP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC अर्जुनाय/NS चेत्/A बुद्धिकर्मणी/NP त्वया/SN अनुष्ठेये/NP इति/AUD उक्ते/KN ,/PUNC या/SSN कर्मणः/NP ज्यायसी/NV बुद्धिः/NP सा/SSN अपि/A उक्ता/KN एव/INTF इति/AUD ,/PUNC '/PUNC तत्/SN किम्/SN कर्मणि/NP घोरे/NP माम्/SN नियोजयसि/KP केशव/NS '/PUNC इति/AUD उपालम्भः/NP प्रश्नः/NP वा/APY न/AN कथञ्चन/A उपपद्यते/KP ।/PUNC न/AN च/AVK ,/PUNC अर्जुनस्य/NS एव/INTF ज्यायसी/NV बुद्धिः/NP न/AN अनुष्ठेया/NP इति/AUD भगवता/NP उक्तम्/KN पूर्वम्/A इति/AUD ,/PUNC कल्पयितुम्/KKS युक्तम्/KN ,/PUNC येन/SN '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A '/PUNC इति/AUD विवेकतः/KN प्रश्नः/NP स्यात्/KP ।।/PUNC
यदि/AVK पुनः/A एकस्य/SMKY पुरुषस्य/NP ज्ञानकर्मणोः/NP विरोधात्/NP युगपत्/A अनुष्ठानम्/NP न/AN संभवति/KP इति/AUD ,/PUNC भिन्नपुरुषानुष्ठेयत्वम्/NP भगवता/NP पूर्वम्/A उक्तम्/KN स्यात्/KP ,/PUNC ततः/A अयम्/SNV प्रश्नः/NP उपपन्नः/KN '/PUNC ज्यायसी/NP चेत्/A '/PUNC इत्यादिः/A ।/PUNC अविवेकतः/KN प्रश्नकल्पनायाम्/NP अपि/A ,/PUNC भिन्नपुरुषानुष्ठेयत्वेन/NP ज्ञानकर्मनिष्ठयोः/NP भगवतः/NP प्रति/AUD वचनम्/NP न/AN उपपद्यते/KP ।/PUNC  न/AN च/AVK अज्ञाननिमित्तम्/NP भगवत्प्रतिवचनम्/NP कल्पनीयम्/KKS ।/PUNC अस्मात्/SN च/AVK भिन्नपुरुषानुष्ठेयत्वेन/NP ज्ञानकर्मनिष्ठयोः/NP भगवतः/NP प्रति/AUD वचनदर्शनात्/NP ज्ञानकर्मणोः/NP समुच्चयानुपपत्तिः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN ,/PUNC केवलात्/A एव/INTF ज्ञानात्/NP मोक्षः/NP इति/AUD एषः/SNV अर्थः/NP निश्चितः/KN गीतासु/NS ,/PUNC सर्वोपनिषत्सु/NS च/APY ।।/PUNC
ज्ञानकर्मणोः/NP '/SMKY एकम्/SMK वद/KP निश्चित्य/KKS '/PUNC इति/AUD च/AVK ,/PUNC एक/SMKY विषया/NP एव/INTF प्रार्थना/NP अनुपपन्ना/KN ,/PUNC उभयोः/SN समुच्चयसंभवे/NP ।/PUNC '/PUNC कुरु/KP कर्म/NP एव/INTF तस्मात्/SN त्वम्/SN '/PUNC इति/AUD च/AVK ,/PUNC ज्ञाननिष्ठासंभवम्/NP अर्जुनस्य/NS अवधारणेन/NP दर्शयिष्यति/KP ।।/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
ज्यायसी/NP चेत्/A कर्मणः/NP ते/SN मता/NP बुद्धिः/NP जनार्दन/NS ।/PUNC
तत्/SN किम्/SNV कर्मणि/NP घोरे/NP माम्/SN नियोजयसि/KP केशव/NS ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 1/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ज्यायसी/NP श्रेयसी/NP चेत्/A यदि/AVK कर्मणः/NP सकाशात्/NP ते/SN तव/SN मता/NP अभिप्रेता/NP बुद्धिः/NP ज्ञानम्/NP हे/ASMB जनार्दन/NS ।/PUNC यदि/AVK बुद्धिकर्मणी/NP समुच्चिते/NP इष्टे/NP तदा/A एकम्/SMKY श्रेयःसाधनम्/NP इति/AUD कर्मणः/NP ज्यायसी/NV बुद्धिः/NP इति/AUD कर्मणः/NP अतिरिक्तकरणम्/NP बुद्धेः/NP अनुपपन्नम्/KN अर्जुनेन/NS कृतम्/KN स्यात्/KP ;/PUNC न/AN हि/A तत्/SN एव/INTF तस्मात्/SN फलतः/KN अतिरिक्तम्/NP स्यात्/KP ।/PUNC तथा/AVK  च/AVK ,/PUNC कर्मणः/NP श्रेयस्करी/NV भगवता/NP उक्ता/KN बुद्धिः/NP ,/PUNC अश्रेयस्करम्/NV च/AVK कर्म/NP कुरु/KP इति/AUD माम्/SN प्रतिपादयति/KP ,/PUNC तत्/SN किम्/SN नु/A कारणम्/NP इति/AUD भगवतः/NP उपालम्भम्/NP इव/ASD कुर्वन्/KP तत्/SN किम्/SN कस्मात्/SN कर्मणि/NP घोरे/NV क्रूरे/NV हिंसालक्षणे/NV माम्/SN नियोजयसि/KP केशव/NS इति/AUD च/AVK यत्/SN आह/KP ,/PUNC तत्/SN च/AVK न/AN उपपद्यते/KP ।/PUNC अथ/A स्मार्तेन/NS एव/INTF कर्मणा/NP समुच्चयः/NP सर्वेषाम्/SN भगवता/NP उक्तः/KN अर्जुनेन/NS च/AVK अवधारितः/KN चेत्/A ,/PUNC '/PUNC तत्/SN किम्/SNV कर्मणि/NP घोरे/NV माम्/SN नियोजयसि/KP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 3/PUNC ./PUNC  1/PUNC )/PUNC इत्यादि/A कथम्/A युक्तम्/KN वचनम्/NP ।।/PUNC
/PUNC किञ्च/AVK ?/PUNC
व्यामिश्रेण/NP इव/ASD वाक्येन/NP बुद्धिम्/NP मोहयसि/KP इव/ASD मे/SN ।/PUNC
तत्/SN एकम्/SMKY वद/KP निश्चित्य/KKS येन/SN श्रेयः/NP अहम्/SN आप्नुयाम्/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 2/PUNC ।।/PUNC -/PUNC व्यामिश्रेण/NP इव/ASD ,/PUNC यद्यपि/AVK विविक्ताभिधायी/NV भगवान्/NP ,/PUNC तथापि/AVK मम/SN मन्दबुद्धेः/NP व्यामिश्रम्/NP इव/ASD भगवद्वाक्यम्/NP प्रतिभाति/KP ।/PUNC तेन/SN मम/SN बुद्धिम्/NP मोहयसि/KP इव/ASD ,/PUNC मम/SN बुद्धिव्यामोहापनयाय/NP हि/A प्रवृत्तः/KN त्वम्/SN तु/A कथम्/AP मोहयसि/KP ?/PUNC अतः/A ब्रवीमि/KP बुद्धिम्/NP मोहयसि/KP इव/ASD मे/SN मम/SN इति/AUD ।/PUNC त्वम्/SN तु/A भिन्नकर्तृकयोः/NP ज्ञानकर्मणोः/NP एकपुरुषानुष्ठानासंभवम्/NP यदि/AVK मन्यसे/KP ,/PUNC तत्र/A एवम्/AUD सति/A तत्/SN तयोः/SN एकम्/SMKY बुद्धिम्/NP कर्म/NP वा/APY इदम्/SN एव/INTF अर्जुनस्य/NS योग्यम्/NP बुद्धिशक्त्यवस्थानुरूपम्/ASD इति/AUD निश्चित्य/KKS वद/KP ब्रूहि/KP ,/PUNC येन/SNV ज्ञानेन/NP कर्मणा/NP वा/APY अन्यतरेण/A श्रेयः/NP अहम्/SN आप्नुयाम्/KP प्राप्नुयाम्/KP ;/PUNC इति/AUD यत्/SNV उक्तम्/KN तत्/SN अपि/AVK न/AN उपपद्यते/KP ।।/PUNC 
यदि/AVK हि/A कर्मनिष्ठायाम्/NP गुणभूतम्/KN अपि/APY ज्ञानम्/NP भगवता/NP उक्तम्/KN स्यात्/KP ,/PUNC तत्/SNV कथम्/NP तयोः/SN '/PUNC एकम्/SMKY वद/KP '/PUNC इति/AUD एकविषया/NP एव/INTF अर्जुनस्य/NS शुश्रूषा/NP स्यात्/KP ।/PUNC न/AN हि/A भगवता/NP पूर्वम्/A उक्तम्/KN '/PUNC अन्यतरत्/SN एव/INTF ज्ञानकर्मणोः/NP वक्ष्यामि/KP ,/PUNC न/AN एव/INTF द्वयम्/SMK '/PUNC इति/AUD ,/PUNC येन/SN  उभयप्राप्त्यसंभवम्/NP आत्मनः/NP मन्यमानः/KN एकम्/SMKY एव/INTF प्रार्थयेत्/KP ।।/PUNC 
प्रश्नानुरूपम्/ASD एव/INTF प्रति/AUP वचनम्/NP श्रीभगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
लोके/NP अस्मिन्/SNV द्विविधा/NP निष्ठा/NP पुरा/A प्रोक्ता/KN मया/SN अनघ/NS ।/PUNC
ज्ञानयोगेन/NP साङ्ख्यानाम्/NP कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 3/PUNC ।।/PUNC -/PUNC लोके/NP अस्मिन्/SNV शास्त्रार्थानुष्ठानाधिकृतानाम्/NP त्रैवर्णिकानाम्/NP द्विविधा/NV द्विप्रकारा/NV निष्ठा/NP स्थितिः/NP अनुष्ठेयतात्पर्यम्/NP पुरा/A पूर्वम्/A सर्गादौ/A प्रजाः/NP सृष्ट्वा/KKS तासाम्/SN अभ्युदयनिःश्रेयसप्राप्तिसाधनम्/NP वेदार्थसंप्रदायम्/NP आविष्कुर्वता/KP प्रोक्ता/KN मया/SN सर्वज्ञेन/NV ईश्वरेण/NP हे/ASMB अनघ/NP अपाप/NP ।/PUNC तत्र/A का/SN सा/SNV द्विविधा/NV निष्ठा/NP इति/AUD आह/KP -/PUNC तत्र/A ज्ञानयोगेन/NP ज्ञानम्/NP एव/INTF योगः/NP तेन/SN सांख्यानाम्/NP अत्मानात्मविषयविवेकविज्ञानवताम्/NP ब्रह्मचर्याश्रमात्/NP एव/INTF कृतसंन्यासानाम्/NV वेदान्तविज्ञानसुनिश्चितार्थानाम्/NV परमहंसपरिव्राजकानाम्/NV ब्रह्मणि/NS एव/INTF अवस्थितानाम्/NP निष्ठा/NP प्रोक्ता/KN ।/PUNC कर्मयोगेन/NP कर्म/NP एव/INTF योगः/NP कर्मयोगः/NP तेन/SNV कर्मयोगेन/NP योगिनाम्/NP कर्मिणाम्/NP निष्ठा/NP प्रोक्ता/KN इत्यर्थः/NP ।/PUNC यदि/AVK च/AVK एकेन/SMKY पुरुषेण/NP एकस्मै/SMKY पुरुषार्थाय/NP ज्ञानम्/NP कर्म/NP च/APY समुच्चित्य/KKS अनुष्ठेयम्/NP भगवता/NP इष्टम्/NV उक्तम्/KN वक्ष्यमाणम्/KN वा/AVK गीतासु/NS वेदेषु/NS च/APY उक्तम्/KN ,/PUNC कथम्/AP इह/A अर्जुनाय/NS उपसन्नाय/NP प्रियाय/NP विशिष्टभिन्नपुरुषकर्तृके/NP व/APY ज्ञानकर्मनिष्ठे/NP ब्रूयात्/KP ?/PUNC यदि/AVK पुनः/A '/PUNC अर्जुनः/NS ज्ञानम्/NP कर्म/NP च/APY द्वयम्/SMKY श्रुत्वा/KKS स्वयम्/SN एव/INTF अनुष्ठास्यति/KP अन्येषाम्/SN तु/A भिन्नपुरुषानुष्ठेयताम्/NP वक्ष्यामि/KP इति/AUD '/PUNC मतम्/NP भगवतः/NP कल्प्येत/KP ,/PUNC तदा/AVK रागद्वेषवान्/NV अप्रमाणभूतः/NV भगवान्/NP कल्पितः/KN स्यात्/KP ।/PUNC तत्/SN च/AVK अयुक्तम्/KN ।/PUNC तस्मात्/SN कयापि/AVK युक्त्या/NP न/AN समुच्चयः/NP  ज्ञानकर्मणोः/NP ।।/PUNC
यत्/SSN अर्जुनेन/NS उक्तम्/KN कर्मणः/NP ज्यायस्त्वम्/NP बुद्धेः/NP तत्/SN च/AVK स्थितम्/KN ,/PUNC अनिराकरणात्/NP ।/PUNC तस्याः/SN च/AVK ज्ञाननिष्ठायाः/NP संन्यासिनाम्/NP एव/INTF अनुष्ठेयत्वम्/NP ,/PUNC भिन्नपुरुषानुष्ठेयत्ववचनात्/NP ।/PUNC भगवतः/NP एवम्/AUD एव/INTF अनुमतम्/NP इति/AUD गम्यते/KP ।।/PUNC
'/PUNC माम्/SN च/AVK बन्धकारणे/NP कर्मणि/NP एव/INTF नियोजयसि/KP '/PUNC इति/AUD विषण्णमनसम्/NP अर्जुनम्/NS '/PUNC कर्म/NP न/AN आरभे/KP '/PUNC इति/AUD एवम्/AUD मन्वानम्/NP आलक्ष्य/KKS आह/KP भगवान्/NP -/PUNC न/AN कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP इति/AUD ।/PUNC अथवा/AVK -/PUNC ज्ञानकर्मनिष्ठयोः/NP परस्परविरोधात्/NP एकेन/SMKY पुरुषेण/NP युगपत्/A अनुष्ठातुम्/KKS अशक्यत्वे/NP सति/A इतरेतरानपेक्षयोः/NP एव/INTF पुरुषार्थहेतुत्वे/NP प्राप्ते/KN कर्मनिष्ठायाः/NP ज्ञाननिष्ठाप्राप्तिहेतुत्वेन/NP पुरुषार्थहेतुत्वम्/NP ,/PUNC न/AN स्वातन्त्र्येण/NP ;/PUNC ज्ञाननिष्ठा/NP तु/A कर्मनिष्ठोपायलब्धात्मिका/NP सती/A स्वातन्त्र्येण/NP पुरुषार्थहेतुः/NP अन्यानपेक्षा/NP ,/PUNC इति/AUD एतम्/SNV अर्थम्/NP प्रदर्शयिष्यन्/KNV आह/KP भगवान्/NP -/PUNC
न/AN कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP नैष्कर्म्यम्/NV पुरुषः/NP अश्नुते/KP ।/PUNC
न/AN च/AVK संन्यसनात्/NP एव/INTF सिद्धिम्/NP समधिगच्छति/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 4/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN कर्मणाम्/NP क्रियाणाम्/NP यज्ञादीनाम्/NP इह/A जन्मनि/NP जन्मान्तरे/NP वा/APY अनुष्ठितानाम्/NP उपात्तदुरितक्षयहेतुत्वेन/NP सत्त्वशुद्धिकारणानाम्/NP तत्कारणत्वेन/NP च/APY ज्ञानोत्पत्तिद्वारेण/NP ज्ञाननिष्ठाहेतूनाम्/NP ,/PUNC '/PUNC ज्ञानम्/NP उत्पद्यते/KP पुंसाम्/NP क्षयात्/NP पापस्य/NP कर्मणः/NP ।/PUNC यथा/AVK आदर्शतलप्रख्ये/NP पश्यति/KP आत्मानम्/NP आत्मनि/NP '/PUNC (/PUNC महा0/NS शान्ति0/NS 204/PUNC ।/PUNC 8/PUNC )/PUNC इत्यादिस्मरणात्/NP ,/PUNC अनारम्भात्/NP अननुष्ठानात्/NP नैष्कर्म्यम्/NV निष्कर्मभावम्/NV कर्मशून्यताम्/NV ज्ञानयोगेन/NP निष्ठाम्/NP निष्क्रियात्मस्वरूपेण/ASD एव/INTF अवस्थानम्/NP इति/AUD यावत्/AVK ।/PUNC पुरुषः/NP न/AN अश्नुते/KP न/AN प्राप्नोति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP नैष्कर्म्यम्/NP न/AN अश्नुते/KP इति/AUD वचनात्/NP तत्/SN विपर्ययात्/NP तेषाम्/SN आरम्भात्/NP नैष्कर्म्यम्/NP अश्नुते/KP इति/AUD गम्यते/KP ।/PUNC कस्मात्/SN पुनः/A कारणात्/NP कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP नैष्कर्म्यम्/NP न/AN अश्नुते/KP इति/AUD ?/PUNC उच्यते/KP ,/PUNC कर्मारम्भस्य/NP एव/INTF नैष्कर्म्योपायत्वात्/NP ।/PUNC न/AN हि/A उपायम्NP अन्तरेण/NP उपेयप्राप्तिः/NP अस्ति/KP ।/PUNC कर्मयोगोपायत्वम्/NP च/AVK नैष्कर्म्यलक्षणस्य/NP ज्ञानयोगस्य/NP,/PUNC श्रुतौ/NS इह/A च/APY ,/PUNC प्रतिपादनात्/NP ।/PUNC श्रुतौ/NS तावत्/AVK प्रकृतस्य/NP आत्मलोकस्य/NP वेद्यस्य/NP वेदनोपायत्वेन/NP '/PUNC तमेतम्/SN वेदानुवचनेन/NP ब्राह्मणा/NS विविदिषन्ति/KP यज्ञेन/NP '/PUNC (/PUNC बृह0/NS उ0/NS 4/PUNC ।/PUNC 4/PUNC ।/PUNC 22/PUNC )/PUNC इत्यादिना/A कर्मयोगस्य/NP ज्ञानयोगोपायत्वम्/NP प्रतिपादितम्/KN ।/PUNC इह/A अपि/AVK च/AVK -/PUNC '/PUNC संन्यासः/NP तु/A महाबाहो/NP दुःखम्/NP आप्तुम्/KKS अयोगतः/KN '/PUNC (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ।/PUNC 6/PUNC )/PUNC '/PUNC योगिनः/NP कर्म/NP कुर्वन्ति/KP सङ्गम्/NP त्यक्त्वा/KKS आत्मशुद्धये/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 5/PUNC ।/PUNC 11/PUNC )/PUNC '/PUNC यज्ञो/NP दानम्/NP तपः/NP च/APY एव/INTF पावनानि/NV मनीषिणाम्/NP '/PUNC (/PUNC गीता/NS 18/PUNC ।5/PUNC )/PUNC इत्यादि/A प्रतिपादयिष्यति/KP ।।/PUNC
ननु/A च/AVK '/PUNC अभयम्/NP सर्वभूतेभ्यः/NP दत्त्वा/KKS नैष्कर्म्यम्/NP आचरेत्/KP '/PUNC इत्यादौ/A कर्तव्यकर्मसंन्यासात्/NP अपि/A नैष्कर्म्यप्राप्तिम्/NP दर्शयति/KP ।/PUNC लोके/NP च/AVK कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP नैष्कर्म्यम्/NP इति/AUD प्रसिद्धतरम्/NP ।/PUNC अतः/A च/AVK नैष्कर्म्यार्थिनः/NP किम्/SN कर्मारम्भेण/NP ?/PUNC इति/AUD प्राप्तम्/NP ।/PUNC अतः/A आह/KP -/PUNC न/AN च/AVK संन्यसनात्/NP एव/INTF इति/AUD ।/PUNC न/AN अपि/AVK संन्यसनात्/NP एव/INTF केवलात्/NP कर्मपरित्यागमात्रात्/NP एव/INTF ज्ञानरहितात्/NP सिद्धिम्/NP नैष्कर्म्यलक्षणाम्/NP ज्ञानयोगेन/NP निष्ठाम्/NP समधिगच्छति/KP न/AN प्राप्नोति/KP ।।/PUNC
कस्मात्/SN पुनः/A कारणात्/NP कर्मसंन्यासमात्रात्/NP एव/INTF केवलात्/NP ज्ञानरहितात्/NV सिद्धिम्/NP नैष्कर्म्यलक्षणाम्/NV पुरुषः/NP न/AN अधिगच्छति/KP इति/AUD हेत्वाकाङ्क्षायाम्/NP आह/KP -/PUNC
न/AN हि/A कश्चित्/SNV क्षणम्/NP अपि/A जातु/NP तिष्ठति/KP अकर्मकृत्/NP ।/PUNC
कार्यते/KP हि/A अवशः/NV कर्म/NP सर्वः/SNV प्रकृतिजैः/NV गुणैः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 5/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN हि/A यस्मात्/SNV क्षणम्/NP अपि/A कालम्/NP जातु/NP कदाचित्/A कश्चित्/SN तिष्ठति/KP अकर्मकृत्/NP सन्/KKS ।/PUNC कस्मात्/SN ?/PUNC कार्यते/KP प्रवर्त्यते/KP हि/A यस्मात्/SNV अवशः/NV एव/INTF अस्वतन्त्रः/NV एव/INTF कर्म/NP सर्वः/SNV प्राणी/NP प्रकृतिजैः/NV प्रकृतितः/KN जातैः/KN सत्त्वरजस्तमोभिः/NP गुणैः/NP ।/PUNC अज्ञः/NV इति/AUD वाक्यशेषः/NP ,/PUNC यतः/KN वक्ष्यति/KP '/PUNC गुणैः/NP यः/SN न/AN विचाल्यते/KP '/PUNC इति/AUD ।/PUNC सांख्यानाम्/NP पृथक्करणात्/NP अज्ञानाम्/NP एव/INTF हि/A कर्मयोगः/NP ,/PUNC न/AN ज्ञानिनाम्/NP ।/PUNC ज्ञानिनाम्/NP तु/A गुणैः/NP अचाल्यमानानाम्/NV स्वतः/SN चलनाभावात्/NP  कर्मयोगः/NP न/AN उपपद्यते/KP ।/PUNC तथा/AVK च/AVK व्याख्यातम्/KN '/PUNC वेद/NS अविनाशिनम्/NV '/PUNC इत्यत्र/A ।।/PUNC
यत्/SN तु/A अनात्मज्ञः/NV चोदितम्/NV कर्म/NP न/AN आरभते/KP इति/AUD तत्/SNV असत्/NP एव/INTF इत्याह/KP -/PUNC
कर्मेन्द्रियाणि/NP संयम्य/KKS यः/SN आस्ते/KP मनसा/NP स्मरन्/KP ।/PUNC
इन्द्रियार्थान्/NP विमूढात्मा/NP मिथ्याचारः/NP सः/SN उच्यते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 6/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कर्मेन्द्रियाणि/NP हस्तादीनि/NP संयम्य/KKS संहृत्य/KKS यः/SSN आस्ते/KP तिष्ठति/KP मनसा/NP स्मरन्/KNV चिन्तयन्/KNV इन्द्रियार्थान्/NP विषयान्/NP विमूढात्मा/NP विमूढान्तःकरणः/NP मिथ्याचारः/NP मृषाचारः/NP पापाचारः/NP सः/SN उच्यते/KP ।।/PUNC
यः/SSN तु/A इन्द्रियाणि/NP मनसा/NP नियम्य/KKS आरभते/KP अर्जुन/NS ।/PUNC
कर्मेन्द्रियैः/NP कर्मयोगम्/NP असक्तः/KN सः/SN विशिष्यते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 7/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SN तु/A पुनः/A कर्मणि/NP अधिकृतः/KN अज्ञः/NP बुद्धीन्द्रियाणि/NP मनसा/NP नियम्य/KKS आरभते/KP अर्जुन/NS कर्मेन्द्रियैः/NP वाक्पाण्यादिभिः/NP ।/PUNC किम्/SN आरभते/KP इत्याह/KP -/PUNC कर्मयोगम्/NP असक्तः/KN सन्/KKS फलाभिसंधिवर्जितः/KN सः/SN विशिष्यते/KP इतरस्मात्/SN मिथ्याचारात्/NP ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD अतः/A -/PUNC
नियतम्/NP कुरु/KP कर्म/NP त्वम्/SN कर्म/NP ज्यायः/NP हि/A अकर्मणः/NP ।/PUNC
शरीरयात्रा/NP अपि/AVK च/AVK ते/SN न/AN प्रसिद्ध्येत्/KP अकर्मणः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 8/PUNC ।।/PUNC -/PUNC नियतम्/NV नित्यम्/NV शास्त्रोपदिष्टम्/NP ,/PUNC यः/SN यस्मिन्/SNV कर्मणि/NP अधिकृतः/KN फलाय/NP च/AVK अश्रुतम्/KN तत्/SN नियतम्/NV कर्म/NP ,/PUNC तत्/SN कुरु/KP त्वम्/SN हे/ASMB अर्जुन/NS ,/PUNC यतः/A कर्म/NP ज्यायः/NP अधिकतरम्/NP फलतः/KN ,/PUNC हि/A यस्मात्/SN अकर्मणः/NP अकरणात्/NP अनारम्भात्/NP ।/PUNC कथम्/AP ?/PUNC शरीरयात्रा/NP शरीरस्थितिः/NP अपि/AVK च/AVK ते/SN तव/SN न/AN प्रसिध्येत्/KP प्रसिद्धिम्/NP न/AN गच्छेत्/KP अकर्मणः/NP अकरणात्/NP ।/PUNC अतः/A दृष्टः/KN कर्माकर्मणोः/NP विशेषः/NP लोके/NP ।।/PUNC
यत्च/AVK मन्यसे/KP बन्धार्थत्वात्/NP कर्म/NP न/AN कर्तव्यम्/KN इति/AUD तत्/SN अपि/AVK असत्/NP ।/PUNC कथम्/A -/PUNC
यज्ञार्थात्/NP कर्मणः/NP अन्यत्र/A लोकः/NP अयम्/SNV कर्मबन्धनः/NP ।/PUNC
तदर्थम्/A कर्म/NP कौन्तेय/NP मुक्तसङ्गः/NP समाचर/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 9/PUNC ।।/PUNC -/PUNC '/PUNC यज्ञो/NP वै/A विष्णुः/NS '/PUNC (/PUNC तै0/NS सं0/NS 1/PUNC ./PUNC 7/PUNC ./PUNC 4/PUNC )/PUNC इति/AUD श्रुतेः/NS यज्ञः/NP ईश्वरः/NP,/PUNC तदर्थम्/NP यत्/SSN क्रियते/KP तत्/SSN यज्ञार्थम्/NP कर्म/NP ।/PUNC तस्मात्/SN कर्मणः/NP अन्यत्र/A अन्येन/SNV कर्मणा/NP लोकः/NP अयम्/SN अधिकृतः/KN कर्मकृत्/NP कर्मबन्धनः/NP कर्मबन्धनम्/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SNV कर्मबन्धनः/NP लोकः/NP ,/PUNC न/AN तु/A यज्ञार्थात्/NP ।/PUNC अतः/A तदर्थम्/NP यज्ञार्थम्/NP कर्म/NP कौन्तेय/NP,/PUNC मुक्तसङ्गः/NP कर्मफलसङ्गवर्जितः/KN सन्/KKS समाचर/NP निर्वर्तय/KP ।।/PUNC
इतः/A च/AVK अधिकृतेन/NP कर्म/NP कर्तव्यम्/KN -/PUNC
सहयज्ञाः/NV प्रजाः/NP सृष्ट्वा/KKS पुरा/A उवाच/KP प्रजापतिः/NS ।/PUNC
अनेन/SN प्रसविष्यध्वम्/KP एषः/SN वः/SN अस्तु/KP इष्टकामधुक्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 10/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सहयज्ञाः/NV यज्ञसहिताः/NV प्रजाः/NP त्रयः/SMKY वर्णाः/NP ताः/SN सृष्ट्वा/KKS उत्पाद्य/KKS पुरा/A पूर्वम्/A सर्गादौ/A उवाच/KP उक्तवान्/KN प्रजापतिः/NP प्रजानाम्/NP स्रष्टा/NP अनेन/SNV यज्ञेन/NP प्रसविष्यध्वम्/KP प्रसवः/NP वृद्धिः/NP उत्पत्तिः/NP तम्/SN कुरुध्वम्/KP ।/PUNC एषः/SNV यज्ञः/NP वः/SN युष्माकम्/SN अस्तु/KP भवतु/KP इष्टकामधुक्/NP इष्टान्/NP अभिप्रेतान्/NP कामान्/NP फलविशेषान्/NP दोग्धि/KP इति/AUD इष्टकामधुक्/NP ।।/PUNC
कथम्/A -/PUNC
देवान्/NP भावयत/KP अनेन/SN ते/SNV देवाः/NP भावयन्तु/KP वः/SN ।/PUNC
परस्परम्/NP भावयन्तः/KN श्रेयः/NP परम्/A अवाप्स्यथ/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 11/PUNC ।।/PUNC -/PUNC देवान्/NP इन्द्रादीन्/NS भावयत/KP वर्धयत/KP अनेन/SNV यज्ञेन/NP ।/PUNC ते/SNV देवा/NP भावयन्तु/KP आप्याययन्तु/KP वृष्ट्यादिना/A वः/SN युष्मान्/SN ।/PUNC एवम्/AUD परस्परम्/A अन्योन्यम्/SN भावयन्तः/KN श्रेयः/NP परम्/A मोक्षलक्षणम्/NP ज्ञानप्राप्तिक्रमेण/NP अवाप्स्यथ/KP ।/PUNC स्वर्गम्/NP वा/APY परम्/NV श्रेयः/NP अवाप्स्यथ/KP ।।/PUNC
किञ्च/AVK -/PUNC
इष्टान्/NV भोगान्/NP हि/A वः/SN देवाः/NP दास्यन्ते/KP यज्ञभाविताः/KN ।/PUNC
तैः/SN दत्तान्/KP अप्रदाय/NP एभ्यः/SN यः/SSN भुङ्क्ते/KP स्तेनः/SN एव/INTF सः/SN ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 12/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इष्टान्/NV अभिप्रेतान्/NV भोगान्/NP हि/A वः/SN युष्मभ्यम्/SN देवाः/NP दास्यन्ते/KP वितरिष्यन्ति/KP स्त्रीपशुपुत्रादीन्/NP यज्ञभाविताः/KN यज्ञैः/NP वर्धिताः/KN तोषिताः/KN इत्यर्थः/NP ।/PUNC तैः/SNV देवैः/NP दत्तान्/KP भोगान्/NP अप्रदाय/NP अदत्त्वा/KKS ,/PUNC आनृण्यम्/NP अकृत्वा/KKS इत्यर्थः/NP ,/PUNC एभ्यः/SNV देवेभ्यः/NP,/PUNC यः/SSN भुङ्क्ते/KP स्वदेहेन्द्रियाणि/NP एव/INTF तर्पयति/KP स्तेनः/SN एव/INTF तस्करः/NP एव/INTF सः/SSN देवादिस्वापहारी/NP ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A -/PUNC
यज्ञशिष्टाशिनः/NP सन्तः/KN मुच्यन्ते/KP सर्वकिल्बिषैः/NP ।/PUNC
भुञ्जते/KP ते/SN तु/A अघम्/NV पापाः/NP ये/SN पचन्ति/KP आत्मकारणात्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 13/PUNC ।।/PUNC -/PUNC देवयज्ञादीन्/NP निर्वर्त्य/KKS तच्छिष्टम्/NP अशनम्/NP अमृताख्यम्/NP अशितुम्/KKS शीलम्/NP येषाम्/SN ते/SN यज्ञशिष्टाशिनः/NP सन्तः/KN मुच्यन्ते/KP सर्वकिल्बिषैः/NP सर्वपापैः/NP चुल्ल्यादिपञ्चसूनाकृतैः/KN प्रमादकृतहिंसादिजनितैः/KN च/AVK अन्यैः/SN ।/PUNC ये/SN तु/A आत्मंभरयः/NP ,/PUNC भुञ्जते/KP ते/SN तु/A अघम्/NV पापम्/NP स्वयम्/SN अपि/AVK पापाः/NP -/PUNC ये/SN पचन्ति/KP पाकम्/NP निर्वर्तयन्ति/KP आत्मकारणात्/NP आत्महेतोः/NP ।।/PUNC
इतः/A च/AVK अधिकृतेन/NV कर्म/NP कर्तव्यम्/KKS जगच्चक्रप्रवृत्तिहेतुः/NP हि/A कर्म/NP ।/PUNC कथम्/A इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
अन्नात्/NP भवन्ति/KP भूतानि/NP पर्जन्यात्/NP अन्नसम्भवः/NP ।/PUNC
यज्ञात्/NP भवति/KP पर्जन्यः/NS यज्ञः/NP कर्मसमुद्भवः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 14/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अन्नात्/NP भुक्तात्/NP लोहितरेतः/KN परिणतात्/NP प्रत्यक्षम्/A भवन्ति/KP जायन्ते/KP भूतानि/NP ।/PUNC पर्जन्यात्/NS वृष्टेः/NP अन्नस्य/NP संभवः/NP अन्नसंभवः/NP ।/PUNC यज्ञात्/NP भवति/KP पर्जन्यः/NS ,/PUNC '/PUNC अग्नौ/NP प्रास्ताहुतिः/NP सम्यक्/NV आदित्यम्/NS उपतिष्ठते/KP ।/PUNC आदित्यात्/NS जायते/KP वृष्टिः/NP वृष्टेः/NP अन्नम्/NP ततः/A प्रजाः/NP (/PUNC मनु0/NS 3/PUNC ./PUNC 76/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD स्मृतेः/NS ।/PUNC यज्ञः/NP अपूर्वम्/A ।/PUNC सः/SN च/AVK यज्ञः/NP कर्मसमुद्भवः/NP ऋत्विग्यजमानयोः/NP च/APY व्यापारः/NP कर्म/NP ,/PUNC तत्/SN समुद्भवः/NP यस्य/SNV यज्ञस्य/NP अपूर्वस्य/A सः/SNV यज्ञः/NP कर्मसमुद्भवः/NP ।।/PUNC
तम्/SN च/AVK एवंविधम्/NV कर्म/NP कुतः/A जातम्/KN इति/AUD आह/KP -/PUNC
कर्म/NP ब्रह्मोद्भवम्/NP विद्धि/KP ब्रह्माक्षरसमुद्भवम्/NP ।/PUNC
तस्मात्/SN सर्वगतम्/KN ब्रह्म/NS नित्यम्/NV यज्ञे/NP प्रतिष्ठितम्/KN ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 15/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कर्म/NP ब्रह्मोद्भवम्/NP ब्रह्म/NS वेदः/NS सः/SN उद्भवः/NP कारणम्/NP प्रकाशकः/NP यस्य/SN तत्/SNV कर्म/NP ब्रह्मोद्भवम्/NP विद्धि/KP विजानीहि/KP ।/PUNC ब्रह्म/NS पुनः/A वेदाख्यम्/NP अक्षरसमुद्भवम्/NP अक्षरम्/NV ब्रह्म/NS परमात्मा/NP समुद्भवः/NP यस्य/SN तत्/SNV अक्षरसमुद्भवम्/NP ।/PUNC ब्रह्म/NS वेदः/NS इत्यर्थः/NP ।/PUNC यस्मात्/SSN साक्षात्/A परमात्माख्यात्/NP अक्षरात्/NP पुरुषनिःश्वासवत्/ASD समुद्भूतम्/KN ब्रह्म/NS तस्मात्/SSN सर्वार्थप्रकाशकत्वात्/NP सर्वगतम्/KN ;/PUNC सर्वगतम्/KN अपि/A सत्/A नित्यम्/A सदा/A यज्ञविधिप्रधानत्वात्/NP यज्ञे/NP प्रतिष्ठितम्/KN ।।/PUNC
एवम्/AUD प्रवर्तितम्/NV चक्रम्/NP न/AN अनुवर्तयति/KP इह/A यः/SN ।/PUNC
अघायुः/NP इन्द्रियारामः/NP मोघम्/NP पार्थ/NS सः/SN जीवति/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 16/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एवम्/AUD इत्थम्/AUD ईश्वरेण/NP वेदयज्ञपूर्वकम्/NP जगच्चक्रम्/NP प्रवर्तितम्/KN न/AN अनुवर्तयति/KP इह/A लोके/NP यः/SSN कर्मणि/NP अधिकृतः/KN सन्/KKS अघायुः/NP अघम्/NP पापम्/NP आयुः/NP जीवनम्/NP यस्य/SN सः/SSN अघायुः/NP ,/PUNC पापजीवनः/NP इति/AUD यावत्/AVK ।/PUNC इन्द्रियारामः/NP इन्द्रियैः/NP आरामः/NP आरमणम्/NP आक्रीडा/NP विषयेषु/NP यस्य/SN सः/SNV इन्द्रियारामः/NP मोघम्/NP वृथा/NP हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC सः/SN जीवति/KP ।।/PUNC
तस्मात्/SN अज्ञेन/NP अधिकृतेन/KN कर्तव्यम्/KKS एव/INTF कर्म/NP इति/AUD प्रकरणार्थः/NP ।/PUNC प्राक्/A आत्मज्ञाननिष्ठायोग्यताप्राप्तेः/NP तादर्थ्येन/NP कर्मयोगानुष्ठानम्/NP अधिकृतेन/KN अनात्मज्ञेन/NP कर्तव्यम्/KKS एव/INTF इति/AUD एतत्/SN '/PUNC न/AN कर्मणाम्/NP अनारम्भात्/NP '/PUNC इत्यतः/KN आरभ्य/KKS '/PUNC शरीरयात्रा/NP अपि/AVK च/AVK ते/SN न/AN प्रसिध्येत्/KP अकर्मणः/NP '/PUNC इति/AUD एवम्/AUD अन्तेन/A प्रतिपाद्य/KKS ,/PUNC '/PUNC यज्ञार्थात्/NP कर्मणः/NP अन्यत्र'/A इत्यादिना/A '/PUNC मोघम्/NP पार्थ/NS सः/SN जीवति/KP '/PUNC इति/AUD एवम्/AUD अन्तेन/A अपि/AVK ग्रन्थेन/NP प्रासङ्गिकम्/NP अधिकृतस्य/KN अनात्मविदः/NP कर्मानुष्ठाने/NP बहु/NV कारणम्/NP उक्तम्/KN ।/PUNC तदकरणे/NP च/AVK दोषसंकीर्तनम्/NP कृतम्/KN ।।/PUNC
एवम्/AUD स्थिते/KN किम्/SN एवम्/AUD प्रवर्तितम्/NV चक्रम्/NP सर्वेण/SN अनुवर्तनीयम्/KN ,/PUNC आहोस्वित्/A पूर्वोक्तकर्मयोगानुष्ठानोपायप्राप्याम्/NP अनात्मविदः/NP ज्ञानयोगेन/NP एव/INTF निष्ठाम्/NP आत्मविद्भिः/NP सांख्यैः/NP अनुष्ठेयाम्/NP अप्राप्तेन/NP एव/INTF ,/PUNC इति/AUD एवम्/AUD अर्थम्/NP अर्जुनस्य/NS प्रश्नम्/NP आशङ्क्य/KKS स्वयम्/SN एव/INTF वा/APY शास्त्रार्थस्य/NP विवेकप्रतिपत्त्यर्थम्/NP '/PUNC एतम्/SN वै/SN तम्/SN आत्मानम्/NP विदित्वा/KKS निवृत्तमिथ्याज्ञानाः/NP सन्तः/KN ब्राह्मणाः/NS मिथ्याज्ञानवद्भिः/NP अवश्यम्/NP कर्तव्येभ्यः/KP पुत्रैषणादिभ्यः/NP व्युत्थाय/KKS अथ/A भिक्षाचर्यम्/NP शरीरस्थितिमात्रप्रयुक्तम्/KN चरन्ति/KP न/AN तेषाम्/SN आत्मज्ञाननिष्ठाव्यतिरेकेण/NP अन्यत्/SNV कार्यम्/NP अस्ति/KP '/PUNC इति/AUD एवम्/AUD श्रुत्यर्थम्/NP इह/A गीताशास्त्रे/NP प्रतिपिपादयिषितम्/KN आविष्कुर्वन्/KNV आह/KP भगवान्/NP -/PUNC
यः/SN तु/A आत्मरतिः/NP एव/INTF स्यात्/KP आत्मतृप्तः/KN च/AVK मानवः/NP ।/PUNC
आत्मनि/NP एव/INTF च/AVK सन्तुष्टः/KN तस्य/SN कार्यम्/NP न/AN विद्यते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 17/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यः/SSN तु/A सांख्यः/NS आत्मज्ञाननिष्ठः/KN आत्मरतिः/NP आत्मनि/NP एव/INTF रतिः/NP न/AN विषयेषु/NP यस्य/SN सः/SSN आत्मरतिः/NP एव/INTF स्यात्/KP भवेत्/KP आत्मतृप्तः/KN च/AVK आत्मना/NP एव/INTF तृप्तः/KN न/AN अन्नरसादिना/A सः/SNV मानवः/NP मनुष्यः/NP संन्यासी/NP आत्मनि/NP एव/INTF च/AVK संतुष्टः/KN ।/PUNC संतोषः/NP हि/A बाह्यार्थलाभे/NP सर्वस्य/SN भवति/KP ,/PUNC तम्/SN अनपेक्ष्य/KKS आत्मनि/SN एव/INTF च/AVK संतुष्टः/KN सर्वतः/AUP वीततृष्णः/NP इति/AUD एतत्/SN ।/PUNC यः/SN ईदृशः/ASD आत्मवित्/ASD तस्य/SN कार्यम्/NP करणीयम्/KN न/AN विद्यते/KP न/AN अस्ति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
किञ्च/AVK -/PUNC
न/AN एव/INTF तस्य/SN कृतेन/KN अर्थः/NP न/AN अकृतेन/KN इह/A कश्चन/SN ।/PUNC
न/AN च/AVK अस्य/SN सर्वभूतेषु/NP कश्चिदर्थव्यपाश्रयः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 18/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN एव/INTF तस्य/SN परमात्मरतेः/KN कृतेन/KN कर्मणा/NP अर्थः/NP प्रयोजनम्/NP अस्ति/KP ।/PUNC अस्तु/KP तर्हि/AVK अकृतेन/KN अकरणेन/NP प्रत्यवायाख्यः/NP अनर्थः/NP ,/PUNC न/AN अकृतेन/KN इह/A लोके/NP कश्चन/SN कश्चित्/SN अपि/AVK प्रत्यवायप्राप्तिरूपः/ASD आत्महानिलक्षणः/NP वा/APY न/AN एव/INTF अस्ति/KP ।/PUNC न/AN च/AVK अस्य/SN सर्वभूतेषु/NP ब्रह्मादिस्थावरान्तेषु/NV भूतेषु/NP कश्चित्/SNV अर्थव्यपाश्रयः/NP प्रयोजननिमित्तक्रियासाध्यः/NV व्यपाश्रयः/NP व्यपाश्रयणम्/NP आलम्बनम्/NP कञ्चित्/A भूतविशेषम्/NP आश्रित्य/KKS न/AN साध्यः/NP कश्चित्/SNV अर्थः/NP अस्ति/KP ,/PUNC येन/SN तदर्था/NP क्रिया/NP अनुष्ठेया/NP स्यात्/KP ।/PUNC न/AN त्वम्/SN तस्मिन्/SN सर्वतः/AUP संप्लुतोदकस्थानीये/NP सम्यग्दर्शने/NP वर्तसे/KP ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD -/PUNC
तस्मात्/SN असक्तः/KN सततम्/A कार्यम्/NP कर्म/NP समाचर/KP ।/PUNC
असक्तः/KN हि/A आचरन्/KNV कर्म/NP परम्/A आप्नोति/KP पूरुषः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 19/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तस्मात्/SN असक्तः/KN सङ्गवर्जितः/KN सततम्/A सर्वदा/A कार्यम्/NP कर्तव्यम्/KN नित्यम्/A कर्म/NP समाचर/KP निर्वर्तय/KP ।/PUNC असक्तः/KN हि/A यस्मात्/SN समाचरन्/KNV ईश्वरार्थम्/NP कर्म/NP कुर्वन्/KNV परम्/NV मोक्षम्/NP आप्नोति/KP पूरुषः/NP सत्त्वशुद्धिद्वारेण/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यस्मात्/SN च/AVK -/PUNC
कर्मणा/NP एव/INTF हि/A संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN जनकादयः/NS ।/PUNC
लोकसंग्रहम्/NP एव/INTF अपि/A संपश्यन्/KNV कर्तुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 20/PUNC ।।/PUNC -/PUNC कर्मणा/NP एव/INTF हि/A यस्मात्/SN पूर्वे/A क्षत्रियाः/NS विद्वांसः/NP संसिद्धिम्/NP मोक्षम्/NP गन्तुम्/KKS आस्थिताः/KN प्रवृत्ताः/KN ।/PUNC के/SN ?/PUNC जनकादयः/NS जनकावपतिप्रभृतयः/ASD ।/PUNC यदि/AVK ते/SN प्राप्तसम्यग्दर्शनाः/NV ,/PUNC ततः/A लोकसंग्रहार्थम्/NP प्रारब्धकर्मत्वात्/NP कर्मणा/NP सह/AUD एव/INTF असंन्यस्य/NP एव/INTF कर्म/NP संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN इत्यर्थः/NP ।/PUNC अथ/A अप्राप्तसम्यग्दर्शनाः/NV जनकादयः/NS ,/PUNC तदा/AVK कर्मणा/NP सत्त्वशुद्धिसाधनभूतेन/NP क्रमेण/NP संसिद्धिम्/NP आस्थिताः/KN इति/AUD व्याख्येयः/NV श्लोकः/NP ।/PUNC अथ/A मन्यसे/KP पूर्वैः/A अपि/A जनकादिभिः/NS अजानद्भिः/NS एव/INTF कर्तव्यम्/KKS कर्म/NP कृतम्/KN ;/PUNC तावता/AVK न/AN अवश्यम्/NP अन्येन/SN कर्तव्यम्/KKS सम्यग्दर्शनवता/ASD कृतार्थेन/NP इति/AUD ;/PUNC तथापि/AVK प्रारब्धकर्मायत्तः/KN त्वम्/SN लोकसंग्रहम्/NP एव/INTF अपि/A लोकस्य/NP उन्मार्गप्रवृत्तिनिवारणम्/NP लोकसंग्रहः/NP ,/PUNC तम्/SN एव/INTF अपि/A प्रयोजनम्/NP संपश्यन्/KNV कर्तुम्/KKS अर्हसि/KP ।।/PUNC
लोकसंग्रहः/NP किमर्थम्/NP कर्तव्यः/KN इति/AUD उच्यते/KP -/PUNC
यत्/SSN यत्/DV आचरति/KP श्रेष्ठः/NP तत्/SSN तत्/DV एव/INTF इतरः/SNV जनः/NP ।/PUNC
सः/SN यत्/SN प्रमाणम्/NP कुरुते/KP लोकः/NP तत्/SN अनुवर्तते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 21/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यत्/SSN यत्/DV कर्म/NP आचरति/KP करोति/KP श्रेष्ठः/NP प्रधानः/NP तत्/SSN तत्/DV एव/INTF कर्म/NP आचरति/KP इतरः/SN अन्यः/SNV जनः/NP तदनुगतः/KN ।/PUNC किञ्च/A सः/SNV श्रेष्ठः/NP यत्/SN प्रमाणम्/NP कुरुते/KP लौकिकम्/NV वैदिकम्/NV वा/APY लोकः/NP तत्/SN अनुवर्तते/KP तत्/SN एव/INTF प्रमाणीकरोति/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यदि/AVK अत्र/A ते/SN लोकसंग्रहकर्तव्यतायाम्/NP विप्रतिपत्तिः/NP तर्हि/AVK माम्/SN किम्/SN न/AN पश्यसि/KP ?/PUNC -/PUNC
न/AN मे/SN पार्थ/NS अस्ति/KP कर्तव्यम्/KN त्रिषु/SMKY लोकेषु/NP किञ्चन/A ।/PUNC
न/AN अनवाप्तम्/KN अवाप्तव्यम्/KN वर्ते/NP एव/INTF च/APY कर्मणि/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 22/PUNC ।।/PUNC -/PUNC न/AN मे/SN मम/SN पार्थ/NS न/AN अस्ति/KP न/AN विद्यते/KP कर्तव्यम्/KN त्रिषु/SMKY अपि/A लोकेषु/NP किञ्चन/A किञ्चित्/A अपि/A ।/PUNC कस्मात्/SN ?/PUNC न/AN अनवाप्तम्/KN अप्राप्तम्/KN अवाप्तव्यम्/KN प्रापणीयम्/KN ,/PUNC तथापि/AVK वर्ते/NP एव/INTF च/AVK कर्मणि/NP अहम्/SN ।।/PUNC
यदि/AVK हि/A अहम्/SN न/AN वर्तेयम्/NP जातु/KP कर्मणि/NP अतन्द्रितः/KN ।/PUNC
मम/SN वर्त्म/NP अनुवर्तन्ते/KP मनुष्याः/NP पार्थ/NS सर्वशः/A ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 23/PUNC ।।/PUNC -/PUNC यदि/AVK हि/A पुनः/A अहम्/SN  न/AN वर्तेय/NP जातु/KP कदाचित्/A कर्मणि/NP अतन्द्रितः/KN अनलसः/NP सन्/KKS मम/SN श्रेष्ठस्य/NP सतः/KN वर्त्म/NP मार्गम्/NP अनुवर्तन्ते/KP मनुष्याः/NP हे/ASMB पार्थ/NS ,/PUNC सर्वशः/A सर्वप्रकारैः/NP ।।/PUNC
तथा/AVK च/AVK कः/SNV दोषः/NP इति/AUD आह/KP 
उत्सीदेयुः/KP इमे/SNV लोकाः/NP न/AN कुर्याम्/KP कर्म/NP चेत्/A अहम्/SN ।/PUNC
सङ्करस्य/NS च/AVK कर्ता/NP स्याम्/KP उपहन्याम्/KP इमाः/SNV प्रजाः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 24/PUNC ।।/PUNC -/PUNC उत्सीदेयुः/KP विनश्येयुः/KP इमे/SN सर्वे/SNV लोकाः/NP लोकस्थितिनिमित्तस्य/NV कर्मणः/NP अभावात्/NP न/AN कुर्याम्/KP कर्म/NP चेत्/A अहम्/SN ।/PUNC किञ्च/AVK ,/PUNC संकरस्य/NS च/AVK कर्ता/NP स्याम्/KP ।/PUNC तेन/SN कारणेन/NP उपहन्याम्/KP इमाः/SNV प्रजाः/NP ।/PUNC प्रजानाम्/NP अनुग्रहाय/NP प्रवृत्तः/KN उपहतिम्/NP उपहननम्/NP कुर्याम्/KP इत्यर्थः/NP ।/PUNC मम/SN ईश्वरस्य/NP अननुरूपम्/ASD आपद्येत/KP ।।/PUNC
यदि/AVK पुनः/A अहम्/SN इव/ASD त्वम्/SN कृतार्थबुद्धिः/NP ,/PUNC आत्मवित्/ASD अन्यः/SN वा/APY ,/PUNC तस्य/SN अपि/A आत्मनः/NP कर्तव्याभावे/NP अपि/A परानुग्रहः/NP एव/INTF कर्तव्यः/KN इति/AUD आह/KP -/PUNC
सक्ताः/KN कर्मणि/NP अविद्वांसः/NP यथा/AVK कुर्वन्ति/KP भारत/NS ।/PUNC
कुर्यात्/KP विद्वान्/NP तथा/AVK असक्तः/KN चिकीर्षुः/KP लोकसंग्रहम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 25/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सक्ताः/KN कर्मणि/NP '/PUNC अस्य/SNV कर्मणः/NP फलम्/NP मम/SN भविष्यति/KP '/PUNC इति/AUD केचित्/A अविद्वांसः/NP यथा/AVK कुर्वन्ति/KP भारत/NS ,/PUNC कुर्यात्/KP विद्वान्/NP आत्मवित्/ASD तथा/AVK असक्तः/KN सन्/KKS ।/PUNC तद्वत्/ASD किमर्थम्/NP करोति/KP ?/PUNC तत्/SN शृणु/KP -/PUNC चिकीर्षुः/KP कर्तुम्/KKS इच्छुः/NP लोकसंग्रहम्/NP ।।/PUNC
एवम्/AUD लोकसंग्रहम्/NP चिकीर्षोः/KP न/AN मम/SN आत्मविदः/NP कर्तव्यम्/KN अस्ति/KP अन्यस्य/SN वा/APY लोकसंग्रहम्/NP मुक्त्वा/KKS ।/PUNC ततः/A तस्य/SN आत्मविदः/NP इदम्/SN उपदिश्यते/KP -/PUNC
न/AN बुद्धिभेदम्/NP जनयेत्/KP अज्ञानाम्/NP कर्मसङ्गिनाम्/NP ।/PUNC
जोषयेत्/KP सर्वकर्माणि/NP विद्वान्/NP युक्तः/KN समाचरन्/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 26/PUNC ।।/PUNC -/PUNC बुद्धेः/NP भेदः/NP बुद्धिभेदः/NP '/PUNC मया/SN इदम्/SNV कर्तव्यम्/KN भोक्तव्यम्/KN च/APY अस्य/SNV कर्मणः/NP फलम्/NP '/PUNC इति/AUD निश्चयरूपायाः/NV बुद्धेः/NP भेदनम्/NP चालनम्/NP बुद्धिभेदः/NP तम्/SN न/AN जनयेत्/KP न/AN उत्पादयेत्/KP अज्ञानाम्/NP अविवेकिनाम्/NP कर्मसङ्गिनाम्/NP कर्मणि/NP आसक्तानाम्/NP आसङ्गवताम्/NP ।/PUNC किम्/SN नु/A कुर्यात्/KP ?/PUNC जोषयेत्/KP कारयेत्/KP सर्वकर्माणि/NP विद्वान्/NP स्वयम्/SN तत्/SN एव/INTF अविदुषाम्/NP कर्म/NP युक्तः/KN अभियुक्तः/KN समाचरन्/KP ।।/PUNC
अविद्वान्/NP अज्ञः/NP कथम्/A कर्मसु/NP सज्जते/KP इति/AUD आह/KP -/PUNC
प्रकृतेः/NV क्रियमाणानि/NP गुणैः/NV कर्माणि/NP सर्वशः/A ।/PUNC
अहङ्कारविमूढात्मा/NV कर्ता/NP अहम्/SN इति/AUD मन्यते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 27/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रकृतेः/NP प्रकृतिः/NP प्रधानम्/NP सत्त्वरजस्तमसाम्/NV गुणानाम्/NP साम्यावस्था/NP तस्याः/SN प्रकृतेः/NP गुणैः/NP विकारैः/NP कार्यकरणरूपैः/NV क्रियमाणानि/NP कर्माणि/NP लौकिकानि/NV शास्त्रीयाणि/NV च/APY सर्वशः/A सर्वप्रकारैः/NP अहंकारविमूढात्मा/NP कार्यकरणसंघातात्मप्रत्ययः/NV अहंकारः/NP तेन/SN विविधम्/NP नानाविधम्/NP मूढः/NV आत्मा/NP अन्तःकरणम्/NP यस्य/SN सः/SN अयम्/SNV कार्यकरणधर्मा/NV कार्यकरणाभिमानी/NV अविद्यया/NP कर्माणि/NP आत्मनि/NP मन्यमानः/KN तत्तत्कर्मणाम्/NP अहम्/SN कर्ता/NP इति/AUD मन्यते/KP ।।/PUNC
यः/SN पुनः/A विद्वान्/NP -/PUNC
तत्त्ववित्/NP तु/A महाबाहो/NP गुणकर्मविभागयोः/NP ।/PUNC
गुणाः/NP गुणेषु/NP वर्तन्ते/KP इति/AUD मत्वा/KKS न/AN सज्जते/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 28/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तत्त्ववित्/NP तु/A महाबाहो/NP ।/PUNC कस्य/SN तत्त्ववित्/NP ?/PUNC गुणकर्मविभागयोः/NP गुणविभागस्य/NP कर्मविभागस्य/NP च/APY तत्त्ववित्/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC गुणाः/NP करणात्मकाः/NP गुणेषु/NP विषयात्मकेषु/NP वर्तन्ते/KP न/AN आत्मा/NP इति/AUD मत्वा/KKS न/AN सज्जते/KP सक्तिम्/NP न/AN करोति/KP ।।/PUNC
ये/SN पुनः/A -/PUNC
प्रकृतेः/NP गुणसम्मूढाः/NP सज्जन्ते/KP गुणकर्मसु/NP ।/PUNC
तान्/SNV अकृत्स्नविदः/NP मन्दान्/NP कृत्स्नवित्/NP न/AN विचालयेत्/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 29/PUNC ।।/PUNC -/PUNC प्रकृतेः/NP गुणैः/NP सम्यक्/NV मूढाः/NP संमोहिताः/KN सन्तः/KN सज्जन्ते/KP गुणानाम्/NP कर्मसु/NP गुणकर्मसु/NP '/PUNC वयम्/SN कर्म/NP कुर्मः/KP फलाय/NP '/PuNC इति/AUD ।/PUNC तान्/SNV कर्मसङ्गिनः/NP अकृत्स्नविदः/NP कर्मफलमात्रदर्शिनः/NP मन्दान्/NP मन्दप्रज्ञान्/NP कृत्स्नवित्/NP आत्मवित्/NP स्वयम्/SN न/AN विचालयेत्/KP बुद्धिभेदकरणम्/NP एव/INTF चालनम्/NP तत्/SN न/AN कुर्यात्/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
कथम्/A पुनः/A कर्मणि/NP अधिकृतेन/KN अज्ञेन/NP मुमुक्षुणा/NP कर्म/NP कर्तव्यम्/KN इति/AUD ,/PUNC उच्यते/KP -/PUNC
मयि/SN सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP संन्यस्य/NP अध्यात्मचेतसा/NP ।/PUNC
निराशीः/NP निर्ममः/NP भूत्वा/KKS युध्यस्व/KP विगतज्वरः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 30/PUNC ।।/PUNC -/PUNC मयि/SNV वासुदेवे/NS परमेश्वरे/NP सर्वज्ञे/NP सर्वात्मनि/NP सर्वाणि/SNV कर्माणि/NP संन्यस्य/NP निक्षिप्य/KKS अध्यात्मचेतसा/NP विवेकबुद्ध्या/NP '/PUNC अहम्/SN कर्ता/NP ईश्वराय/NP भृत्यवत्/ASD करोमि/KP '/PUNC इति/AUD अनया/SN बुद्ध्या/NP ।/PUNC किञ्च/AVK ,/PUNC निराशीः/NP त्यक्ताशीः/NP निर्ममः/NP ममभावः/NP च/APY निर्गतः/KN यस्य/SN तव/SN सः/SN त्वम्/SN निर्ममः/NP भूत्वा/KKS युध्यस्व/KP विगतज्वरः/NP विगतसंतापः/NP विगतशोकः/NP सन्/KKS इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
यदेतन्/SN मम/SN मतम्/NP कर्म/NP कर्तव्यम्/KN इति/AUD सप्रमाणम्/NV उक्तम्/KN तत्/SN तथा/AVK -/PUNC
ये/SN मे/SN मतम्/NP इदम्/SN नित्यम्/NP अनुतिष्ठन्ति/KP मानवाः/NP ।/PUNC
श्रद्धावन्तः/KN अनसूयन्तः/KN मुच्यन्ते/KP ते/SN अपि/A कर्मभिः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 31/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SN मे/SN मदीयम्/SN इदम्/SNV मतम्/NP नित्यम्/NP अनुतिष्ठन्ति/KP अनुवर्तन्ते/KP मानवाः/NP मनुष्याः/NP श्रद्धावन्तः/KN श्रद्दधानाः/NV अनसूयन्तः/KN असूयाम्/NP  च/AVK मयि/SN परमगुरौ/NV वासुदेवे/NS अकुर्वन्तः/KN ,/PUNC मुच्यन्ते/KP ते/SN अपि/A एवंभूताः/KN कर्मभिः/NP धर्माधर्माख्यैः/NP ।।/PUNC
ये/SN तु/A एतत्/SN अभ्यसूयन्तः/KN न/AN अनुतिष्ठन्ति/KP मे/SN मतम्/NP ।/PUNC
सर्वज्ञानविमूढान्/NV तान्/SN विद्धि/KP नष्टान्/NP अचेतसः/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 32/PUNC ।।/PUNC -/PUNC ये/SN तु/A तद्विपरीताः/KN एतत्/SNV मम/SN मतम्/NP अभ्यसूयन्तः/KN निन्दन्तः/KN न/AN अनुतिष्ठन्ति/KP न/AN अनुवर्तन्ते/KP मे/SN मतम्/NP ,/PUNC सर्वेषु/SNV ज्ञानेषु/NP विविधम्/NV मूढाः/NP ते/SN ।/PUNC सर्वज्ञानविमूढान्/NV तान्/SN विद्धि/KP जानीहि/KP नष्टान्/NP नाशम्/NP गतान्/KP अचेतसः/NP अविवेकिनः/NP ।।/PUNC
कस्मात्/SN पुनः/A कारणात्/NP त्वदीयम्/SN मतम्/NP न/AN अनुतिष्ठन्ति/KP ,/PUNC परधर्मान्/NP अनुतिष्ठन्ति/KP ,/PUNC स्वधर्मम्/NP च/AVK न/AN अनुवर्तन्ते/KP ,/PUNC त्वत्प्रतिकूलाः/NP कथम्/A न/AN बिभ्यति/KP त्वच्छासनातिक्रमदोषात्/NP ?/PUNC तत्र/A आह/KP -/PUNC
सदृशम्/NP चेष्टते/KP स्वस्याः/SN प्रकृतेNP ज्ञानवान्/NP अपि/A ।/PUNC
प्रकृतिम्/NP यान्ति/KP भूतानि/NP निग्रहः/NP किम्/SN करिष्यति/KP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 33/PUNC ।।/PUNC -/PUNC सदृशम्/NP अनुरूपम्/NP चेष्टते/KP चेष्टाम्/NP करोति/KP ।/PUNC कस्य/SN ?/PUNC स्वस्याः/SN स्वकीयायाः/SN प्रकृतेः/NP ।/PUNC प्रकृतिः/NP नाम/NP पूर्वकृतधर्माधर्मादिसंस्कारः/NP वर्तमानजन्मादौ/A अभिव्यक्तः/KN ;/PUNC सा/SNV प्रकृतिः/NP ।/PUNC तस्याः/SN सदृशम्/NP एव/INTF सर्वः/SNV जन्तुः/NP ज्ञानवान्/NP अपि/A चेष्टते/KP ,/PUNC किम्/SN पुनर्मूर्खः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN प्रकृतिम्/NP यान्ति/KP अनुगच्छन्ति/KP भूतानि/NP प्राणिनः/NP ।/PUNC निग्रहः/NP निषेधरूपः/NP किम्/SN करिष्यति/KP मम/SN वा/APY अन्यस्य/SN वा/APY ।।/PUNC
यदि/AVK सर्वः/SNV जन्तुः/NP आत्मनः/NP प्रकृतिसदृशम्/NP एव/INTF चेष्टते/KP ,/PUNC न/AN च/AVK प्रकृतिशून्यः/NP कश्चित्/SN अस्ति/KP ,/PUNC ततः/A पुरुषकारस्य/NP विषयानुपपत्तेः/NP शास्त्रानर्थक्यप्राप्तौ/KN इदम्/SN उच्यते/KP -/PUNC
इन्द्रियस्य/NP इन्द्रियस्य/NP अर्थे/NP रागद्वेषौ/NP व्यवस्थितौ/KN ।/PUNC
तयोः/SN न/AN वशम्/NP आगच्छेत्/KP तौ/SN हि/A अस्य/SNV परिपन्थिनौ/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 34/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इन्द्रियस्य/NP इन्द्रियस्य/NP अर्थे/NP सर्वेन्द्रियाणाम्/NP अर्थे/NP शब्दादिविषये/NP इष्टे/KN रागः/NP अनिष्टे/KN द्वेषः/NP इति/AUD एवम्/AUD प्रतीन्द्रियार्थम्/NP रागद्वेषौ/NP अवश्यंभाविनौ/NP तत्र/A अयम्/SNV पुरुषकारस्य/NV शास्त्रार्थस्य/NP च/APY विषयः/NP उच्यते/KP ।/PUNC शास्त्रार्थे/NP प्रवृत्तः/KN पूर्वम्/A एव/INTF रागद्वेषयोः/NP वशम्/NP न/AN आगच्छेत्/KP ।/PUNC या/SSN हि/A पुरुषस्य/NP प्रकृतिः/NP सा/SSN रागद्वेषपुरःसरा/NP एव/INTF स्वकार्ये/NP पुरुषम्/NP प्रवर्तयति/KP ।/PUNC तदा/AVK स्वधर्मपरित्यागः/NP परधर्मानुष्ठानम्/NP च/APY भवति/KP ।/PUNC यदा/AVK पुनः/A रागद्वेषौ/NP तत्प्रतिपक्षेण/NP नियमयति/KP तदा/AVK शास्त्रदृष्टिः/NP एव/INTF पुरुषः/NP भवति/KP ,/PUNC न/AN प्रकृतिवशः/NP ।/PUNC तस्मात्/SN तयोः/SN रागद्वेषयोः/NP वशम्/NP न/AN आगच्छेत्/KP ,/PUNC यतः/A तौ/SN हि/A अस्य/SNV पुरुषस्य/NP परिपन्थिनौ/NP श्रेयोमार्गस्य/NP विघ्नकर्तारौ/NV तस्करौ/NP इव/ASD पथि/NP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
तत्र/A रागद्वेषप्रयुक्तः/KN मन्यते/KP शास्त्रार्थम्/NP अपि/A अन्यथा/A '/PUNC परधर्मः/NP अपि/A धर्मत्वात्/NP अनुष्ठेयः/NP एव/INTF '/PUNC इति/AUD ,/PUNC तत्/SN असत्/NP
श्रेयान्/NV स्वधर्मः/NP विगुणः/NP परधर्मात्/NP स्वनुष्ठितात्/NP ।/PUNC
स्वधर्मे/NP निधनम्/NP श्रेयः/NV परधर्मः/NP भयावहः/NV ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 35/PUNC ।।/PUNC -/PUNC श्रेयान्/NP प्रशस्यतरः/NP स्वः/SNV धर्मः/NP स्वधर्मः/NP विगुणः/NP अपि/A विगतगुणः/NP अपि/A अनुष्ठीयमानः/KN परधर्मात्/NP स्वनुष्ठितात्/NP साद्गुण्येन/NP संपादितात्/NP अपि/A ।/PUNC स्वधर्मे/NP स्थितस्य/KN निधनम्/NP मरणम्/NP अपि/A श्रेयः/NP परधर्मे/NP स्थितस्य/NP जीवितात्/NP ।/PUNC कस्मात्/SN ?/PUNC परधर्मः/NP भयावहः/NV नरकादिलक्षणम्/NP भयम्/NP आवहति/KP यतः/A ।।/PUNC यद्यपि/AVK अनर्थमूलम्/NP '/PUNC ध्यायतः/KN विषयान्/NP पुंसः/NP (/PUNC गीता/NS 2/PUNC ./PUNC 62/PUNC )/PUNC '/PUNC इति/AUD '/PUNC रागद्वेषौ/NP हि/A अस्य/SN परिपन्थिनौ/NP '/PUNC इति/AUD च/AVK उक्तम्/KN ,/PUNC विक्षिप्तम्/KN अनवधारितम्/KN च/APY तत्/SNV उक्तम्/KN ।/PUNC तत्/SN संक्षिप्तम्/NP निश्चितम्/NP च/APY इदम्/SN एव/INTF इति/AUD ज्ञातुम्/KKS इच्छन्/KNV अर्जुनः/NS उवाच/KP '/PUNC ज्ञाते/KN हि/A तस्मिन्/SN तदुच्छेदाय/NP यत्नम्/NP कुर्याम्/KP '/PUNC इति/AUD अर्जुनः/NS उवाच/KP -/PUNC
अर्जुनः/NS उवाच/KP
अथ/A केन/SN प्रयुक्तः/KN अयम्/SNV पापम्/NP चरति/KP पूरुषः/NP ।/PUNC
अनिच्छन्/KNV अपि/A वार्ष्णेय/NS बलात्/NP इव/ASD नियोजितः/KN ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 36/PUNC ।।/PUNC -/PUNC अथ/A केन/SN हेतुभूतेन/NP प्रयुक्तः/KN सन्/KKS राज्ञा/NP इव/ASD भृत्यः/NP अयम्/SNV पापम्/NV कर्म/NP चरति/KP आचरति/KP पूरुषः/NP पुरुषः/NP स्वयम्/SN अनिच्छन्/KNV अपि/A हे/ASMB वार्ष्णेय/NS वृष्णिकुलप्रसूत/KN ,/PUNC बलात्/NP इव/ASD नियोजितः/KN राज्ञा/NP इव/ASD इति/AUD उक्तः/KN दृष्टान्तः/KN ।।/PUNC
शृणु/KP त्वम्/SN तम्/SNV वैरिणम्/NP सर्वानर्थकरम्/NP यम्/SN त्वम्/SN पृच्छसि/KP इति/AUD भगवान्/NP उवाच/KP -/PUNC 
श्रीभगवान्/NP उवाच/KP
कामः/NP एषः/SNV क्रोधः/NP एषः/SNV रजोगुणसमुद्भवः/NP ।/PUNC
महाशनः/NP महापाप्मा/NP विद्धि/KP एनम्/SN इह/A वैरिणम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 37/PUNC ।।/PUNC -/PUNC '/PUNC ऐश्वर्यस्य/NP समग्रस्य/NV धर्मस्य/NP यशसः/NP श्रियः/NP ।/PUNC वैराग्यस्य/NP अथ/A मोक्षस्य/NP षण्णाम्/SMKY भगः/NP इति/AUD ईरणा/NP '/PUNC (/PUNC विष्णु/NS पु0/NS 6/PUNC ।/PUNC 5/PUNC ।/PUNC 74/PUNC )/PUNC ऐश्वर्यादिषट्कम्/SMK यस्मिन्/SNV वासुदेवे/NS नित्यम्/A अप्रतिबद्धत्वेन/NP सामस्त्येन/NP च/APY वर्तते/KP ,/PUNC '/PUNC उत्पत्तिम्/NP प्रलयम्/NP च/APY एव/INTF भूतानाम्/NP आगतिम्/NP गतिम्/NP ।/PUNC वेत्ति/KP विद्याम्/NP अविद्याम्/NP च/APY सः/SNV वाच्यः/NP भगवान्/NP इति/AUD '/PUNC (/PUNC विष्णु/NS पु/NS 6/PUNC ।/PUNC 5/PUNC ।/PUNC 78/PUNC )/PUNC उत्पत्त्यादिविषयम्/NP च/AVK विज्ञानम्/NP यस्य/SN सः/SNV वासुदेवः/NP वाच्यः/NP भगवान्/NP इति/AUD ।।/PUNC 
कामः/NP एषः/SNV सर्वलोकशत्रुः/NP यत्/SN निमित्ता/KN सर्वानर्थप्राप्तिः/NP प्राणिनाम्/NP ।/PUNC सः/SN एषः/SNV कामः/NP प्रतिहतः/KN केनचित्/A क्रोधत्वेन/NP परिणमते/KP ।/PUNC अतः/A क्रोधः/NP अपि/AVK एषः/SN एव/INTF रजोगुणसमुद्भवः/NP रजः/NP च/APY तत्/SN गुणः/NP च/APY रजोगुणः/NP सः/SN समुद्भवः/NP यस्य/SN सः/SNV कामः/NP रजोगुणसमुद्भवः/NP ,/PUNC रजोगुणस्य/NP वाAVK समुद्भवः/NP ।/PUNC कामः/NP हि/A उद्भूतः/KN रजः/NP प्रवर्तयन्/KNV पुरुषम्/NP प्रवर्तयति/KP ;/PUNC '/PUNC तृष्णया/NP हि/A अहम्/SN कारितः/KN '/PUNC इति/AUD दुःखिनाम्/NP रजःकार्ये/NP सेवादौ/A प्रवृत्तानाम्/NP प्रलापः/NP श्रूयते/KP ।/PUNC महाशनः/NP महत्/NV अशनम्/NP अस्य/SN इति/AUD महाशनः/NP ;/PUNC अतः/A एव/INTF महापाप्मा/NP ;/PUNC कामेन/NP हि/A प्रेरितः/KN जन्तुः/NP पापम्/NP करोति/KP ।/PUNC अतः/A विद्धि/KP एनम्/SNV कामम्/NP इह/A संसारे/NP वैरिणम्/NP ।।/PUNC
कथम्/A वैरी/NP इति/AUD दृष्टान्तैः/KN प्रत्याययति/KP -/PUNC
धूमेन/NP आव्रियते/KP वह्निः/NP यथा/ASD आदर्शः/NP मलेन/NP च/APY ।/PUNC
यथा/AVK उल्बेन/NP आवृतः/KN गर्भः/NP तथा/AVK तेन/SN इदम्/SNV आवृतम्/KN ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 38/PUNC ।।/PUNC -/PUNC धूमेन/NP सहजेन/KV आव्रियते/KP वह्निः/NP प्रकाशात्मकः/NP अप्रकाशात्मकेन/NP ,/PUNC यथा/AVK वा/AVK आदर्शः/NP मलेन/NP च/AVK ,/PUNC यथा/AVK उल्बेन/NP च/AVK जरायुणा/NP गर्भवेष्टनेन/NP आवृतः/KN आच्छादितः/KN गर्भः/NP तथा/AVK तेन/SN इदम्/SN आवृतम्/KN ।।/PUNC
किम्/SN पुनः/A तत्//SSN इदंशब्दवाच्यम्/NP यत्/SSN कामेन/NP आवृतम्/KN इति/AUD उच्यते/KP  
आवृतम्/NV ज्ञानम्/NP एतेन/SNV ज्ञानिनः/NP नित्यवैरिणा/NP ।/PUNC
कामरूपेण/ASD कौन्तेय/NP दुष्पूरेण/NV अनलेन/NV च/APY ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 39/PUNC ।।/PUNC -/PUNC आवृतम्/KN एतेन/SNV ज्ञानम्/NP ज्ञानिनः/NP नित्यवैरिणा/NP ,/PUNC ज्ञानी/NP हि/A जानाति/KP '/PUNC अनेन/SN अहम्/SN अनर्थे/NP प्रयुक्तः/KN '/PUNC इति/AUD पूर्वम्/A एव/INTF ।/PUNC दुःखी/NP च/AVK भवति/KP नित्यम्/A एव/INTF ।/PUNC अतः/A असौ/SNV ज्ञानिनः/NP नित्यवैरी/NV ,/PUNC न/AN तु/A मूर्खस्य/NP ।/PUNC सः/SNV हि/A कामम्/NP तृष्णाकाले/NP मित्रम्/NP इव/ASD पश्यन्/KNV तत्कार्ये/NP दुःखे/NP प्राप्ते/KN जानाति/KP '/PUNC तृष्णया/NP अहम्/SN दुःखित्वम्/NP आपादितः/KN '/PUNC इति/AUD ,/PUNC न/AN पूर्वम्/A एव/INTF ।/PUNC अतः/A ज्ञानिनः/NP एव/INTF नित्यवैरी/NP ।/PUNC किंरूपेण/SN ?/PUNC कामरूपेण/ASD कामः/NP इच्छा/NP एव/INTF रूपम्/NP अस्य/SN इति/AUD कामरूपः/NP तेन/SN दुष्पूरेण/NP दुःखेन/NP पूरणम्/NP अस्य/SN इति/AUD दुष्पूरः/NP तेन/SNV अनलेन/NP न/AN अस्य/SN अलम्/NP पर्याप्तिः/NP विद्यते/KP इति/AUD अनलः/NP तेन/SN च/AVK ।।/PUNC
किमधिष्ठानः/NP पुनः/A कामः/NP ज्ञानस्य/NP आवरणत्वेन/NP वैरी/NP सर्वस्य/SNV लोकस्य/NP ?/PUNC इति/AUD अपेक्षायाम्/NP आह/KP ,/PUNC ज्ञाते/KN हि/A शत्रोः/NP अधिष्ठाने/NP सुखेन/NP निबर्हणम्/NP कर्तुम्/KKS शक्यते/KP इति/AUD -/PUNC
इन्द्रियाणि/NP मनः/NP बुद्धिः/NP अस्य/SN अधिष्ठानम्/NP उच्यते/KP ।/PUNC
एतैः/SN विमोहयति/KP एषः/SNV ज्ञानम्/NP आवृत्य/KKS देहिनम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 40/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इन्द्रियाणि/NP मनः/NP बुद्धिः/NP च/APY अस्य/SNV कामस्य/NP अधिष्ठानम्/NP आश्रयः/NP उच्यते/KP ।/PUNC एतैः/SNV इन्द्रियादिभिः/NP आश्रयैः/NP विमोहयति/KP विविधम्/KV मोहयति/KP एषः/SNV कामः/NP ज्ञानम्/NP आवृत्य/KKS आच्छाद्य/KKS देहिनम्/NP शरीरिणम्/NP ।।/PUNC
यतः/A एवम्/AUD -/PUNC
तस्मात्/SN त्वम्/SN इन्द्रियाणि/NP आदौ/A नियम्य/KKS भरतर्षभ/NP ।/PUNC
पाप्मानम्/NP प्रजहि/KP हि/A एनम्/SNV ज्ञानविज्ञाननाशनम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 41/PUNC ।।/PUNC -/PUNC तस्मात्/SN त्वम्/SN इन्द्रियाणि/NP आदौ/A पूर्वम्/A एव/INTF नियम्य/KKS वशीकृत्य/KKS भरतर्षभ/NP पाप्मानम्/NP  पापाचारम्/NV कामम्/NP प्रजहि/KP हि/A परित्यज/KP एनम्/SNV प्रकृतम्/NP वैरिणम्/NP ज्ञानविज्ञाननाशनम्/NP ज्ञानम्/NP शास्त्रतः/KN आचार्यतः/KN च/APY आत्मादीनाम्/NP अवबोधः/NP ,/PUNC विज्ञानम्/NP विशेषतः/KN तत्/SNV अनुभवः/NP ,/PUNC तयोः/SNV ज्ञानविज्ञानयोः/NP श्रेयःप्राप्तिहेत्वोः/NP नाशनम्/NP नाशकरम्/NP प्रजहिहि/KP आत्मनः/NP परित्यज/KP इत्यर्थः/NP ।।/PUNC
इन्द्रियाणि/NP आदौ/A नियम्य/KKS कामम्/NP शत्रुम्/NP जहिहि/KP इति/AUD उक्तम्/KN ;/PUNC तत्र/A किमाश्रयः/NP कामम्/NP जह्यात्/KP इतिAUD उच्यते/KP -/PUNC
इन्द्रियाणि/NP पराणि/NP आहुः/KP इन्द्रियेभ्यः/NP परम्/NV मनः/NP ।/PUNC
मनसः/NP तु/A परा/NV बुद्धिः/NP यः/SSN बुद्धेः/NP परतः/KN तु/A सः/SSN ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 42/PUNC ।।/PUNC -/PUNC इन्द्रियाणि/NP श्रोत्रादीनि/NP पञ्च/SMKY देहम्/NP स्थूलम्/NV बाह्यम्/NV परिच्छिन्नम्/NV च/APY अपेक्ष्य/KKS सौक्ष्म्यान्तरत्वव्यापित्वाद्यपेक्षया/NP पराणि/NP प्रकृष्टानि/NP आहुः/KP पण्डिताः/NP ।/PUNC तथा/AVK इन्द्रियेभ्यः/NP परम्/NV मनः/NP संकल्पविकल्पात्मकम्/NP ।/PUNC तथा/AVK मनसः/NP तु/A परा/NV बुद्धिः/NP निश्चयात्मिका/NP ।/PUNC तथा/AVK यः/SN सर्वदृश्येभ्यः/NP बुद्ध्यन्तेभ्यः/NP आभ्यन्तरः/NP ,/PUNC यम्/SNV देहिनम्/NP इन्द्रियादिभिः/NP आश्रयैः/NP युक्तः/KN कामः/NP ज्ञानावरणद्वारेण/NP मोहयति/KP इति/AUD उक्तम्/KN ।/PUNC बुद्धेः/NP परतः/KN तु/A सः/SNV सः/DV बुद्धेः/NP द्रष्टा/NP परमात्मा/NP ।।/PUNC  
ततः/A किम्/SN -/PUNC 
एवम्/AUD बुद्धेः/NP परम्/NV बुद्ध्वा/NP संस्तभ्यात्मानम्/NP आत्मना/NP ।/PUNC
जहि/KP शत्रुम्/NP महाबाहो/NP कामरूपम्/ASD दुरासदम्/NP ।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC
इति/AUD श्रीमद्भगवद्गीतासु/NS उपनिषत्सु/NS ब्रह्मविद्यायाम्/NP योगशास्त्रे/NP श्रीकृष्णार्जुनसंवादे/NP कर्मयोगः/NP नाम/NP तृतीयः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
।।/PUNC 3/PUNC ./PUNC 43/PUNC ।।/PUNC -/PUNC एवम्/AUD बुद्धेः/NP परम्/NV आत्मानम्/NP बुद्ध्वा/NP ज्ञात्वा/KKS संस्तभ्य/NP सम्यक्/NV स्तम्भनम्/NP कृत्वा/KKS आत्मानम्/NP स्वेन/SN एव/INTF आत्मना/NP संस्कृतेन/NP मनसा/NP सम्यक्/NV समाधाय/NP इत्यर्थः/NP ।/PUNC जहि/KP एनम्/SNV शत्रुम्/NP हे/ASMB महाबाहो/NP कामरूपम्/ASD दुरासदम्/NP दुःखेन/NP आसदः/KN आसादनम्/NP प्राप्तिः/NP यस्य/SN तम्/SN दुरासदम्/NP दुर्विज्ञेयानेकविशेषम्/NP इति/AUD ।।/PUNC 
इति/AUD श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य/NP श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य/NP श्रीमच्छंकरभगवतः/KN कृतौ/KN श्रीमद्भगवद्गीताभाष्ये/NP तृतीयः/SMKP अध्यायः/NP ।।/PUNC
